पढ़ी सामूहिक नमाज,बच्चों ने भी रोजा रख रब से की सभी के सलामती की दुआ

तहलका न्यूज,बीकानेर। इबादत और बरकतों के महीने रमजान माह के अंतिम जुम्मे को नगर की विभिन्न मस्जिदों में सामूहिक नमाज हुई। महिलाओं ने घरों में नमाज पढ़ी। नमाज के दौरान मुल्क में अमन-चैन खुशहाली के लिए दुआ मांगी गई। इस मौके पर पर फकीरों को जकात और खैरात दी गई। दोपहर एक बजे अजान से पहले ही लोग पाक-साफ कपड़े पहन मस्जिदों में पहुंचना शुरू हो गए। अजान के बाद चार रकअत सुन्नत नमाज पढ़ी गई। तकरीर में इमाम साहब ने रमजान के महीने में ज्यादा से ज्यादा दान पुण्य करने का आह्वान किया। रमजान के महीने में दान पुण्य और इबादत का कई गुना सबब मिलता है। शुक्रवार को जुम्मे की नमाज से पहले खुतबा पढ़ा गया। नमाज के बाद मस्जिदों में सलाम पढ़ी गई और लोगों ने आपस में मुसाफा कर एक दूसरे को शुभ कामनाएं दी। नमाज के लिए पहले से तय समय पर अकीदतमंद मस्जिदों में जुट गए। इसके बाद नमाज पढ़कर अमन और चैन की दुआ मांगी।अजान के बाद चार रकअत सुन्नत नमाज पढ़ी गई। नमाज से पहले खुतबा पढ़ा गया तो नमाज के बाद सलाम पढ़ी गई। लोगों ने आपस में मुसाफा कर शुभकामनाएं दी। मस्जिदों के बाहर फकीरों और अपाहिजों की लगी कतार में जकात खैरात दी गई। तकरीर के दौरान इमाम साहब ने माहे रमजान में अधिक से अधिक दान-पुण्य करने की बात कही। उन्होंने नमाज से पहले सदका फित्र अदा करने का आह्वान भी किया। शहर की विभिन्न मस्जिदों में आखिरी जुम्मा पढ़ा गया। बड़े और बुजुर्गों के साथ बड़ी संख्या में बच्चे भी मस्जिदों में पहुंचे।
बच्चों ने रोजा रख की अमन चैन की दुआ
उधर आज बड़ों के साथ साथ बच्चों ने भी रोजा रखकर देश व प्रदेश के लिये अमन चैन की दुआ की। 9 वर्षीय के बालक मोहम्मद अदनान कादरी ने पुत्र इरशाद अली कादरी के बेटे ने रोज़ा रखा है और अपने रब को राज़ी करने की कोशिश की। इस ने अल्लहा ताला से दुआ की है के मेरे मुल्क को अमन का गहवारा बना दे ओर मुल्क के हर इंसान के लिए दुआ की ओर अपने शहर बीकानेर में लिए दुआ मांगी। वहीं मौहल्ला चूनगरान निवासी बीबीएस स्कूल में अध्यनरत छात्र आठ वर्ष के मौहम्मद कामरान पुत्र ताहिर हुसैन देश में अमन चैन,सुख शान्ति के लिए रोजे रखा।
बीएसएनएल मे कार्यरत मौ कामरान के पिता ताहिर हुसैन ने बताया कि स्कूल मे अवकाश होने पर तथा गुरुवार व शुकवार के दिन भी कामरान रोजे रखता है तथा इबादत करता है व नमाज पढता है, कामरान ने पिछले वर्ष भी कोरोना वायरस की समाप्ति के लिए रोजे रखे थे।
मासूम बच्चे के रोजा रखने पर फूलों तथा रुपयों की मालायें पहनाकर परिवारजनों ने हौसला-अफजाई की तथा पूरे परिवार मे खुशी का माहौल रहा तथा रिश्तेदार फोन पर अपनी खुशी जाहिर कर रहे है।


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