राज्यसभा चुनाव:जारी है शह-मात का खेल,हो रही है खासी उठापटक

भाजपा का जोड़-तोड़: 12 विधायकों से साधा सम्पर्क !
जयपुर। राज्यसभा चुनाव में जहां कांग्रेस तीन सीटें जीतने के लिये हर संभव प्रयास कर रही है। ऐसे में इस रणनीति के बीच खासी उठापठक देखने को मिल रही है। कांग्रेस के लिये अपने ही बेगाने बन रहे है तो बसपा के विधायकों के लिये भी जारी व्हीप ने समस्या पैदा कर दी है। उधर अब भाजपा ने भी जोड़-तोड़ शुरू कर दी है। पार्टी के एक बड़े नेता के अनुसार भाजपा विधायकों के अलावा बारह अन्य विधायकों से सम्पर्क किया गया है। इनमें आरएलपी के तीन विधायक भी शामिल हैं। निर्दलीय विधायक और दूसरे दलों के विधायकों से भी सम्पर्क किया गया है। यह भी दावा है कि कांग्रेस के कुछ विधायक भी भाजपा नेताओं के सम्पर्क में है। पार्टी को उम्मीद है कि भाजपा के 71 विधायक और आरएलपी के तीन विधायक तो भाजपा प्रत्याशी और भाजपा समर्थित प्रत्याशी के साथ हैं, लेकिन जीत के लिए अभी भी आठ और विधायकों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में पार्टी के कई नेता लगातार निर्दलीय एवं अन्य दलों के विधायकों से सम्पर्क में बने हुए हैं। आरएलपी के तीन विधायकों के अलावा 9 अन्य विधायकों से भी लगातार बातचीत चल रही है, लेकिन इस बातचीत का नतीजा क्या रहा। इसे लेकर सब चुप्पी साधे हुए हैं।भाजपा नेताओं ने किया मंथन, एक-एक नाम पर की चर्चाप्रदेश भाजपा के प्रमुख नेताओं ने शुक्रवार शाम भाजपा प्रदेश कार्यालय में राज्यसभा चुनावों को लेकर कई देर तक मंथन किया। इस दौरान दूसरी सीट पर जीत के लिए जरूरी वोटों को लेकर भी चर्चा की गई। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे, प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ और संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर ने देर शाम राज्यसभा चुनावों में दोनों सीटों पर जीत की संभावना को लेकर चर्चा की। इस बैठक में कुछ समय के लिए भाजपा समर्थित प्रत्याशी सुभाष चन्द्रा को भी बुलाया गया था। उनके साथ करीब बीस मिनट बैठक चली। यह भी चर्चा हुई कि अब तक किस निर्दलीय और अन्य दल के विधायकों से बात हुई है और उनकी क्या मांग है। विधायकों से बातचीत पूरी तरह से गुप्त रखी जा रही है।
सबसे बड़ा प्रलोभन टिकट का आश्वासन
पार्टी की दो-तीन विधायकों से काफी गंभीरता से बातचीत चल रही है। बताया जा रहा है कि ये विधायक भाजपा समर्थित प्रत्याशी को वोट देने के बदले 2023 में भाजपा से टिकट देने का आश्वासन चाह रहे हैं। हालांकि, इस बारे में अभी तक किसी को आश्वासन मिल पाया है या नहीं। यह भी साफ नहीं हुआ है,लेकिन प्रदेश के एक नेता ने यह दावा किया है कि टिकट को लेकर चर्चा चल रही है और यदि बातचीत किसी नतीजे पर पहुंचती है तो बड़े नेताओं से बातचीत के बाद ही आश्वासन दिया जाएगा।
बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों के लिए व्हिप जारी, निर्दलीय प्रत्याशी को वोट करने के निर्देश
बसपा से कांग्रेस में आए 6 विधायकों के लिए राज्यसभा चुनाव में बसपा ने भी व्हिप जारी कर दिया है। बसपा ने व्हिप जारी कर के निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा को वोट डालने के निर्देश दिए हैं। बसपा प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बाबा की ओर से व्हिप का पत्र भी जारी कर दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि राजेंद्र गुढ़ा, लाखन सिंह मीणा, दीपचंद खेरिया, जोगिंदर सिंह अवाना, संदीप यादव और वाजिब अली बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते हैं।इसलिए बसपा का भी अपमान ने के लिए वादे हैं बसपा के बीच के मुताबिक 4 सीटों पर हो रहे राज सभा चुनाव में बसपा न तो बीजेपी और न ही कांग्रेस की नीतियों से सहमत है और इनके द्वारा खड़े किए गए प्रत्याशियों का विरोध करती है।ऐसे में बसपा विधायक अपना वोट निर्दलीय उम्मीदवार को ही देंगे। कहा गया है कि बसपा विधायकों की ओर से ऐसा नहीं करने पर व्हिप का उल्लंघन माना जाएगा और विधायकों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। बसपा प्रदेशाध्यक्ष ने व्हिप की कॉपी विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी और विधानसभा के प्रमुख सचिव को भी भेजी है। गौरतलब है कि ये सभी 6 विधायक साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर चुनाव जीते थे लेकिन बाद में सभी विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए, जिसे लेकर बसपा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई है जिस पर अभी फैसला आना बाकी है। इससे पहले भी साल 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में बसपा के सिंबल पर 6 विधायक चुनाव जीतकर आए थे जिन्हें बाद में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस में शामिल करा लिया था। इन विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए बसपा ने तत्कालीन विधानसभा स्पीकर दीपेंद्र सिंह के समक्ष याचिका दायर की थी।
अपनों का ही सरकार पर हमला, छह ने दिखाए बागी तेवर
राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही जोड़-तोड़ के बीच कांग्रेस के छह विधायकों ने बागी तेवर दिखाते हुए सरकार की मुश्किल बढ़ा दी है। कांग्रेस और समर्थक निर्दलीय अधिकांश विधायक बाड़ाबंदी में उदयपुर भेजे जा चुके हैं। लेकिन छह विधायकों ने सैनिक कल्याण राज्यमंत्री राजेन्द्र गुढ़ा के निवास पर बैठक कर बागी तेवर दिखाया। बताया जा रहा है कि इन विधायकों को साधने के लिए मुख्यमंत्री एक नजदीकी नेता संपर्क करने घर भी पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। विधायकों ने साफ कर दिया कि उनसे जो पहले वादे किए गए थे, वो पूरे नहीं किए गए। सभी को कहा गया था कि कोई भी विधायक, विधायक नहीं रहेगा। सभी को पद मिलेंगे। वहीं नौकरशाही हावी होने से जनता के काम तक नहीं हो रहे। कांग्रेस पर राज्यमंत्री राजेन्द्र गुढ़ा, खिलाड़ी बैरवा, गिर्राज मंलिगा, वाजिब अली और संदीप यादव ने हमला बोला। उनके साथ लाखन मीणा भी मौजूद थे।

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