गहमागहमी के बीच आरएमआरएस की बैठक,एक चिकित्सक को चार्जशीट,दूसरे ने कहा मुझे फ्री करें…..,भामशाह से भी कहासुनी

तहलका न्यूज,बीकानेर। पीबीएम अस्पताल की आरएमआएस की बैठक गुरुवार को संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के. पवन की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जहां संभागीय आयुक्त की एक चिकित्सक से गहमा गहमी हुई तो वहीं विशेष आमंत्रित सदस्य को भी खरी खोटी सुनाई। इतना ही नहीं बैठक में मंत्री के भतीजे और सदस्यों के बीच भी कहासुनी हो गई। जिसके बाद माहौल थोड़ा गर्मा गया। बात यहां तक खत्म नहीं हुई। बैठक में पीबीएम अस्पताल के एक कैंटीन के संबंध में आरएमआरएस अध्यक्ष और सचिव की अनुमति के बिना समझौता किए जाने पर एक चिकित्सक को चार्जशीट भी जारी करने के निर्देश दिए गये। जानकारी मिली है कि बैठक के दौरान जब हार्ट अस्पताल में चिकित्सकीय सेवाओं में कमी का मुद्दा आया तो डॉ जयकिशन सुथार के इस्तीफा देकर एक निजी अस्पताल में ज्वाइन करने की बात सामने आई। जिस पर संभागीय आयुक्त ने तुरंत फोन कर डॉ जयकिशन सुथार को मौके पर बुलाया और उन्हें पीबीएम अस्पताल में पुन:ज्वाइन करने की बात कही। इस पर डॉ सुथार ने दो टूक भाषा में ज्वाइनिंग के लिये मना करते हुए आग्रह किया कि उन्हें फ्री कर दिया जाएं। इस पर संभागीय आयुक्त थोड़े तिलमिला गये और डॉ सुथार को कहा कि आप कल से पीबीएम में सेवाएं दे अन्यथा वहां भी नौकरी नहीं कर पाएंगे। उनकी इस बात से डॉ सुथार ने स्पष्ट कहा कि सर मुझे यहां से फ्री कर दें यहां 6 माह तक निवेदन करने के बाद ऑपरेशन थियेटर के हालात नहीं सुधरे। ऐसे में हार्ट हॉस्पीटल में काम करना संभव नहीं होगा। इस दौरान संभागीय आयुक्त ने बाद में बात करने का कहकर आगामी मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी।बैठक में जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल,मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ मो सलीम,पीबीएम अधीक्षक डॉ प्रमोद सैनी,उप प्राचार्य डॉ लियाकत गौरी,डॉ रंजन माथुर,संजय धवन,डॉ देवेन्द्र अग्रवाल,आरएमआरएस के मनोनीत सदस्य त्रिलोकी कल्ला, नवरत्न सिंघी, विशेष आमंत्रित सदस्य द्वारका प्रसाद पचिसिया सहित चिकित्सक मौजूद रहे।
कल्ला-पचीसिया में भी हुई कहासुनी
बैठक के दौरान आरएमआरएस के मनोनीत सदस्य त्रिलोकी कल्ला व विशेष आमंत्रित सदस्य डी पी पचीसिया के बीच भी कहासुनी हो गई। पता चला है कि त्रिलोकी कल्ला ने मीरा सदन की जमीन से आरएमआरएस को लाभ नहीं होने की बात कही और इनके सेवा शुल्क को बढ़ाने की बात कहते हुुए अप्रत्यक्ष रूप से 150 करोड़ की जमीन से अस्पताल को नुकसान की बात कही। जिस पर पचीसिया ने इस पर आपति जताते हुए कहा कि भामाशाहों की मदद से अस्पताल में नि:स्वार्थ भाव से बिना लाभ के आमजन के हितार्थ कार्य किया जा रहा है। इसको लेकर कल्ला की यह बात उचित नहीं है। जिसको लेकर संभागीय आयुक्त ने भी पचीसिया को बैठक में बुलाकर गलती करने की बात कह डाली। इस पर पचीसिया ने कहा कि आप कहे तो मैं चला जाता हूं।
