आईटीआई वाले छात्र न्याय के लिए किससे करें उम्मीद

 

तहलका न्यूज,बीकानेर।आईटीआई विभाग दिल्ली ने सरकारी लाखों रुपए खर्च कर स्वास्थ्य विभाग को ऑक्सीजन प्लांट ऑपरेटर एवं मैनेजर प्रशिक्षण देकर तैयार किए लेकिन राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने योग्यता को दरकिनार कर अकुशल लोग भी ऐसे ऑक्सीजन प्लांट चलाने को लगा दिए आईटीआई छात्रों का कहना है कि हमने अपना रोजगार छोड़कर 2 वर्ष आईटीआई की 1 वर्ष प्रशिक्षण में लगे रहे जिससे हमें ₹200000 की वित्तीय हानि हुई ना तो आईटीआई विभाग कोई हमारी ही रोजगार की पहल कर रहा है और ना ही रोजगार विभाग अप्लाई मेंट राजस्थान कोई हमारी ओर ध्यान दे रहा है स्वास्थ्य विभाग राजस्थान ने तो योग्यता को दरकिनार कर मनमर्जी नियम से अनट्रेंड अपने लोग लगा रखे हैं अन्य राज्यों में आईटीआई हमारे साथ प्रशिक्षण लेने वाले सभी छात्र नियुक्ति ले चुके हैं लेकिन राजस्थान में ऑक्सीजन प्लांट ऑपरेटर एवं ऑल इंडिया प्रशिक्षण टेस्ट पास कर 286 प्रशिक्षणार्थी न्याय के लिए सभी जगह प्रयास कर चुके हैं कोई भी आश्वासन कहीं से नहीं मिल पा रहा है जो कि भारत सरकार के नोटिफिकेशन मैं आईटीआई एवं ऑक्सीजन प्लांट ऑपरेटर का सर्टिफिकेट कंपलसरी है ऑक्सीजन प्लांट ऑपरेटर के लिए जो कि केवल राजस्थान में मात्र 286 छात्र ऑल इंडिया टेस्ट देकर पास किए गए थे मात्र 286 छात्रों को सरकार रोजगार नहीं दे पा रही है जो कि अपनी योग्यता के आधार पर सरकार से निवेदन कर रहे हैं कि हमारी योग्यता को देखा जाए हमारी योग्यता को दरकिनार नहीं किया जाए इसको लेकर आईटीआई के छात्रों में भारी रोष है एवं राजस्थान में आईटीआई संचालक भी उक्त प्रकरण से विचलित हैं राजस्थान में अट्ठारह सौ आईटीआई हैं जब उनको उनके छात्रों को रोजगार ही नहीं मिलेगा तो कौन आईटीआई करेगा उक्त प्रकरण में राजस्थान आईटीआई एसोसिएशन कई बार पत्र लिख चुकी है राजस्थान प्राविधिक शिक्षा निदेशालय आईटीआई विभाग जोधपुर को भी उक्त छात्रों की रोजगार की मांग को आगे रखना चाहिए एवं डीजीईटी दिल्ली ने जो ट्रेनिंग कराई है उच्च अधिकारियों को शीघ्र छात्रों की मांग को ध्यान रखना चाहिए कि लाखों रुपए खर्च कर छात्रों को समय भी खर्च किया लेकिन अपनी योग्यता को लेकर घर बैठे हैं जिससे छात्र आगे कुछ कर सकें कि उक्त छात्रों की शीघ्र सुनवाई की जावे एवं इनकी योग्यता को दरकिनार नहीं किया जावे और इनको शीघ्र नियुक्ति दी जावे

Leave a Reply

Your email address will not be published.