भगवान सूर्य के पूजन के दौरान गूंजे पारम्परिक लोकगीत,जाने क्यों

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तहलका न्यूज,बीकानेर। आस्था और श्रद्धा का पर्व छठ पूजा रविवार को पूजा -अर्चना के साथ मनाया गया। व्रती महिलाओं ने तालाबों सहित गली-मोहल्लों और खुले परिसरों में पानी की कुंडियों में भरे हुए जल में खड़े रहकर अस्त होते सूर्य का परंपरा अनुसार पूजन कर संतान की दीर्घायु और घर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। सागर स्थित तालाब परिसर में मेले सा माहौल रहा। बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं ने विविध पूजन सामग्री से पूजा-अर्चना कर जल से भगवान सूर्य को अघ्र्य दिया। छठ पूजन और भगवान सूर्य के पूजन के दौरान पारंपरिक लोकगीत गूंजते रहे। वहीं शहर के विभिन्न क्षेत्रों में परंपरानुसार पूजा -अर्चना और अस्त होते सूर्य का पूजन किया गया। धरणीधर तालाब में भी छठ पूजन का आयोजन हुआ।
लोकगीतों की गूंज
छठ पूजन के दौरान लोक संस्कृति की झलक सागर तालाब परिसर में रही। महिलाओं ने लोक संस्कृति और लोक परंपरा अनुसार पूजा -अर्चना कर पारंपरिक लोक गीत और भक्ति गीतों का गायन किया। पारंपरिक वस्त्र -आभूषण से शृंगारित होकर व्रती महिलाओं ने भगवान सूर्य को अघ्र्य देकर पूजन किया।
इनसे हुआ पूजन
छठ पूजा में महिलाओं ने पारंपरिक रूप से केला, विभिन्न प्रकार के फल, गन्ना, धूप, दीप, नैवेद्य, मिट्टी से बनी मटकी, दीपक, कठुआ, गुंजिया, पुष्प सहित विविध पूजन सामग्री से छठ पूजन किया। सागर व धरणीधर तालाब सहित डुप्लेक्स कालोनी, जस्सूसर गेट, आरसीपी कॉलोनी, गोपेश्वर बस्ती, रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र, करणी नगर, सूरसागर के पास स्थित माताजी मंदिर, जयपुर रोड स्थित विभिन्न क्षेत्रों आदि में छठ पूजन पारंपरिक रूप से हुआ।

शहर में लगे ‘वाहे गुरु का खालसा, वाहे गुरु की फतेहÓ
तहलका न्यूज,बीकानेर। गुरूनानक देव के 533 वें प्रकाश पर्व मनाया जाएगा। रविवार को बीकानेर में गुरु नानक जयंती के उपलक्ष्य पर सिक्ख समाज के लोगों ने नगर कीर्तन निकाला। यह नगर कीर्तन शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए गुरुद्वारा पहुंचा और इसमें हजारों की संख्या में सिक्ख समाज के लोग, बच्चे और महिलाएं भी शामिल हुई। नगर कीर्तन में सिक्ख समाज के लोगों ने ‘वाहे गुरु का खालसा, वाहे गुरु की फतेहÓ के जयकारे लगाए। इस नगर कीर्तन का जगह-जगह पर विभिन्न सम्प्रदाय के लोगों और शहरवासियों ने स्वागत किया। अनेकता में एकता की मिसाल देखने को मिली। इस नगर क ीर्तन का उद्देश्य आपसी भाईचारे को बढ़ाना और शांति व सद्भाव को बनाए रखना है। गुरूनानक देव के प्रकाश पर्व पर अनेक आयोजनों की श्रृंखला में 6 नवम्बर को अखंड पाठ साहब का प्रकाश किया जाएगा। 8 नवम्बर को भोग अखंड पाठ के अलावा दीवान सजेगा व कीर्तन तथा व्याख्यान के कार्यक्रम भी होंगे। बाद में गुरू का अटूट लंगर होगा।

पूर्व सैनिकों-परिजनों को दिया सम्मान
तहलका न्यूज,बीकानेर। भारतीय सेना के रणबांकुरा डिविजन द्वारा भूतपूर्व सैनिक कल्याण रैली का आयोजन डॉ करनी सिंह स्टेडियम में किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को पेंशन, चिकित्सा और दस्तावेज सम्बन्धी समस्याओं का निवारण करना था । संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ रणबाकुंरा डिविजन मेजर जनरल समर्थ नागर ने कहा कि देश हमेशा गौरव सैनानियों का और उनके परिवारों का ऋणी रहेगा। वीर नारियों और भूतपूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए मेजर जनरल समस्थ नागर ने हमारे भूतपूर्व सैनिकों की शिकायतों के समाधान के लिए भारतीय सेना द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने एक रूपरेखा योजना भी दी जिसे भूतपूर्व सैनिकों और वीर नारियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए एक सक्रिय उपाय के रूप में क्रियान्वित किया जाएगा।
सेना ने पूर्व सैनिकों एवं परिवारों की सहायता के लिए कई स्टॉल लगाए थे। इनमें रिकॉर्ड कार्यालयों, भर्ती, पुनर्वास, सेना कल्याण शिक्षा सोसायटी, भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना, बैंक और बीमा, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय और कई अन्य शामिल थे। जिला कलेक्टर बीकानेर के सहयोग से राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों ने भी बड़े उत्साह के साथ भाग लिया । कृषि, स्वास्थ्य, मत्स्य पालन, बिजली, सिंचाई, जलापूर्ति और पुलिस सहायता से संबंधित राज्य विभाग के स्टॉल भी बड़ी संख्या में लगाए गए।रैली में न केवल भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) और जिला सैनिक बोर्ड के माध्यम से पूर्व सैनिकों की विभिन्न समस्याओं को हल करने पर ध्यान केंद्रित किया गया, बल्कि वीर नारियों और पूर्व सैनिकों को उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। विकलांग और वृद्ध सैनिकों और उनके आश्रितों को मोबिलिटी वाहन और व्हीलचेयर उपहार में दिए गए। इनके अलावा बड़ी संख्या में आश्रितों को छात्रवृत्ति, सिलाई मशीन और वित्तीय सहायता के रूप में सहायता प्रदान की गई। लगभग 1300 से अधिक निकटतम परिजनों और भूतपूर्व सैनिकों ने रैली में भाग लिया।

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