कही पानी तो कही वेतन के लिये हाहाकार,पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल

तहलका न्यूज,बीकानेर। शहर में पानी,वेतन और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर अलग अलग प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे गये। तो वहीं जिला कलक्टर की ओर से मुख्यमंत्री जनसुनवाई में मिली परिवेदनाओं को गंभीरता से सुना। एक ही क्लिक में इन सारी खबरों को पढ़कर रहे अपडेट।

वेतन नहीं मिलने से बिफरे संविदाकर्मी
तहलका न्यूज,बीकानेर। वेटरनरी विवि में कार्यरत संविदाकर्मियों को वेतन नहीं मिलने से वेटरनरी विवि परिसर में प्रदर्शन कर कुलपति को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विवि की ओर से एक अप्रेल को नया ठेका किया गया। किसी भी मुख्य अन्वेषक द्वारा नये अनुबंध के आदेशानुसार किसी भी कर्मचारी के हस्ताक्षर करवाकर उनकी सत्यापित उपस्थिति हाजरी रजिस्ट्रर में दर्ज नहीं करवाई गई है। जिसके चलते अप्रेल माह का वेतन नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि सेवा प्रदाता ठेका फर्म द्वारा किसी कर्मचारी का सत्यापित उपस्थिति विवरण नहीं देने के कारण मासिक भुगतान की समस्या आ रही है। यहीं नहीं पिछले छ:माह से वेतन भी समय पर नहीं दिया जा रहा है। जिससे अल्पवेतन भोगी कार्मिकों के परिवारजनों का जीविकापार्जन भी मुश्किल से हो रहा है। ऐसे में सेवा प्रदाता कंपनी को समय पर वेतन देने तथा लगे हुए संविदाकार्मियों की उपस्थिति पंजिका में दर्ज कर महीने की पंाच तारीख को वेतन दिलावने की मांग की है। अन्यथा आन्दोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा।

पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
तहलका न्यूज,बीकानेर। दुकान संचालक के साथ मारपीट करने वालों को गिरफ्तार करने की बजाय शिकायतकर्ता को ही गिरफ्तार कर दोषियों को बचाने के खिलाफ गंगाशहर थाना क्षेत्र के लोगों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर गंगाशहर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएं है। आन्दोलन कर रहे लोगों का कहना है कि चोपड़ा बाडी स्थित अशोक छींपा की दुकान पर राज सोनी,मुकेश सोनी व दो अन्य जने आएं और अशोक के साथ मारपीट कर बुरी तरह घायल कर दिया। जिसकी सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पीडि़त को थाने आने को कहकर लिखित शिक ायत देने की बात कही। इस पर पीडि़त के भाई मनोज छींपा जब थाने गये तो यहां के पुलिसकर्मियों ने हमलावरों से समझौता करने का दबाव बनाते हुए किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं करने को कहा और ऐसा न करने की स्थिति में झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी तक दी। प्रदर्शनकारियों ने परिवार के जान माल की सुरक्षा का हवाला देते हुए एसपी से दोषियों के विरूद्व कार्यवाही करने पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने की गुहार लगाई।

जिला कलक्टर ने किया परिवेदनाओं का वन टू वन रिव्यू
तहलका न्यूज,बीकानेर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 9 और 10 अप्रैल के बीकानेर दौरे के दौरान प्राप्त सभी परिवादों का जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने वन टू वन रिव्यू किया। जिला परिषद में आयोजित मैराथन बैठक में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जिनसे कलक्टर ने सभी प्रकरणों के संबंध में अब तक की कार्यवाही के बारे में जाना। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री की जनसुनवाई के प्रकरणों का सर्वोच्च प्राथमिकता से निस्तारण हो। उल्लेखनीय है कि जनसुनवाई के बाद ही कलेक्टर इनकी नियमित समीक्षा कर रहे हैं और एक नवाचार करते हुए सभी परिवादियों और अधिकारियों को जिला परिषद सभागार में बुलाया और पांच घंटे से अधिक जनसुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान लूणकरणसर के दिव्यांग कन्हैया लाल सोनी अपनी परिवेदना लेकर आए तो जिला कलेक्टर संवेदनशीलता दिखाते हुए सोनी के पास पहुंचे और मंडी समिति से संबंधित प्रकरण में प्रस्ताव सरक ार को भिजवाने के निर्देश दिए। धुपालिया के दानाराम ने मुख्यमंत्री को धुपालियां से थावरिया तक सड़क बनाने की मांग की। इस पर कार्यवाही करते हुए पीडब्ल्यूडी द्वारा लगभग साढ़े सात किलोमीटर लंबी सड़क के 225 लाख रुपए के प्रस्ताव बनाकर सरकार को भिजवा दिए। स्वीकृति के साथ ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। इसी प्रकार लिखमीदेसर दिखनादा के बजरंग डेलू ने गांव के उच्च माध्यमिक विद्यालय में कृषि संकाय खोलने की मांग की थी। इसके प्रस्ताव भी सरकार को भिजवाए जा चुके हैं। इस दौरान एडीएम प्रशासन ओमप्रकाश, एडीएम सिटी पंकज शर्मा, रीपा के अतिरिक्त निदेशक अरुण प्रकाश शर्मा,सीएमएचओ डॉ बी एल मीणा सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।

पानी को लेकर हाहाकार
तहलका न्यूज,बीकानेर। पानी की समस्या को लेकर पूरे शहर में हाहाकार मचा हुआ है। हालात यह है कि जिम्मेदार इसको लेकर गंभीर तक नहीं है। जिसकी वजह से आएं दिन जलदाय विभाग के कार्यालयों पर प्रदर्शन व हंगामें हो रहे है। बुधवार को वार्ड 33 के लोगों ने पार्षद मनोज नायक की अगुवाई में प्रदर्शन कर पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने की शिकायत की। पार्षद का कहना है कि 2019 में जलदाय विभाग की ओर से क्षेत्र में पाईप लाइन बदलने के लिये प्रस्ताव बनाया था। लेकिन अब तक इसको धरातल पर अब तक कोई काम नहीं हुआ है। ऐसे में नहरबंदी के दौरान उत्पन्न जल संकट से क्षेत्र के वांशिदे भी परेशान है। हालात यह है कि पीने का पानी भी नहीं मिलने से मजबूरन अधिक दाम देकर टैंकर मंगवाने पड़ रहे है। जिला प्रशासन की ओर से तो टैंकर की भी कीमत तय की गई है। किन्तु टैंकर संचालक अधिक राशि वसूल कर रहे है। जिनकी मॉनिटरिंग भी प्रशासन की ओर से नहीं की जा रही है। नायक ने कहा कि अधिकारी बोल रहे है दस दिनों में काम कर देंगे। किन्तु ऐसा लगता नहीं है कि वे इस समस्या का समाधान कर देंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.