पीएम के स्वच्छ भारत मिशन पर लगता पलीता,जनप्रतिनिधि आखिर मौन क्यों?

तहलका न्यूज,बीकानेर। एक ओर तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी घर घर शौचालय बनाकर स्वच्छ भारत की अलख जगाने का प्रयास कर रहे है। वहीं दूसरी ओर बीकानेर का जिला प्रशासन शहर उनके इस प्रयासों पर पानी फेर रहा है। जिसका जीता जागता उदाहरण बुधवार को देखने को मिला। जब शहर के अति व्यस्तम मार्ग पर बने एक मात्र महिला और पुरूष शौचालयों पर बुलडोजर चलाकर जमीदोज कर दिया गया। जिसकी चहुंओर निंदा हो रही है। बताया जा रहा है कि व्यापारियों की लंबे समय की मांग के बाद बने इस शौचालय को आखिरकार आज अतिक्रमण के नाम पर ढहा दिया गया। निगम के अधिकारियों का तर्क है कि ये शौचालय किसी प्रकार से उपयोगी नहीं थे। यहां असामाजिक तत्व अनैतिक कार्यों को अंजाम देते थे। जबकि हकीकत यह है कि शहर के इस अतिव्यस्तम मार्ग केईएम रोड पर महिला प्रसाधन नहीं है। जो लंबे अर्से बाद बनाया गया। उस पर भी आज प्रशासन का पीला पंजा चल गया। अतिक्रमण के नाम पर निगम की ओर से की जा रही इन हरकतों को लेकर अब जनता में आक्रोश के हालात बनने लगे है। मजे की बात तो यह है कि कोई भी जनप्रतिनिधि इस प्रकार की कार्यवाही को लेकर बोलने को तैयार नहीं है और चुप्पी साधे बैठे है।
बाजारों में नहीं है महिला शौचालय
हालात यह है कि शहर की व्यवस्थाओं में सुधार करने वालों को शायद इस बात की इतला ही नहीं है कि शहर के प्रमुख बाजारों में एक भी महिला शौचालय नहीं है। जबकि इस क्षेत्र में अनेक मार्केट व खुदरा के बाजार है,जहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में महिलाएं खरीदारी के लिये आती है। किन्तु इस सुविधा से वंचित होने के कारण शर्मसार होना पड़ता है। बड़ी मुश्किल से यह एक शौचालय बनाया गया था किन्तु इसे भी सौन्दर्यकरण की आड़ की भेंट चढ़ा दिया गया।
प्रथम नागरिक महिला,33 प्रतिशत महिला पार्षद व विधायक महिला
मंजर यह है कि शहर की प्रथम नागरिक महिला है,जिन्होंने 30 माह पहले पदभार ग्रहण करने के समय यह घोषणा की थी कि शहर के प्रमुख बाजारों में शौचालय निर्मित किये जाएंगे। किन्तु ऐसा होने की बजाय। जो था उस पर भी बुलडोजर चला दिया गया। वहीं बीकानेर पूर्व की विधायक भी महिला है और 80 वार्डों में से 33 प्रतिशत महिला पार्षद है। फिर भी जनप्रतिनिधियों की आवाज दबी हुई है।
तो क्या टूटेंगे कियोस्क
निगम प्रशासन ने शौचालय को तोडऩे का बड़ा कारण इसमें असामाजिक तत्वों की अनैतिक गतिविधियों होना बताया है। शहर में ऐसे कई कियोस्क भी है,जहां असामाजिक तत्वों ने अपनी शरणस्थली बना रखा है और उनमें जमकर अनैतिक गतिविधियां भी संचालित होती है। तो ऐसा मान लिया जाएं कि आने वाले समय में निगम की ओर से इन कियोस्कों को तोडऩे की कार्यवाही को अंजाम दिया जाएगा।

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