राजस्थान में अब तक 3125 गौवंश की मौत,हालात भयावह,जाने वजह

जयपुर। राजस्थान, गुजरात समेत 10 राज्यों में गाय-भैंस में जानलेवा लंपी वायरस का संक्रमण तेज हो गया है। राजस्थान में करीब 2 लाख गायें इससे संक्रमित हैं। सरकार के सर्वे में 3125 गौवंश की मौतें रिकॉर्ड हुई हैं। यहां जिन 11 जिलों में इंफेक्शन फैला है, उनमें 70 से 80 लाख कैटल हैं। बीमार मिले 78 से 80 हजार गौवंश का अब तक ट्रीटमेंट किया जा रहा है। उधर, गुजरात में लंपी संक्रमण को लेकर हालात भयावह हो चुके हैं। खासकर कच्छ और सौराष्ट्र अंचलों में बड़ी संख्या में गौवंश इसकी चपेट में हैं। राजस्थान सरकार ने प्रभावित जिलों में मेडिसिन खरीद के लिए 2 से 12 लाख रुपए तक का बजट दिया है। जिलों को पूरी पावर दी गई है। अब जेनरिक के साथ ही ब्रांडेड दवाएं भी जिला स्तर पर ही खरीदी जा सकेंगी। जयपुर से बुधवार को जोधपुर के लिए मेडिसिन की खेप भी रवाना की जा रही है। डिवीज़नल हेडक्वार्टर ऑफिस- अजमेर, बीकानेर और जोधपुर को 8 लाख से 12 लाख रुपए और बाकी प्रभावित जिलों को 2 से 8 लाख रुपए का बजट दिया गया है। यह पहले से जारी इमरजेंसी बजट के अलावा फंड है।

15 दिन में लंपी डिज़ीज कंट्रोल करें
मुख्य सचिव उषा शर्मा ने लंपी डिजीज को 15 दिन में कंट्रोल करने के निर्देश पशुपालन विभाग और जिला कलेक्टर्स को दिए हैं। 4 जिलों- बाड़मेर, जालोर, जोधपुर, सिरोही संक्रमण ज्यादा होने के कारण क्लोज मॉनिटरिंग की जा रही है। बाड़मेर में हालात बिगड़ने पर जयपुर से एडिशनल डायरेक्टर पीसी भाटी को भेजा गया है। इनके अलावा गंगानगर में कुछ गायों की मौतों की सूचना है। डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, राजसमंद और गुजरात बॉर्डर से सटे जिलों में भी अलर्ट है।

2 से 12 लाख तक की दवाएं इमरजेंसी में खरीदने की मंजूरी

पशुपालन सचिव पीसी किशन ने बताया कि CS की वीसी बैठक में उनके अलावा पशुपालन विभाग के एडिशनल डायरेक्टर, हेल्थ, मॉनिटरिंग और 10 जिलों- बाड़मेर, जोधपुर, जालोर, सिरोही, जैसलमेर, नागौर, बीकानेर, पाली, गंगानगर, हनुमानगढ़ के जिला कलेक्टर जुड़े। सभी जिलों में मेडिसिन उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने बजट दे दिया है। एडिशनल डिमांड पर जिलों को मेडिसिन की खरीद के लिए फंड जारी कर दिया जाएगा।

10 राज्यों में फैली बीमारी, गुजरात के 33 में से 20 जिलों में महामारी

पशुपालन सचिव ने बताया देश के 10 राज्यों में गायों में यह बीमारी फैल चुकी है। इनमें राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, उड़ीसा, असम, कर्नाटक, केरल शामिल हैं। गुजरात की स्थिति सबसे खराब है। राजस्थान में अभी मॉर्टेलिटी रेट (पशु मृत्युदर) 1.4 परसेंट आ रही है। राजस्थान में सेंट्रल से साइंटिस्ट, रिसर्च और पशुपालन की स्पेशलिस्ट टीम आई है। यह अलग-अलग प्रभावित जिलों का दौरा कर जानकारी जुटा रही है।

उधर, गुजरात में लंपी महामारी का रूप ले चुका है। राज्य के 33 जिलों में से 20 जिलों में इसका प्रकोप है। इन जिलों के 1935 गांव संक्रमण की चपेट में हैं, जबकि 1431 गोवंश की मौत हो चुकी है। गुजरात के पशुपालन मंत्री राघवजी पटेल ने भी यह बात स्वीकार की। गुजरात के कच्छ, जामनगर, देवभूमि द्वारका, राजकोट, पोरबंदर, मोरबी, सुरेन्द्रनगर, अमरेली, भावनगर, बोटाद,जूनागढ़, गिर-सोमनाथ, बनासकांठा, सूरत, पाटण, अरावली, पंचमहाल, महिसागर, वलसाड और महेसाणा में इसका असर सबसे ज्यादा है।

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