विद्युत निगम ने मुख्य अभियंता ने ये क्या दी चेतावनी,मचा है हड़कंप

तहलका न्यूज,बीकानेर। विद्युत कटौती के विरोध में शुक्रवार को भाजपा की ओर से जोधपुर विद्युत वितरण निगम के संभागीय मुख्य अभियंता कार्यालय में हुए घटनाक्रम को लेकर डिस्कॉम के अधिकारी व कार्मिक लामबंद हो गए है। शनिवार को खुद मुख्य अभियंता एम आर मीणा सहित डिस्कॉम के अधिकारियों व कार्मिकों ने ऊर्जा मंत्री भंवरसिंह भाटी से मुलाकात कर उनको ज्ञापन सौंपा। शिष्टमंडल ने अवगत करवाया कि गर्मी संकट पूरे देश में है। ऐसे हालात में भी उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उसके बाद भी भाजपाईयों द्वारा मुख्य अभियंता के साथ किये गये व्यवहार से विद्युतकर्मियों में भय का माहौल है। ज्ञापन में दोषी लोगों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए 3 मई तक का अल्टीमेटम दिया है। यदि इस अवधि के दौरान आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो तमाम डिस्कॉम के अधिकारियों व कार्मिकों ने कार्य का बहिष्कार व आन्दोलन की चेतावनी दी है। यहीं नहीं मीणा ने कहा कि वे आमरण अनशन शुरू करेंगे। आपको बता दें कि इस मामले को लेकर भाजपा नेताओं के खिलाफ थाने में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है।
भाजपा नेताओं पर FIR दर्ज
जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के डिविजनल चीफ इंजीनियर एमआर मीणा ने बीकानेर भाजपा नेताओं के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने और जातिसूचक गाली गलौच करने का मामला जयनारायण व्यास कॉलोनी थाने में दर्ज कराया है। दरअसल, भाजपा नेताओं ने शुक्रवार सुबह चीफ इंजीनियर के ऑफिस में विरोध प्रदर्शन किया और बाद में उन्हें जबरन कमरे से बाहर धूप में लाकर बिठा दिया। व्यास कॉलोनी पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।बताया जा रहा है कि एफआईआर में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष माधो राम के अलावा शहर भाजपा अध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह, पूर्व अध्यक्ष सत्यप्रकाश आचार्य, उपाध्यक्ष मोहन सुराना, वेद व्यास सहित अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि विरोध करने वालों ने जबरन उनके कक्ष में हल्ला किया और वहां तोड़फोड़ की। वहीं जातिसूचक बातें भी की। ऐसे में व्यास कॉलोनी पुलिस ने राजकार्य में बाधा डालने के साथ ही एससी, एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया है।
ऐसे बिगड़ी बात
दरअसल, भाजपा नेताओं से बातचीत के दौरान डिविजनल चीफ इंजीनियर एम आर मीणा ने समझाइश का प्रयास किया लेकिन किसी ने कह दिया कि आप यहां एसी में बैठकर इस तरह की बात कर रहे हो। इस पर कुछ कार्यकर्ताओं ने उन्हें जबरन बाहर ले जाने के लिए उकसाया। पुलिस ने बीच बचाव भी किया लेकिन भीड़ ज्यादा होने के कारण उनकी नहीं चली। मीणा को जबरन ऑफिस से बाहर पार्क में ले आए। इस दौरान भी दोनों पक्षों में तनातनी हो गई।


Leave a Reply

Your email address will not be published.