आयुक्त की वायरल फोटो पर शुरू हुआ चटकारों का दौर

तहलका न्यूज,बीकानेर। बीकानेर नगर निगम अब राजनीति का बड़ा अखाड़ा बन गया है। जहां सता पक्ष और आयुक्त तो आमने सामने है। वहीं कांग्रेस की प्रतिपक्ष नेता ने मोर्चा खोलते हुए इस्तीफे की पेशकश कर दी है। ऐसे में अब यह मामला जयपुर के गलियारों में घूम रहा है। हालात यह है कि लंबे समय बाद निगम की बैठक बुलाकर महापौर को घेरने की रणनीति कांग्रेस के लिये ही भारी पड़ गई। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा ए आम है कि आयुक्त गोपालराम के लिये भी यह बैठक गले की फांस बनती नजर आ रही है। अपने बचाव के लिये सचिवालय से मंत्रियों व भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष की चौखट चूम चूके है। जिसकी फोटो वायरल होने के बाद अब चटकारों का दौर शुरू हो गया है। कई इसे शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला द्वारा भाव न देने पर उठाया गया कदम बता रहे है तो कई पूनिया को महापौर से समझौते की गुहार लगाने की बात कह रहे है। लेकिन मौजूद घटनाक्रम से नगर निगम बीकानेर की छवि व सरकार के ही मंत्रियों द्वारा लालफीताशाही के हावी होने की बात को बलवती होती नजर आ रही है। कई जने तो दबी जुबां में यह तक कहते नजर आ रहे है कि अपने ही बुने जाल में आयुक्त फंस गये। उनको न तो सता और न ही विपक्षी पार्षदों का साथ मिला। जिसके दम पर आयुक्त उछल रहे थे। उन्होनें भी पल्ला झाड़ लिया है। फिलहाल माजरा क्या है,ये तो राज्यसभा के चुनावों के बाद ही सीएम के एक्टिव मोड में आने के बाद ही पता चलेगा। परन्तु भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के साथ आयुक्त की फोटो वायरल ने चर्चाओं का बाजार जरूर गर्म कर दिया है। जानकारों का मानना है की आयुक्त द्वारा की गई असंवैधानिक साधारण सभा की बैठक और मुख्यत: प्रशासन शहरों के संग अभियान के आंकड़ों में की गई गड़बड़ी बड़ा कारण है जिससे उन पर बड़ी कार्यवाही हो सकती है। आयुक्त ने इन 2 दिन में डीएलबी निदेशक, प्रमुख शासन सचिव और मुख्य सचिव से भी मिलकर अपना पक्ष रखने की कोशिश की। महापौर, भाजपा पार्षदों तथा नेता प्रतिपक्ष समेत विपक्ष के बड़ी संख्या में पार्षद इस बात को लेकर अडिग हैं की 27 मई को हुई असंवैधानिक बैठक निरस्त हो और आयुक्त द्वारा दी गई धमकियों और अभियान के आंकड़ों में की गई गड़बड़ी पर तत्काल कार्यवाही हो। ऐसा पहली बार हुआ है की सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष भी एक मुद्दे पर साथ नजर आए।
नेता प्रतिपक्ष डोटासरा पीसीसी चीफ को इस्तीफा देने जाएंगी
उधर महापौर के बाद नेता प्रतिपक्ष चेतना डोटासरा ने भी आयुक्त की शिकायत लेकर जयपुर जाने की तैयारी की है। उनका कहना है कि जिस तरह से आयुक्त ने पार्षदों को बैठक में ना आने पर निलंबित करने की धमकी दी है वह निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का अपमान है।इसलिए सभी पार्षद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को ही अपना इस्तीफा सौंपेंगे। डोटासरा ने कहा कि निगम आयुक्त और महापौर ने मिलकर शहर का विकास रोक दिया। एक-दो दिन में पार्षदों के साथ जयपुर जाकर पीसीसी चीफ को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। चेतना ने आयुक्त से साधारण सभा के संबंध में लिखित में जानकारी मांगी है।

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