संकट में आए इस परिवार को मिले सहारा,प्रदर्शन कर मांगा हक

न्याय की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
रैली में दिखा आक्रोश
तहलका न्यूज,बीकानेर। पवन पडिहार को न्याय दो, दोषी पुलिस कर्मचारियों को बर्खास्त करो, सैन एकता जिंदाबाद सहित पवन के परिजनों को मुआवजा देने तथा अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को सैन समाज की महिलाओं और पुरुषों ने कलक्टर कार्यालय के सामने जमकर प्रदर्शन किया तथा एक प्रतिनिधिमण्डल ने पुलिस अधीक्षक सहित उच्चाधिकारियों को ज्ञापन देकर न्याय दिलाए जाने की मांग की है! इससे पूर्व सैन समाज के बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने रतन बिहारी पार्क में एकत्रित होकर सभा की और तत्पश्चात वहां से पैदल कलक्टरी कार्यालय की ओर प्रदर्शन करते हुए रवाना हुए! महिलाओं एवं पुरुषों ने हाथों में तख्तियां लिए, जिनपर सैन एकता जिंदाबाद, पवन पडिहार को न्याय दो, दोषियों को बर्खास्त करो के नारे लिखे एवं बैनर लिए चल रहे थे! जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले ही पवन पडिहार को म्यूजियम सर्किल पर पुलिस की जीप ने जोरदार टक्कर मार दी थी!इससे उसके सर पर गंभीर चोट लगी, इतना ही नहीं गाड़ी चला रहे पुलिस के जवान ने पवन पडिहार के पैर के ऊपर से गाड़ी निकाल दी, इसके बाद गंभीर अवस्था में जयपुर ले जाया गया! जहां जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए आखिरकार जान बच गई लेकिन डॉक्टर की माने तो कम से कम एक साल तक वह किसी काम करने की स्थिति में नहीं है! इसके चलते परिवारजन पर आर्थिक संकट आ गया है! प्रदर्शन करने एवं ज्ञापन देने वालों में जयनारायण मारु, एडवोकेट नितिन मारु, पार्षद पारस मारु, समाजसेवी विजय कुमार वर्मा, प्रताप मारु,शंभु मारु, एडवोकेट भगवान मारु, विकास मारु, पुखराज मारु, कमल सैन सहित अन्य लोग शामिल थे!

ये है मामला
19 जुलाई को पुलिस विभाग की गाड़ी जिसमें कांस्टेबल अजय सिंह एवं महीपाल ने शराब के नशे में, तेज गति व लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए मेजर पूर्णसिंह सर्किल पर पवन कुमार पडि़हार को गम्भीर रूप से घायल कर दिया था। दुर्घटना के बाद पुलिसकर्मिया ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने में लापरवाही की और वहां उपस्थित जनसमूह के विरोध के बाद बीकानेर के ट्रोमा सेंटर पहुंचाया जहां खून ज्यादा बहने और पैर की हड्डिया अधिक टूट जाने के कारण डाक्टरों ने उन्हें तुरंत जयपुर के लिए रेफर कर दिया। एसएमएस अस्पताल जयपुर के ट्रोमा सेन्टर में 20 जुलाई को डाक्टरों ने पवन दाहिने पैर के 2 अमरजेसी ऑपरेशेन किए तथा दुर्घटना के कारण पैर की चमड़ी ज्यादा खराब हो जाने के कारण एसएमएस अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डाक्टरों ने उनकी प्लास्टिक सर्जरी की लगभग 10 दिन इलाज के बाद 29 जुलाई जयपुर से डिस्चार्ज कर दिया और एक वर्ष तक बेड रेस्ट के निर्देश दिये। गरीब मजदूरी पेशा परिवार है।

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