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तहलका न्यूज,बीकानेर। मांड कोकिला पदमश्री अल्लाह  जिलाई बाई  स्मृति अ.भा. मांड समारोह का शुभारंभ गुरुवार को टाउन हॉल हुआ । केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर के सहयोग से आयोजित मांड समारोह में स्व0 अल्लाह जिलाई बाई के भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं राजस्थान के लोक संगीत में अवदान पर चर्चा की गई ।     समारोह का शुभारंभ वरिष्ठ शल्य चिकित्सक डॉ. हनुमान सिंह कसवां ने किया । डॉ. कसवां ने कहा कि स्व.अल्लाह जिलाई बाई ने राजस्थान के मांड गायन को देश विदेश में पहचान दिलायी ।उन्होंने कहा कि जाईमां ने लंदन के अलबर्ट हॉल में मांड गायन प्रस्ततुt कर विश्व संगीत में देश का नाम रोशन किया । उन्होंने कहा कि हमे स्व. जाईमा की धरोहर और स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाए रखना आवश्यक है ।  अल्लाह जिलाई बाई मांड गायकी प्रशिक्षण संस्थान के प्रबंध निदेशक डॉ0 अज़ीज़ अहमद सुलेमानी ने मांड समारोह को विश्वव्यापी बनाने का संकल्प जताया । डॉ0 सुलेमानी ने देश विदेश में बसे मांड प्रेमियोँ से अपनी रचनाएं मांड समारोह में ऑनलाईन साझा करने की अपील की । संयोजक लेखक अशफ़ाक़ क़ादरी नेे  मांड समारोह की 30 वर्षो की संगीत यात्रा और उपलब्धियों पर पत्रवाचन किया । कादरी ने मांड समारोह के प्रेम और सद्भाव का संदेश जन जन में पहुंचाने का आव्हान किया । कार्यक्रम में लेखक संपादक डॉ. अजय जोशी ने स्व. अल्लाह जिलाई बाई के अवदान और मांड समारोह के इतिहास पर पुस्तक प्रकाशन की आवश्यकता जताई । कवि कथाकार राजाराम स्वर्णकार ने स्व.अल्लाह जिलाई बाई के मानवीय सेवा और संगीत के संस्मरण सुनाए । कवि अब्दुल शकूर सिसोदिया ने स्व. जिलाई बाई की शान में अपनी काव्य रचना प्रस्तुत की । कार्यक्रम में फिल्मकार मंजूर अली चंदवानी, संगीतज्ञ अहमद बशीर सिसोदिया, कथाकार मुकेश पोपली, मुख्तयार अली सिसोदिया, शिक्षाविद शिवकुमार वर्मा, डॉ. नीतू ऐजाज सुलेमानी, अयाज सुलेमानी, माही अयाज सहित गणमान्य ने स्व. अल्लाह जिलाई बाई को खिराजे अकीदत पेश की ।
     गुरुवार को स्वरांजली में गूंजेंगे केसरिया बालम सरीखे मांड गीत
       समारोह के संयोजक अशफाक कादरी ने बताया कि 3 नवंबर को स्व. अल्लाह जिलाई बाई की 30 वीं पुण्यतिथि पर गुरुवार को सांय 6.30 बजे टाउन हॉल में स्वरांजली कार्यक्रम में केसरिया बालम सरीखे मांड गीत गूंजेंगे । कार्यक्रम में गत 30 वर्षों में मांड समारोह से जुड़े वरिष्ठ कलाकारों का सम्मान किया जाएगा । कार्यक्रम में प्रदेश के प्रमुख लोकगायको को आमंत्रित किया गया है जो मांड के सुमधुर गीत प्रस्तुत करेंगे ।  समारोह में  देश विदेश के संगीत प्रेमी ऑनलाइन जुड़ सकेंगे तथा मांड के सुमधुर गीतों का आनंद उठाएंगे  । इससे पूर्व प्रात 8 बजे स्व.अल्लाह जिलाई बाई के मजार पर पुष्पांजलि होगी ।

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