गोविन्दराम के बेटे पर हमले के लिए हथियारों की होनी थी खरीद, तीन गिरफ्तार

तहलका न्यूज,बीकानेर।राज्यसभा चुनाव की बाड़ेबंदी के दौरान केबिनेट मंत्री गोविन्दराम मेघवाल से फिरौती मांगने वाले बदमाश उनके बेटे और पूगल पंचायत समिति के प्रधान गौरव मेघवाल पर हमला करने के लिए हथियार खरीदने की तैयारी में थे। इस बीच पुलिस ने दो युवकों और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं हथियार खरीदने की फिराक में इधर-उधर भाग रहे बदमाशों की गिरफ्तारी का प्रयास चल रहा है।बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश ने बताया कि इस मामले में मास्टर माइंड राजेश उर्फ राजू बिश्नोई और रफीक उर्फ राजा खान को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक नाबालिग भी धमकी देने की योजना में शामिल था। उसे भी निरुद्ध किया गया है।

पुराने मामले की रंजिश है मंत्री से

दरअसल, मंत्री गोविन्दराम को धमकी देने में लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप का संपर्क नहीं है। छह दिसम्बर 21 को खाजूवाला के ग्राम सात एसएसएम में सरपंच खलील खान के साथ मारपीट हुई थी। उसी मारपीट के मामले में जिन लोगों के खिलाफ चालान पेश हुआ, उनमें राजेश उर्फ राजू बिश्नोई भी था। राजू विदेश में जाकर काम करना चाहता था लेकिन इस मारपीट के मामले में उसके खिलाफ चालान पेश होने से मामला अटक गया। गोविन्दराम मेघवाल पर खलील खान को समर्थन देने का आरोप लगाते हुए राजू बिश्नोई ने उस पर दबाव बनाने का निर्णय किया। इस काम में उसने मलेशिया में रहने वाले सेठीराम उर्फ सुनील बिश्नोई से संपर्क किया। सुनील ने ही मलेशिया से गोविन्दराम मेघवाल को कॉल करके धमकाया व सत्तर लाख रुपए की फिरौती मांगी। इतना ही नहीं उसे गौरव और सरीता मेघवाल की व्हाट्सएप फोटो भी भेजी। योजना थी कि फिरौती नहीं देने पर गौरव मेघवाल को धमकाया जाएगा। इसके लिए हथियार खरीद की जिम्मेदारी दी गई। ये काम गुरविंद्र सिंह उर्फ सेरी यादव को सौंपा गया। पुलिस अब इसी गुरविंद्र को गिरफ्तार करने की तैयारी में है। एक टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए लगा दी गई है।

सौ से ज्यादा पूछताछ
इस मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस की साइबर टीम ने जबर्दस्त काम किया। साइबर टीम के दीपक यादव के प्रयास से सौ से ज्यादा संदिग्धों की सूची तैयार की गई। जिस नंबर से गोविन्दराम मेघवाल के पास कॉल आया था, उसी नंबर पर पिछले दिनों में कॉल करने वाले हर शख्स से पूछताछ हुई। इस दौरान तीन महिलाएं भी संदिग्ध थी। हालांकि बाद में उनकी धमकी मामले में कोई भूमिका नहीं मिली। ये महिला मित्र थी और इनसे लगातार बातचीत हो रही थी।

इनका रहा सहयोग
इस मामले को ट्रेस आऊट करने में उपाधीक्षक नरेन्द्र पूनिया,वृत्ताधिकारी सदर पवन भदौरिया,डीएसटी प्रभारी महेन्द्र दत,जेएनवीसी थानाधिकारी महावीर प्रसाद,खाजूवाला थानाधिकारी अरविन्द सिंह,श्रीडूंगरगढ़ थानाधिकारी वेदपाल,नोखा थानाधिकारी ईश्वर प्रसाद,छत्तरगढ़ थानाधिकारी जयकुमार,कोतवाली थानाधिकारी नवनीत सिंह,थानाधिकारी जसरासर देवीलाल,साईबर सैल के हैड कानि दीपक यादव,दिलीप सिंह,हैड कानि विमलेश कुमार,हैड कानि विजय सिंह,रोहिताश भारी,कानि सुनील,सूर्यप्रकाश,रघुवीर दान,सतीश कुमार,रामेश्वर,वासुदेव,श्रीराम व राकेश का विशेष योगदान रहा।

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