ओबीसी आरक्षण में विसंगतियों पर बवाल,बदलाव से हो रहा नुकसान,जाने क्या

तहलका न्यूज,बीकानेर। ओबीसी आरक्षण विसंगतियों को लेकर ओबीसी आरक्षण संघर्ष समिति राजस्थान ने जिला कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर तीन मांगों के निस्तारण की बात कही है। प्रदेश प्रवक्ता डॉ विवेक माचरा की अगुवाई में किये गये इस प्रदर्शन में रोष जताया गया कि कार्मिक विभाग की ओर से 17 अप्रेल 2018 में बनाए गए इस नियम के बाद ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के सामने नौकरी का भंयकर संकट खड़ा हो गया। इस नियम के बनने के बाद सरकारी नौकरियों के लिए जारी नई विज्ञप्तियों में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के पदों की संख्या घटने के साथ शून्य तक पहुंचने लगी। राजस्थान में भले ही ओबीसी को 21 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का प्रावधान है। इसके बावजूद भी कई भर्तियों में ओबीसी वर्ग पदों की संख्या शून्य रह जाती है। डॉ माचरा ने बताया कि भूतपूर्व सैनिकों को सरकारी नौकरी में वर्ष 1988 से आरक्षण प्राप्त है। उन्हें होरिजेंटल आरक्षण के तहत राज्य सेवा में 5 प्रतिशत, अधीनस्थ सेवाओं में 12.5 प्रतिशत और चतुर्थ श्रेणी की सेवाओं में 15 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है। पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे के कार्यकाल में 17 अप्रेल 2018 को कार्मिक विभाग ने भूतपूर्व सैनिकों के आरक्षण नियमों में बदलाव किया। इस बदलाव के तहत होरिजेटल आरक्षण नियम में आरक्षित वर्गों के पदों की तय संख्या की सीमा को खत्म कर दिया।
ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों की बढ़ी इससे मुश्किलें
चूंकि प्रदेश में 90 प्रतिशत भूतपूर्व सैनिक ओबीसी वर्ग से आते हैं। इसलिए आरक्षित वर्ग के पदों की तय संख्या सीमा को खत्म करने से ओबीसी के भूतपूर्व सैनिक 12.5 प्रतिशत पदों के साथ ओबीसी वर्ग के अन्य पदों पर भी चयनित होने लगे। जिससे ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों का अपने वर्ग के पदों पर चयन होना मुश्किल हो गया। राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों में हुई भर्तियों में ओबीसी वर्ग के सभी पदों पर भूतपूर्व सैनिकों का चयन हुआ।
भूतपूर्व सैनिकों के आरक्षण के नियम में बदलाव से ऐसे हो रहा नुकसान
17 अप्रेल 2018 को तत्कालीन भाजपा सरकार ने भूतपूर्व सैनिकों के होरिजेंटल आरक्षण नियमों में बदलाव किया था। इस बदलाव से ओबीसी वर्ग के भूतपूर्व सैनिकों का चयन 12.5 प्रतिशत के स्थान पर ओबीसी वर्ग के सामान्य पदों पर भी चयन होने लगा। उदाहरण के तौर पर राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2019 में कुल पदों की संख्या 5500 थी। इनमें से जिला पुलिस के ओबीसी पुरुषों के पदों की संख्या 247 थी। इन सभी 247 पदों पर भूतपूर्व सैनिकों का चयन हुआ। ओबीसी सामान्य वर्ग के एक भी अभ्यर्थी का पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2019 में चयन नहीं हो पाया।

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