बायोमेट्रिक हाजरी की मनाही
जब बैठक में बायोमेट्रिक हाजरी से उपस्थिति की बात आई तो चिकित्सकों ने कोरोना संक्रमण को ढाल बनाकर एक बारगी फिर अपने आपको सेफ मोड में कर लिया। जिस पर किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया प्रशासनिक अधिकारियों ने नहीं रही। अस्पताल के सभी साधनों, संसाधनों और संपदा का प्रभावी लेखा-जोखा रह सके, इसके मद्देनजर उपाधीक्षक डॉ. गौरी शंकर को संपदा अधिकारी का कार्यभार दिया गया।
ये आएं प्रस्ताव,जिन पर होगा काम
पीबीएम अस्पताल के नियमित कार्मिकों के अलावा सभी संविदा, निविदा और अन्य माध्यमों से नियोजित कार्मिकों का पुलिस वेरिफिकेशन करने,अस्पताल के विकास में योगदान देने वाले भामाशाहों की हर महीने बैठक करने,प्रशासन एवं भामाशाहों के मध्य समन्वय के लिए अतिरिक्त संभागीय आयुक्त, पीबीएम के वित्त नियंत्रक और अधीक्षक की कमेटी गठित,अस्पताल में मरीज के साथ अधिकतम दो परिजनों को वार्ड में प्रवेश देने, एसएमएस अस्पताल की तर्ज पर पास व्यवस्था हो लागू,मरीज अपने घर बैठे रजिस्ट्रेशन करने,उन्हें चिकित्सकों के ड्यूटी चार्ट, जांच की स्थिति सहित प्रत्येक स्थिति की जानकारी मिलने के लिये एक मोबाइल एप बनाने,निविदा या वित्तीय मामलों से संबंधित सभी फाइलें अस्पताल के वित्त नियंत्रक के माध्यम से एक्सामिन करवाने,दवाईयों आदि से संबंधित महत्वपूर्ण निविदाएं समय पर नहीं की जाएंगी, तो जिम्मेदार कार्मिक के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने,एक कैंटीन के संबंध में आरएमआरएस अध्यक्ष और सचिव की अनुमति के बिना एक समझौता करने पर डॉ राजेश को चार्जशीट देने,शिक्षा मंत्री एवं बीकानेर पश्चिम विधायक डॉ. बी. डी. कल्ला द्वारा पीबीएम अस्पताल के लिए 10 नए ई-रिक्शा खरीदने के लिए 16 लाख रुपये की स्वीकृतियां जारी करने,प्रत्येक वार्ड की मूलभूत आवश्यकताओं का आकलन एमबीए योग्यताधारी युवाओं के माध्यम से करवाने,प्रत्येक वार्ड में कूलर और पंखे लगवाने,जांच से जुड़ी प्रत्येक मशीन को दुरूस्त रखने,एक्सरे, सोनोग्राफी सहित प्रत्येक खराब मशीन को अविलम्ब ठीक करवाने,आवश्यकता के आधार पर प्रत्येक स्थान पर ई.सी.जी. की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने,अस्पताल परिसर में चल रही निजी दुकानों एवं संस्थानों आदि में यदि अस्पताल से विद्युत सप्लाई हो रही है, तो ऐसे कनेक्शन अविलम्ब काटने,आरएमआरएस की आय वृद्धि के लिए धूड़ीबाई धर्मशाला परिसर में स्थित दुकानों का किराया बढ़ाने, अस्पताल परिसर में विभिन्न स्थानों पर दुकानें बनाने, नए कैंटीन खोलने, अस्पताल परिसर से बाहर एवं अंदर पार्किंग स्थान चिन्हित करने, वीरा एवं माहेश्वरी धर्मशाला के कमरों एवं अन्य सेवाओं की दरें बढ़ाने तथा बढ़ी राशि आरएमआरएस को उपलब्ध करवाने पर चर्चा हुई। पीबीएम अस्पताल के कोर्ट से जुड़े मामलों में पैरवी के लिए नए अधिवक्ता नियुक्त करने के निर्देश दिए।

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