कर्मचारियों को लेकर ये क्या बोले सीएम गहलोत,देखे विडियो

तहलका न्यूज,बीकानेर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शनिवार को बीकानेर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा- मैं कहीं भी रहूं, राजस्थान का हूं, मारवाड़ का हूं, जोधपुर का हूं, महामंदिर का हूं। जहां मैं पैदा हुआ, उससे कैसे दूर हो सकता हूं। जिंदगी के अंतिम सांस तक कहीं भी रहूं, सेवा करता रहूंगा। जो कहता हूं उसके कुछ मायने होते हैं। गहलोत ने स्पष्ट कर दिया कि वो राजस्थान छोड़कर कहीं जाने वाले नहीं है। उनके इस बयान को मुख्यमंत्री पद से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
गहलोत से जब मानेसर वालों को सजा देने का सवाल पूछा तो बातचीत को खत्म करते हुए नमस्कार करते हुए निकल गए। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में 2 प्रतिशत पद खिलाड़ियों के लिए आरक्षित कर दिए हैं। खिलाड़ियों को डीएसपी स्तर के पदों पर नियुक्ति दी जा रही है। 229 खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति दी गई है। विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्द्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 3 करोड़ तक की पुरस्कार राशि दी जा रही है। इसके अलावा पदक विजेता खिलाड़ियों को 25 बीघा जमीन आवंटित करने का भी प्रावधान किया गया है। खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने हेतु उनके लिए पेंशन योजना शुरू की गई है। दूसरे राज्यों या केन्द्र में कार्यरत खिलाड़ियों को पदक जीतने पर राजस्थान में पे-प्रोटेक्ट करते हुए नियुक्ति दी जा रही है। ग्रामीण ओलंपिक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में कॉन्ट्रेक्चुअल पदों पर भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी।
कर्मचारियों से डायलॉग नहीं, तो हार गए
गहलोत ने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा- बार बार सरकार बदल देते हैं। मेरे अच्छे काम होते हैं। तब भी आप हवा में बह जाते हैं। एक बार कर्मचारी मेरे विरोध में हो गए थे। हमारा डायलॉग नहीं हो पाया था, नाराज हो गए थे। उन्होंने गांठ बांध ली थी। हमने गलती मान ली, हमारा डायलॉग रहता तो ये स्थिति नहीं बनती कि हार जाते। फिर देश में मोदी जी का माहौल बना। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में हम जीत रहे थे, लेकिन हार गए। राजस्थान भी हार गए। मैं जनता से रिक्वेस्ट कर रहा हूं कि आप एक मौका और दें हमें। ईआरसीपी के लिए मैं संघर्ष कर रहा हूं।
कबड्डी मैच में दर्शक बने, खिलाडिय़ों के बीच पहुंचे
गहलोत ने राजीव गांधी ग्रामीण ओलिंपिक में खेलने आए खिलाडिय़ों के बीच में जाकर काफी समय बिताया। प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए खिलाड़ी के साथ रहे। इस दौरान कबड्‌डी का फाइनल मैच देखा। उन्होंने खिलाडिय़ों के दाव पेच पर प्रभारी मंत्री से चर्चा भी की।
ग्रामीण ओलंपिक में जीते तो रोजगार
गहलोत ने कहा- राजीव गांधी ग्रामीण ओलिंपिक खेलकूद में जो जीतेंगे, उन्हें सरकारी नौकरी में संविदा पर रखने के प्रयास हो रहे हैं। हम कोशिश करेंगे कि गांवों में, कस्बों में ऐसे खिलाडिय़ों को रोजगार देने में प्राथमिकता रखें।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। वर्तमान कार्यकाल में 1 लाख से अधिक पदों पर भर्तियां की जा चुकी है। 1.29 लाख पदों पर भर्ती का कार्य प्रक्रियाधीन है। 1 लाख युवाओं को रोजगार देने की घोषणा सरकार द्वारा बजट में की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाला बजट युवाओं और किसानों को समर्पित होगा।
मगन सिंह को याद किया
भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान रहे मगन सिंह को अशोक गहलोत ने याद किया। मगन सिंह इस कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। गहलोत के साथ शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया ने भी मगन सिंह और चिमन सिंह को याद किया।
विजेताओं से बातचीत की
पुरस्कार लेने आए खिलाडिय़ों से गहलोत ने बातचीत की। उन्हें खेल के बारे में पूछा और आगे बढऩे के लिए शुभकामनाएं दी। एक महिला साइक्लिस्ट को शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के विधायक कोटे से आठ लाख रुपए की साइकिल भेंट की गई। इस साइक्लिस्ट से भी गहलोत ने साइकिल के बारे में जानकारी ली।
डूडी की अनुपस्थिति पर सवाल
इस कार्यक्रम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी उपस्थित नहीं थे, जबकि पिछले दिनों उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ की यात्रा के दौरान डूडी दिल्ली से ही उनके साथ आए थे। जबकि कभी डूडी के कट्‌टर समर्थक रहे भूदान बोर्ड के अध्यक्ष लक्ष्मण कड़वासरा, केशकला बोर्ड के अध्यक्ष महेंद्र गहलोत उपस्थित थे। इन दोनों को राज्य मंत्री का दर्जा मिला हुआ है। इसके अलावा महिला आयोग अध्यक्ष रेहाना रियाज, शहर अध्यक्ष यशपाल गहलोत, पूर्व मंत्री वीरेंद्र बेनीवाल, कन्हैयालाल झंवर, मंगलाराम गोदारा, सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष कमल कल्ला सहित कई नेता उपस्थित रहे।
ये मंत्री रहे गहलोत के साथ
इस दौरान शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, आपदा मंत्री गोविन्द मेघवाल, प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया, ऊर्जा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी, डॉ बी आर अम्बेडकर पीठ के महानिदेशक मदन गोपाल मेघवाल भी गहलोत के साथ रहे। एग्रो बोर्ड के चैयरमेन व पूर्व सांसद रामेश्वर डूडी कार्यक्रम में मौजूद नहीं रहे। जबकि कई बोर्ड के अध्यक्ष मंच पर थे।
अभिलेखागार का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज एक दिवसीय दौरे पर बीकानेर आएं। इस दौरान उन्होंने न केवल राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक खेलों का निरीक्षण किया। बल्कि राजस्थान राज्य अभिलेखागार भी गए। जहां उन्होंने अभिलेख म्यूजियम मेें पूर्व के विविध राजपूत रजवाड़ों के मूल दस्तावेजों तथा मुगलकालीन इतिहास स्रोतों के विविध स्वरूपों की मूल्यवान श्रृंखलाओं के अद्वितीय खजाने को देखा। इसके अलावा मुगलकालीन फरमान, निशान, मन्सूर, अर्जदास्त, ताम्रपत्र, रजत पत्र, सियाह हुजूर, अखबार, वकील रिपोट्र्स, तोजियों, बहियों, रूक्कों, परवानों और प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों की संघर्ष यात्रा, प्रजामंडल तथा अन्य विविध रूपों में मूल्यवान जानकारियों से युक्त ऐतिहासिक मूल दस्तावेजों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ डॉ महेन्द्र खडग़ावत ने दस्तावेजों की जानकारी दी।

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