जारी है अतिक्रमण पर वार,हो रही है बराबर रार

तहलका न्यूज,बीकानेर। एक ओर तो जिला प्रशासन सौन्दर्यकरण के नाम पर अतिक्रमण पर बुलडोजर चला रहा है। वहीं दूसरी ओर अब लोगों का सब्र भी टूटने लगा है। जिससे अतिक्रमण का वार पर रार के हालात बने हुए है। इसको लेकर धरना प्रदर्शन किये जा रहेे है। जहां नगर विकास न्‍यास  का अतिक्रमण हटाने का अभियान आज भी जारी रहा। यूआईटी के अतिक्रमण निरोधक दस्‍ते ने आज शिवबाड़ी क्षेत्र में करोड़ों रुपए की जमीन पर हुए अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया। खास बात यह रही कि संभागीय आयुक्‍त डॉ. नीरज के. पवन खुद मौके पर पहुंचे। आपको बता दें कि आयुक्‍त पवन ने हाल में न्‍यास सचिव को अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश दिए थे। इसकी पालना में यूआईटी, राजस्‍व और पुलिस विभाग की संयुक्‍त टीम गठित की गई। न्‍यास के तहसीलदार कालूराम पडिहार ने बताया कि शिवबाड़ी में करीब 52 बीघा जमीन पर अतिक्रमण हो रखे थे। संभागीय आयुक्‍त डॉ. नीरज के. पवन के निर्देशानुसार अतिक्रमण निरोधक दस्‍ते ने कार्रवाई करते हुए मौके पर बड़े पैमाने पर हुए निर्माण को ध्‍वस्‍त कर दिया गया। कार्रवाई को अंजाम देने के लिए आयुक्‍त पवन सुबह करीब साढे छह बजे मौके पर पहुंच गए थे। बाद में दस्‍ते को निर्देशित कर वे रवाना हो गए। कार्रवाई करने वाले दल में तहसीलदार कालूराम पडिहार, एक्‍सईएन राजीव गुप्‍ता, राजस्‍व गिरदावर रामदेव सारस्‍वत, जेईएन राजेन्‍द्र सारण, भव्‍यदीप, श्रवण, विनीत शीलू, राजस्‍व पटवारी भंवरदान, यूआईटी पटवारी पूर्णाराम तथा जयनारायण व्‍यास कॉलोनी थाने का जाब्‍ता तैनात रहा।
चकगर्बी पर लाल निशानदेही पर गरजे लोग
जिला प्रशासन व निगम प्रशासन की ओर से अतिक्रमण पर लगातार कार्रवाईयां की जा रही है। जिसके तहत चकगर्बी में रह रहे लोगों के मकानों को तोडऩे के लिए यूआईटी प्रशासन की ओर से लाल निशान लगाये गए हैं। जिसके विरोध में भाजपा नेता एड अशोक प्रजापत की अगुवाई में प्रदर्शन कर कलक्टर को अपनी पीड़ा सुनाई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि चकगर्बी के क्षेत्र के लोगों ने अपने जीवनभर की खून-पसीने की कमाई लगाकर चकगर्बी में जमीन खरीदकर उपंजीयन प्रथम कार्यालय से रजिस्ट्रियां करवाकर अपने मकान बनाये। इस कॉलोनी में 20 साल से लोग निवास कर रहे हैं। अब न्यास प्रशासन ने कॉलोनी में पहुंचकर मकानों पर लाल निशान लगा दिए। प्रजापत ने बताया कि इस कॉलोनी में बिना कोई सुविधा के हजारों लोगों ने प्लॉट लिये और पांच हजार लोग वर्तमान में मकान बनाकर रह रहे हैं। लेकिन इन गरीब लोगों के मकान तोडऩे के लिए न्यास प्रशासन आमदा है। न्यास व निगम की कार्यप्रणााली पर सवालिया निशान लगाते हुए प्रजापत ने कहा कि जिस दिन ये कॉलोनियां बसी थी,तब प्रशासन कहां चला गया था,उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई? आज गरीब लोगों के बने बनाये मकान की जमीन को अवैध बताकर मकान तोडऩे पर न्याय संगत नहीं है। प्रशासन से मांग है कि मकान तोडऩे की कार्रवाई को रोका जाए और गरीब लोगों रहने दिया। इसके अलावा इनको नियमित कर वाजिब शुल्क लेकर पट्टे जारी किये जाए। अगर ऐसा नहीं किया तो ये सारे लोग अपने परिवार के साथ बिना देरी किये सड़क पर उतरेंगे और इस चिल्लचिल्लाती धूप में धरना-प्रदर्शन करेंगे।

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