पूर्व मंत्री के हुंकार से हिला प्रशासन,ये समझौता कर उठावाया धरना

तहलका न्यूज,बीकानेर। जिले से गुजर रहे भारत माला प्रोजेक्ट के तहत अवाप्त भूमि का मुआवजा नहीं मिलने से नाराज पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी ने सोमवार को बज्जू एरिया में धरना दिया। इस दौरान भाटी को किसानों का भारी समर्थन मिला। धरना स्थल पर ही सद्बुद्धि यज्ञ भी किया गया। दोपहर बाद लिखित समझौता होने पर धरना समाप्त किया गया, जिसमें जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया।बज्जू से भारत माला प्रोजेक्ट के तहत बरसलपुर ब्रांच के आसपास काम हो रहा है। यहां बड़ी संख्या में किसानों की भूमि अवाप्त करके उस पर सड़क और पुल बनाने का काम हो रहा है। जिन किसानों की जमीन अवाप्त की गई, उन्हें भुगतान देने विलंब हो रहा है। अर्से से किसान जिला प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। इन किसानों ने पिछले दिनों पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी से संपर्क किया। भाटी ने भी प्रशासन से भुगतान की बात कही लेकिन अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच ये मामला अटका हुआ है।सोमवार को भाटी ने बरसलपुर ब्रांच की आरडी 95 पर धरना दे दिया। इसके बाद से सड़क पर लंबा जाम लग गया। धरना स्थल के दोनों तरफ आवागमन बाधित हो गया। भाटी के धरना स्थल पर पहुंचने के साथ ही बज्जू व श्रीकोलायत प्रशासन मौके पर पहुंच गया लेकिन बात नहीं बनी। भाटी के धरने के बाद बड़ी संख्या में किसान भी पहुंचे। दोपहर तक प्रशासन भाटी को धरना खत्म करने का आग्रह करता रहा लेकिन भुगतान की मांग को लेकर भाटी बैठे रहे।दोपहर बाद यहां सद्बुद्धि यज्ञ शुरू कर दिया गया। भाटी का कहना है कि प्रशासन को सद्बुद्धि आएगी तो किसान की पीड़ा को समझ सकेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों को किसान और गरीब की आवाज सुनाई नहीं देती।
ये हुआ समझौता
दोपहर बाद श्रीकोलायत के उपखंड अधिकारी व भूमि अवाप्ति अधिकारी, बज्जू के उप खंड अधिकारी व नायब तहसीलदार में देवी सिंह भाटी को लिखित में दिया कि जल्द से जल्द भूमि का मुआवजा दिलाया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जो काश्तकार अवाप्ति मुआवजे के लिये पात्र बनता है उसका प्रस्ताव अधिकारी को भिजवाया जाएगा। दस दिन में सर्वे पूर्णकर अवाप्ति अधिकारी को सर्वे रिपार्ट भिजवाई जाएगी। साथ ही अवाप्ति होने वाली भूमि के गजट नोटिफिकेशन की कार्यवाही की जाएगी। भीतर प्रस्ताव बनाकर संबंधित अधिकारी तक पहुंचाए जाएंगे। इसके बाद धरना समाप्त किया गया।

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