बीकानेर में ऐसा होगा आयोजन,साकार हो उठेगी अनेक राज्यों की संस्कृति,जाने कैसे

सातवां बीकानेर थिएटर फेस्टिवल 14 अक्टूबर से
पांच दिनों में मंचित होंगे 25 नाटक, गुरुवार को होगी सांस्कृतिक संध्या
तहलका न्यूज,बीकानेर। सातवां बीकानेर थिएटर फेस्टिवल 14 से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा। यह संस्करण संजना कपूर को समर्पित रहेगा। मंगलवार को विनसम इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ रंगकर्मी सुधेश व्यास ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि फेस्टिवल उद्घाटन की पूर्व संध्या पर 13 अक्टूबर को टीएम ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक संध्या आयोजित होगी। फेस्टिवल का उद्घाटन 14 अक्टूबर को सायं 5 बजे हंशा गेस्ट हाउस में होगा। पांच दिन के समारोह के दौरान 25 नाटकों का मंचन होगा। उन्होंने बताया कि इन नाटकों का मंचन हंशा गेस्ट हाउस, रेलवे ऑडिटोरियम, रविन्द्र रंगमंच, टीएम ऑडिटोरियम, टाउन हॉल और होटल मिलेनियम में होगा। पांच दिवसीय समारोह के दौरान देश भर के लगभग पांच सौ रंगकर्मी एकत्रित होंगे। उन्होंने बताया कि फेस्टिवल के दौरान बीकानेर, जम्मू, चंडीगढ़, दिल्ली, मुंबई, असम, गोवा, जोधपुर, जयुपर और चित्तौड़गढ़ के रंगकर्मियों द्वारा नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे।
आयोजन समिति सदस्य हंसराज डागा ने बताया कि फेस्टिवल की शुरूआत चित्तौड़गढ़ के नारायण शर्मा के लोक नाट्य तुर्रा कलंगी से होगी। इस दौरान बाल नाटक भी मंचित होगा। वहीं रंगकर्म से जुड़ी कार्यशालाएं, सेमिनार और संवाद आयोजित होंगे। उन्होंने बताया कि पबीत्र राभा का असमिया नाटक कीनो काऊ और अखिलेन्द्र मिश्रा का विवेकानंद का पुनर्पाठ सहित विभिन्न नाटकों का मंचन इस दौरान किया जाएगा।
आयोजन से जुड़े सुरेन्द्र धारणिया ने बताया कि फेस्टिवल के दौरान जोधपुर के रंगकर्मी रमेश बोहरा को निर्मोही नाट्स सम्मान अर्पित किया जाएगा। अब तक यह सम्मान राजेश तेलंग, लक्ष्मी नारायण सोनी, गोपाल आचार्य, एसडी चौहान, जयरूप जीवन, विजय नाईक और कैलाश भारद्वाज को अर्पित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि फेस्टिवल के माध्यम से युवा पीढ़ी को रंगकर्म से जोड़ने के प्रयास होंगे।
इनका रहेगा सहयोग
अनुराग कला केन्द्र द्वारा आयोजित होने वाले बीकानेर थिएटर फेस्टिवल में विनसम इंटरनेशन स्कूल, विरासत संवर्धन संस्थान, होटल मिलेनियम, एलआईसी, तोलाराम हंसराज डागा चेरिटेबल ट्रस्ट, उत्तर पश्चिम रेलवे बीकानेर मंडल और गोल्डन सेंड प्रोडक्शन का सहयोग रहेगा। इसी प्रकार संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली, उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र पटियाला, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर और संगीत नाटक अकादमी जोधपुर की भागीदारी भी रहेगी।इस दौरान गोवा के वरिष्ठ रंगकर्मी विजय नाईक, दिल्ली के अमित तिवारी, बीकानेर की डॉ. आभा शंकरन फेस्टिवल समन्वयक सुनील जोशी रंगकर्मी के.के.रंगा, विकास शर्मा, हिमांशु व्यास काननाथ गोदारा, आमिर हुसैन, राहुल चावला और बाबू हर्ष आदि मौजूद रहे।

इन नाटकों का होगा मंचन
पांच दिवसीय थियेटर फेस्टिवल में प्रतिदिन पांच नाटकों का मंचन अलग अलग जगहों पर होगा। समारोह की पूर्व संध्या पर टी एम ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। उद्घाटन 14 अक्टूबर शाम पांच बजे तुर्रा कलंगी से होगा। 15 अक्टूबर को सुबह 11.30 बजे हंसा गेस्ट हाउस में सुधेश व्यास लिखित अंतर्वाद,दोपहर 2 बजे रेलवे ऑडिटोरियम में जम्मू के रवीन्द्र शर्मा लिखित दोजख,शाम 4 बजे टाउन हॉल में चंढ़ीगढ़ के वरूण शर्मा लिखित गगन दमामा बाज्यो,शाम 5.45 बजे रविन्द्र रंगमंच में दिल्ली के अरविन्द सिंह लिखित रूदाली,रात 8 बजे टीएम ऑडिटोरियम में मुबंई के फरीद अहमद लिखित चंदु की चाची का मंचन होगा। 16 अक्टूबर को सुबह 11.30 बजे हंसा गेस्ट हाउस में बीकानेर के सुरेश आचार्य लिखित फिर न मिलेगी जिन्दगी,दोपहर 2 बजे रेलवे ऑडिटोरियम में जयपुर के रवि चतुर्वेदी लिखित आखिर इस मर्ज की दवा क्या,शाम 4 बजे टाउन हॉल में जोधपुर के रमेश भाटी लिखित सफर,शाम 5.45 बजे रविन्द्र रंगमंच में बीकानेर के दिलीप सिंह लिखित कोर्ट मार्शल,रात 8 बजे टीएम ऑडिटोरियम में दिल्ली के श्याम कुमार लिखित कल्लू नाई एमबीबीएस का मंचन होगा। 17 अक्टूबर को सुबह 11.30 बजे हंसा गेस्ट हाउस में जयपुर के दिलीप भट्ट लिखित गोपीचंद भर्तहरि तमाशा,दोपहर 2 बजे रेलवे ऑडिटोरियम में जयपुर के राजदीप लिखित बेबी,शाम 4 बजे टाउन हॉल में देहरादून के जागृति सम्पूर्ण लिखित मंगलू,शाम 5.45 बजे रविन्द्र रंगमंच में दिल्ली के सईद आलम लिखित अकबर दा गे्रट नहीं रहे,रात 8 बजे टीएम ऑडिटोरियम में चंढ़ीगढ़ के राजा सुब्रह्मण्यम और शिव ढल्ल लिखित फिल्मिश का मंचन होगा। वहीं इसी दिन विनसम इंटरनेशनल सकूल में सुबह 11 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 8 का मंचन किया जाएगा। अंतिम दिन 18 अक्टूबर को सुबह 11.30 बजे हंसा गेस्ट हाउस में गोवा के विजय नाइक लिखित हीरा बाई,दोपहर 2 बजे रेलवे ऑडिटोरियम में असम के असीम नाथ लिखित हेवन टू हेल,शाम 4 बजे टाउन हॉल में दिल्ली के अजीत चौधरी लिखित पति गयी री काठियावाड,शाम 5.45 बजे रविन्द्र रंगमंच में असम के पवीत्र राभा लिखित कीनो काऊ,रात 8 बजे टीएम ऑडिटोरियम में मुबंई के अखिलेन्द्र मिश्रा लिखित विवेकानंद का पुनर्पाठ का मंचन होगा।

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