22 23 एम एम स्कूल प्रबंधन की हठधर्मिता का खामियाजा भुगत रहे खिलाड़ी,खिलाडिय़ों की सरकार की मंशा को लग रहा धक्का - बीकानेर तहलका

एम एम स्कूल प्रबंधन की हठधर्मिता का खामियाजा भुगत रहे खिलाड़ी,खिलाडिय़ों की सरकार की मंशा को लग रहा धक्का

तहलका न्यूज,बीकानेर। एक ओर से तो खेलो इंडिया खेलो के जरिये ग्रामीण व शहरी खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिये सरकार प्रयासरत है। वहीं दूसरी ओर सरकार के खेल मैदानों पर स्कूल संचालकों की ओर से तानाशाही रवैया किया जा रहा है। जिसका खामियाजा खिलाडिय़ों को भुगतना पड़ रहा है। जिसको लेकर तीरदांजी करने वाले खिलाडिय़ों ने आज जिला कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर एम एम स्कूल की तानाशाही नीति पर रोष जाहिर किया। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज दे रहे बीकानेर में खिलाडिय़ों के साथ खुद शिक्षा विभाग का व्यवहार ही खराब है। हालात ये है कि तीरंदाजी प्रशिक्षण ले रहे खिलाडिय़ों की जगह को यहां के सरकारी स्कूल ने लॉक कर दिया है, यहां तक कि शौचालय तक बंद कर दिया है ताकि तीरंदाज परेशान हों। शुक्रवार को इन तीरंदाजों ने कलक्टरी के आगे पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।तीरंदाजी प्रशिक्षक गणेश व्यास ने शुक्रवार को कलक्टरी में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि एमएम ग्राऊंड में पिछले बीस साल से तीरंदाज तैयार हो रहे हैं। इन सालों में अनेक नेशनल प्लेयर तैयार हुए हैं तो श्याम सुंदर स्वामी जैसे अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज भी इसी ग्राऊंड पर प्रेक्टिस कर चुके हैं। ये मैदान एमएम स्कूल के अधीन है। ऐसे में अब स्कूल पीटीआई सहित अन्य प्रबंधन इन खिलाडिय़ों को परेशान कर रहा है ताकि ग्राऊंड खाली कर दें। पिछले दिनों उस कमरे पर ताला लगा दिया गया, जहां पर खिलाड़ी अपने तीर व धनुष रखते थे। यहां तक कि शौचालय भी बंद कर दिया गया। ऐसे में प्रैक्टिस करने वाले लड़के और लड़कियों को तकलीफ हो रही है। कुछ खिलाड़ी दिव्यांग हैं, उन्हें भी भारी परेशानी हो रही है।शुक्रवार को जिला कलेक्टर कार्यालय के आगे तीरंदाजी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र छात्राओं ने किया प्रदर्शन और जिला कलेक्टर से गुहार लगाने की बाकी की तीरंदाजी प्रशिक्षण के लिए हम यहां खिलाड़ी है जो कई गोल्ड मेडल व सिल्वर और कांस्य पदक जीतकर बीकानेर शहर का नाम गौरवान्वित कर चुके हैं। कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के भी खिलाड़ी इसी मैदान से तैयार हुए हैं।
पहले जिमनास्टिक बंद किया
इससे पहले एमएम ग्राऊंड जिमनास्टिक भी बंद कर चुका है। यहां एक सरकारी पीटीआई ने अपने स्तर पर सामान एकत्र किया और सैकड़ों बच्चों को जिमनास्टिक सिखाना शुरू किया। इस बीच स्कूल प्रबंधन ने ताला लगा दिया। अब जिमनास्टिक का सामान वापस लेने के लिए पीटीआई शिक्षा निदेशालय का चक्कर काट रहा है। वहीं बच्चे इस खेल से वंचित हो गए।
स्वीमिंग पुल भी किया बंद
हालात यह है कि यहां स्थित स्वीमिंग पुल को भी करीब डेढ़ वर्ष पहले बंद कर दिया था। बताया जा रहा है कि तत्कालीन प्रधानाचार्य के रिश्तेदार को स्वीमिंग के लिये मना करने पर पहले ताला यहां जड़ा गया। उस समय से चला आ रहा विवाद के कारण अब पूरे मैदान पर ही तालाबंदी कर दी। स्वीमर्स बताते है कि उन्हें अब उच्चे दाम देकर अपना अभ्यास करना पड़ता है। जबकि यहां भी वे तय सरकारी राशि देकर अभ्यास करने आते थे। जिसकी वजह से अनेक खिलाडिय़ों ने नेशनल व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक भी प्राप्त किये है। उस समय स्थानीय मंत्री से लेकर खेल मंत्री तक खिलाडिय़ों ने गुहार लगाई। पर किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
आखिर विभाग की क्या लाचारी
शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला के प्रयासों से एम एम खेल मैदान में शुरू हुए तरणताल,जिम्नास्टिक मैदान व तीरदांजी के मैदान को एम एम स्कूल के प्रबंधन की हठधर्मिता के कारण सुर्खियों में आना पड़ रहा है। इस बारे मेें अनेक बार स्थानीय विधायक डॉ कल्ला से भी खिलाड़ी गुहार लगा चुके है। किन्तु शिक्षा निदेशक न तो मंत्री की सुन रहे है और न ही खिलाडिय़ों की भावनाओं पर ध्यान दे रहे है। ऐसे में राज्य सरकार के खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन की नीति को भी धक्का लग रहा है।

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