टेक्नोलॉजी में दक्ष,मानवीय गुणों में निपुण बनें विद्यार्थी,यहीं आरएसवीं का लक्ष्य:स्वामी

तहलका न्यूज, बीकानेर। शिक्षा का सही अर्थ है विद्यार्थी का सर्वांगिण विकास। पश्चिमी देशों में शिक्षण संस्थानों में प्राथमिक स्तर के बच्चों को ही किताबी शिक्षा के साथ-साथ अपने घर के रोजमर्रा के कामों में मदद करने वाली जानकारीयां दी जाती है। ऐसा ही एक नवाचार शहर के आरएसवी स्कूल समूह द्वारा अपने संस्थानों में लागू किया जा रहा है, जिसमें बच्चों को प्राथमिक स्तर पर विद्यालय में ही ड्रिलिंग, सर्किट जोडऩा, विद्युत उपकरणों के रख-रखाव सम्बन्धी जानकारीयां प्रशिक्षित अध्यापकों द्वारा दी जायेगी। साथ ही संगीत, साहित्य, रंगमंच और खेलों से भी बच्चों को जोड़ा जायेगा।
आरएसवी स्कूल समूह के सीईओ आदित्य स्वामी ने बताया की इस पूरे कार्यक्रम को ‘उतिष्ठत जागृत:Ó का नाम दिया गया है। इस वार्षिक प्लान में बच्चों के स्कूली शिक्षा के साथ ही विज्ञान और प्रोद्यौगिकी से जोडऩे की दिशा में नवाचार करते हुए संस्थान में डीआईवी किट्स के जरिये छात्रों को विज्ञान के विभिन्न मॉडल प्रायोगिक तौर पर भी समझाये जायेंगे।आरएसवी ग्रुप ऑफ़ स्कूल्स ने एनुअल प्लान “उत्तिष्ठत जागृत:” को लॉन्च किया है। यह विचार आरएसवी ग्रुप के सीईओ आदित्य स्वामी ने प्रेस वार्ता में व्यक्त किये। स्वामी ने बताया कि इस प्लान के अंतर्गत स्टूडेंट्स के सर्वांगीण विकास हेतु आरएसवी ग्रुप पढ़ाई के साथ साथ साइंस टिंकरिंग लैब्स, ऑन्त्रप्रेन्योर्शिप सेंटर, ड्रामा एंड म्युजि़क क्लब, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर, स्पोर्ट्स सेंटर को सिलेबस के साथ समन्वित करेगा। स्वामी ने कहा कि साहित्य, संगीत, कला, विज्ञान, खेल और व्यवहार में दक्ष स्टूडेंट्स ही समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी होंगे और इन्हीं को तैयार करना इस प्लान का लक्ष्य है।
साइंस टिंकरिंग लैब्स
साइंस टिंकरिंग लैब्स के प्रभारी तथा आरएसवी ग्रुप के सीईओ आदित्य स्वामी ने बताया कि साइंस टिंकरिंग लैब्स में कक्षा एक से बारहवीं तक के विद्यार्थी “लर्न, स्पीक, प्रेजेंट, डू एंड यूज़” के सिद्धांत पर वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। इसका अर्थ है पढने से लेकर प्रयोग सिद्ध होने तक विद्यार्थी, वैज्ञानिक की तरह जुटा रहेगा। आदित्य स्वामी ने कहा कि “लर्निंग बाय डूइंग” पर आधारित इन लैब्स के सभी प्रोजेक्ट्स स्वरोजगार को बढ़ावा देने और व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लेकर जाते हैं। इलेक्ट्रिक सर्किट्स का निर्माण, मशीन लर्निंग और हाथ का हुनर सीखना इन लैब्स की पहचान है। स्वामी ने कहा कि वर्तमान रोबोटिक्स के युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है अत: स्कूल ने एआई एंड वर्चुअल रिएलिटी लैब भी बना ली है।
ऑन्त्रप्रेन्योर्शिप सेंटर
ऑन्त्रप्रेन्योर्शिप या उद्यमिता सेंटर के प्रभारी चार्टर्ड एकाउंटेंट तथा आरएसवी ग्रुप के निदेशक पार्थ मिश्रा ने बताया कि कोविड काल में सर्वाधिक यूनिकॉर्न कम्पनीज भारत में विकसित हुईं और युवाओं ने ऑन्त्रप्रेन्योर्शिप को ट्रम्प कार्ड बनाया – इससे यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में नौकरी देने वाला बनना, नौकरी करने से बेहतर माना जायेगा। इस हेतु आरएसवी ग्रुप अनेक राष्ट्रीय संस्थानों के साथ संयुक्त रूप से जुड़कर ऑन्त्रप्रेन्योर्शिप डेवलपमेंट कार्यक्रम शुरू करेगा। मिश्रा ने बताया कि इस हेतु आइडिया जेनरेशन लैब, इन्क्यूबेशन सेंटर आदि का विकास भी किया जायेगा।
साहित्य, संगीत, ड्रामा और स्पोर्ट्स सेंटर
पार्थ मिश्रा ने मानवीय मूल्यों, साहित्य, संगीत और कला की महत्ता को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों हेतु बनाये गये ड्रामा क्लब, म्युजि़क सेंटर और स्पोर्ट्स सेंटर की जानकारी साझा करते हुए कहा कि आरएसवी ग्रुप की सभी स्कूल्स में सह शैक्षणिक गतिविधियों के विकास के लिए प्रभारी अधिकारी और फैकल्टीज़ नियुक्त कर दी गईं हैं। को-करिकुलर एक्टिविटीज़ का प्रभार आरएसवी ग्रुप की प्राइमरी विंग इंचार्ज श्रीमती अम्बिका को सौंपा गया है।
पार्थ मिश्रा ने कहा कि आरएसवी ग्रुप बीकानेर का पहला संस्थान है जिसमें सिलेबस के साथ दस से ज़्यादा एकेडमिक लैबोरेट्रीज का डेवलपमेंट किया गया है। मिश्रा ने कहा कि इनका पाठ्यक्रम, बोर्ड ऑफ़ स्टडीज़ और गवर्निंग काउंसिल का निर्माण प्रगति पर है जिसमें राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिनाम व्यक्तित्त्वों को जोड़ा जायेगा।प्रेस कॉन्फ्रेंस के प्रारंभ में सीनियर सेकेण्डरी विंग कॉरडीनेटर रविन्द्र भटनागर ने प्रेस वार्ता की रूपरेखा को समझाया और प्रस्तुतिकरण दिया। कॉन्फ्रेंस का संचालन और आभार ज्ञापन स्कूल की प्राचार्या श्रीमति पूनम चौधरी ने किया। कार्यक्रम में आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के निदेशक श्री पार्थ मिश्रा ने भी आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के विद्यालयों में किये जा रहे नवाचारों के संदर्भ में पूछे गए प्रश्नों का विस्तार से जवाब दिया।


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