पार्षदों को चार माह से वेतन नहीं,हुआ करोड़ों रूपये का बजट पास – बीकानेर तहलका
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पार्षदों को चार माह से वेतन नहीं,हुआ करोड़ों रूपये का बजट पास

तहलका न्यूज,बीकानेर। वेटरनरी ऑडिटोरिम में सता व विपक्ष के हंगामे के बीच शहर की सरकार का प्रस्तावित बजट पारित हो गया। बजट और अनुमानित खर्च और नई योजनाओं को लेकर बजट में शहर के विकास के लिए कई नई योजनाओं को शुरू करने की बात कही गई है।बजट में कई प्रस्ताव दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि शहर के सांस्कृतिक विरासत के संगठन के साथ ही नई विकास योजनाओं को बजट में लिया गया है। मजे की बात तो यह है कि पिछले चार महीनों से पार्षदों के वेतन भत्ते के इंतजार में बैठे पार्षदों ने महापौर की ओर से पेश 419 करोड 52 लाख 46 हजार रु पए का प्रस्तावित बजट सदन में ध्वनिमत से पारित किया। प्रस्तावित बजट के लिए रखे गए व्यय विवरण में 99 करोड़ 05 लाख 77 हजार रुपए निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन-भत्ते,पेंशन ग्रेच्यूटी डीसीआरजी पर खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। यह राशि कुल बजट की लगभग 25 प्रतिशत है।हालात यह है कि पिछले बजट की घोषणाएं भी अभी तक पूरी नहीं हुई कि बजट में ऐसे कई नये प्रावधान व घोषणाएं की गई है। उनके पूरे होने की संभावनाओं पर संशय नजर आ रहा है। निगम का शताब्दी वर्ष होने के कारण इस बजट में शताब्दी वर्ष धूमधाम से मनाने के साथ शहर की उन प्रतिभाओं का सम्मान करना भी प्रस्तावित है,जो देश या विदेशों में रहकर शहर का नाम रोशन कर रहे है।इसके अलावा नगर सेठ लक्ष्मीनाथ मंदिर के पास बने रियासतकालीन ब्रिज को हटाकर वहां नया पुल बनाने का प्रस्ताव भी है। वहीं शिवबाड़ी के पास दो सौ बीघा जमीन एक बार फिर लीज पर दी जाएगी, ताकि खेती हो सके। बजट में नगर निगम का नया भवन भी नए साल में बनना शुरू होगा। इसकी घोषणा पिछले बजट में हो चुकी है,जिसे फिर से दोहराया गया है। दीन दयाल उपाध्याय सर्किल के पास पड़ी निगम की जमीन पर नया भवन तैयार करने के लिए इस बार टेंडर किया जाएगा। इसका प्लान बना लिया गया है। इस भवन पर करीब पांच करोड़ रुपए की लागत आ सकती है। नगर निगम ने पुष्करणा समाज के सावे पर महज पचास लाख रुपए का बजट आवंटित किया है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में इस दौरान सड़क, नाली, बिजली सहित अनेक काम होते हैं। इस बार इस कार्य के लिए पचास लाख रुपए का बजट तय किया गया है। जिसे कम माना जा रहा है।नगर विकास न्यास की तरह अब नगर निगम भी हॉर्डिंग्स, मिनी हॉर्डिंग्स,मिनी लाइट पाल,डिवाइडर हॉर्डिंग्स,ट्रेफिक लाइट हॉर्डिंग्स,गेट एंट्री सहित अनेक कार्यों के लिए अब ई बिड होगी। जिससे नगर निगम को इस कार्य से मिलने वाले राजस्व में भी बढ़ोतरी हो सकेगी। शहरी क्षेत्र में सड़क कार्यों के लिए दस करोड़ रुपए, नाली व क्रॉस मिलाने के लिए पांच करोड़, सीवर लाइन के लिए पांच करोड़ रुपए, सीवर लाइन ढक्कन एवं फरौ कवर के लिए दो करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।नगर निगम ने पिछले साल में पांच करोड़ रुपए की लागत से शहर में कई जगह श्मशान व कब्रिस्तान पर खर्च किए। अब आमजन के लिए नया शव वाहन खरीद की गई है। बजट में अग्निशमन व्यवस्था को सुधारने के तहत चार अग्निशमन वाहन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। शिव वैली में तीसरे अग्निशमन का कार्य पूरा हो चुका है, अगले कुछ दिन में इसे शुरू किया जाएगा।नगर निगम ने शहर के मुख्य सड़कों की सफाई के लिए दो नए वाहन उपलब्ध कराने का निर्णय किया है। सीवरेज संसाधनों में बढ़ोतरी करते हुए छह नए वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। चार नए मुवेबल टॉयलेट भी खरीदे जा रहे हैं। वहीं े गोगागेट डम्पिंग यार्ड पर स्थित कचरे को हटाने के लिए 36 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट बनाए गए हैं।इसके लिए वर्क ऑर्डर हो चुका है। यहां पर अब राम शरद वाटिका का निर्माण करना प्रस्तावित है। तो आवारा पशुओं को पकडऩे, मुख्य मार्गों एवं मुख्य बाजारों की सफाई के लिए दो वर्ष के अनुबंध पर सौ श्रमिक, कचरा परिवहन के लिए ट्रेक्टर निविदा के लिए तेरह करोड़ चालीस लाख रुपए खर्च होंगे। आवारा कुत्तों के बंध्याकरण के लिए भी योजन बन रही है। पार्षदों को चार से वेतन नहीं हालात यह रहे कि पार्षदों को वेतन नहीं मिलने से कई पार्षदों ने सदन के बाहर आकर मलाल जताया। पार्षद यह बतियाते नजर आएं कि करोड़ों का बजट पारित हुआ। पर हमारा वेतन चार माह से नहीं मिला। चलों इस बैठक की दिहाड़ी तो पक्की हुई। कांग्रेस एकजुट नहीं,नहीं दिखाई रूचि निगम के प्रस्तावित बजट में कांग्रेस एकजुट नजर नहीं आई। इसका नजारा कांग्रेस के विरोध के समय देखा जा सकता था। जब अंजना खत्री विरोध जता रही थी तो प्रतिपक्ष व अन्य महिला पार्षद दिखावें के तौर पर ही उनके साथ खड़ी नजर आई। वहीं अन्य पार्षदों ने भी भाजपा का विरोध करने में ज्यादा रूचि नहीं दिखाई। ऐसा लग रहा था मानों विपक्ष नाम की कोई चीज ही नहीं। हालात यह रहे कि एक दूसरे की टांग खिचाई के चलते कांग्रेसी पार्षदों ने बजट बैठक में किसी प्रकार का विरोध ही दर्ज करवाना उचित नहीं समझा। वहीं सदन के बाहर एक दूसरे पर आक्षेप लगाते नजर आएं। आयुक्त को सुनाई खरी खोटी साधारण सभा खत्म होने के बाद तिरराएं विपक्षी पार्षदों ने महापौर की गाड़ी के आगे विरोध जताते हुए आयुक्त को खरी खोटी सुनाई। पार्षद मनोज विश्नोई व अंजना खत्री का रोष था कि आवारा कुत्ते पकडऩे की निविदा त्वरित निकाली जाएं। साथ ही सफाईकर्मियों की वार्डों में नियुक्ति को लेकर भी काफी बहस हुई। इस बीच आयुक्त ने महापौर की गाड़ी को रवाना करवाते हुए पार्षदों को आश्वस्त किया कि आवारा कुत्तों को पकडऩे के लिये कल निविदा निकाल दी जाएगी।

