700 साल से खौफ के साये में यह गांव,जाने क्या है वजह

तहलका न्यूज,बीकानेर। भौतिकवादी इस युग में शान और शौकत के जरिये प्रभावित करना एक फैशन सा बन गया है। चाहे वो पहनावा हो या फिर आलिशान मकान। लेकिन कभी आपने सुना है कि श्राप के चलते दो मंजिला मकान का निर्माण नहीं होना। नहीं ना,किन्तु बीकानेर संभाग का एक ऐसा गांव है। जहां इस प्रकार का डर यहां के ग्रामीणों में है। संभाग के चूरू जिले के सरदारशहर तहसील के उडसर गांव में ऐसा ही देखा जा सकता है। इस गांव में पिछले 700 साल से किसी ने बहुमंजिला तो दूर दो मंजिला मकान भी नहीं बनवाया है। ग्रामीणों का मानना है कि पूरे गांव को कोई श्राप है, जो घर की दूसरी मंजिल बनाएगा उसके परिवार पर विपदा आ जाएगी। ग्रामीणों की माने तो 700 साल पहले इस गांव भोमिया नाम का एक व्यक्ति रहता था। भोमिया की पत्नी सती हो गई थी और पूरे गांव को उसने श्राप दिया था।
यह है बड़ी वजह
एक किवदंती के अनुसार उडसर गांव में करीब 700 साल पहले भोमिया नाम का एक व्यक्ति रहता था। एक दिन उसे गांव में लुटेरे आ गये और मवेशियों को चुरा कर ले जाने लगे। इस पर भोमिया लुटेरों से अकेला भिड़ गया,लेकिन लूटरों ने उसे लहूलुहान कर दिया। उसके बाद भोमिया दौड़ते-दौड़ते अपने ससुराल पहुंच गया और वहां दूसरी मंजिल पर जाकर छिप गया. लेकिन, भोमिया के पीछे-पीछे लूटरे भी वहां पहुंच गए।लुटेरों ने भोमिया के ससुराल वालों के साथ भी मारपीट की। इसे देख भोमिया फिर उनसें से भिड़ गया। लेकिन उन्होंने भोमिया का गला काट दिया। भोमिया बिना धड़ के लड़ते-लड़ते गांव की सीमा तक आ पहुंचा। आखिर में भोमिया का धड़ उडसर गांव में गिरा। जिसकी याद में यहां लोगों ने भोमिया जी का मंदिर बनाया है। ग्रामीणों का कहना है कि भोमिया की मौत के बाद उनकी पत्नी ने गांव वालों को श्राप दिया कि अगर कोई भी गांव में अपने घर की दूसरी मंजिल पर मकान या कमरा बनाया तो उस पर विपदा आ जाएगी। मान्यता है कि उस दिन के बाद से उड़सर गांव में किसी भी व्यक्ति ने अपने मकान की दूसरी मंजिल नहीं बनाई। यहां तक की नए बनाए जाने वाले मकान में भी दूसरी मंजिल नहीं होती। हालांकि इस घटना का कोई ऐतिहासिक सबूत नहीं है।

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