420 वाला बजट उधर कांग्रेसी पार्षदों का आरोप है कि यह बजट 420 की फिगर को टच करता है। जिससे लगता है कि इसकी जमीनी हकीकत भी ऐसी ही होगी। फोटो फोटो की रही गूंज उधर जब महापौर बजट को पढ़ रही थी उस समय विपक्ष की अंजना खत्री और अन्य पार्षद विरोध जताने जब महापौर की कुर्सी के सामने पहुंचते तो सता पक्ष के पार्षद फोटो फोटो की आवाज से हंगामा करना शुरू कर देते। ऐसे में शोर शराबे के बीच महापौर ने बजट में प्रस्तावित बिन्दुओं को पढ़ दिया। झलकियां बजट का विरोध कर रहे विपक्ष के कई पार्षद तो माइक न देने से नाराज होकर स्पीकर के तार तोडऩे के लिये चले गये निर्दलीय पार्षद की सोने की अंगुठी बहस के दौरान सदन में गिरने पर भाजपा पार्षद सुधा आचार्य ने अंगुठी को वापस लौटाई तो विश्नोई ने आभार जताया दोनों दलों के पार्षदों को बजट के प्रावधानों की जानकारी नहीं होने पर महज औपचारिकता करते नजर आएं अंदर सदन में बजट को लेकर हंगामा चल रहा था वहीं सदन के बाहर शराबी होमगार्ड अपने रंग दिखा रहा था। जिसे बाद में साथी मोटरसाइकिल पर घर छोड़कर आएं इन घोषणाओं पर कार्य शुरू नहीं - नगरीय विकास कर की प्राप्ति के लिए पुन: सर्वे ही नहीं। -मुख्य स्थानों पर स्मार्ट अण्डर ग्राउण्ड बिन्स नहीं लगे। - निगम कार्यालय में बाबा साहेब व महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा स्थापित नहीं। - मुख्य बाजारों व व्यस्त मार्गो पर मल्टी स्टोरी पार्किंग का निर्माण नहीं। - गणगौर पार्क में गणगौर एवं ईसर की प्रतिमाएं नहीं लगी। - मुख्य कार्यालय का सम्पूर्ण जीर्णोद्धार नहीं हुआ। - गजनेर रोड पर कला एवं संस्कृति केन्द्र की नहीं हुई स्थापना। राजस्व प्राप्ति के प्रयास भी नहीं - आवासन मण्डल व नगर विकास न्यास में करोड़ों की राशि बकाया। - विद्युत विभाग से विद्युत सेस की राशि प्राप्त करने के प्रयास नहीं। - जलदाय विभाग से वर्षों से राशि प्राप्त नहीं । -हर तीन साल बाद यूडी टैक्स सर्वे का प्रावधान। 17 साल बाद भी सर्वे नहीं। - मोबाइल टावरों का नवीनीकरण शुल्क नहीं प्राप्त किया जा रहा। - आवासीय भूखण्डों का व्यावसायिक उपयोग हो रहा। कर अधिरोपित नहीं। -फायर सेस वसूली में भी उदासीनता।

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