राजस्थानी वेशभूषा-पकवान से महका लंदन,जाने कैसे,देखे विडियो

लंदन में महके राजस्थान के रंग
लंदन।लंदन में सुबह से ही RAUK के वार्षिक कार्यक्रम “जीमण” में राजस्थान की रंगत दिखाई दे रही थी, पचरंगी, बँधेज के साफो में प्रवासी राजस्थानी मेट्यार, वहीं औरतें पारम्परिक आभूषण। और वेशभूषा में दिख रहे थे। बच्चे भी कहाँ पीछे रहने वाले हैं वो भी रंगबिरगें कपडों में सजे धजे घूम रहे थे,उन्हें तो जैसे अपनेपन का खजाना ही मिल गया हो।
RAUK के मीडिया प्रभारी दिलीप पुंगलिया एंवम इन्दु बारोठ ने बताया की इस साल जीमण कार्यक्रम की तैयारी के समन्वयक आलोक  और रागिनी चौधरी की देखरेख में किस तरह महिनों पहले से ही कार्यक्रम की रुपरेखा तैयार कर विभागों में बाँटकर वोलेंटियर्स को दे दिया गया। जिसमें सबने अपना तन मन लगाकर कार्य को अंजाम दिया। जैसे की राजीव खीचड़ एंवम प्रदीप बेडा क नेतृत्व में सभी मेहमानो का तिलक लगा कर और गुड़ से मुँह मीठा कर स्वागत हु। शिप्रा एंवम आदित्य सिंह ने सारी साज सज्जा की जिम्मेदारी निभायी, आँचल एंवम राखी जी ने सभी सांस्कृतिक पर्फोर्मस को करवाने की जिम्मेदारी ली। वहीं राजीव डांगा, नन्दलाल जाट और रवि कुमार की अनुभवी टीम ने खाने की जिम्मेदारी निभायी। इनके अलावा और भी बहुत सारे वालंटियर्स ने कार्यक्रम की छोटी से छोटी चाजों का ध्यान रखते हुये पूरे मन से सेवा देकर लंदन में राजस्थान का डंका बजाने में महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान की। कुछ हमारे संस्था के सेवीगण ने नींव की ईंट की भूमिका निभाई जो सामने ना आकर भी बहुत कुछ कर गये , उन सभी को राजस्थानीयों की तरफ से हार्दिक आभार है।इस साल जीमण की पूरी साज सजावट शेखावाटी थीम पर रखी गई थी। प्रारम्भ में ही माथे पर तिलक लगा कर,गुड़ की मिठास के साथ अगवानी हुई जहाँ लोग खमाघणी, राम राम और जय माताजी की के साथ लोग आपस में मिल रहे थे, पारम्परिक अन्दाज़ में फ़ोटो खिंचवाने में लगे हुये थे। कोविड-19 के बाद का जीमण था तो लोग आपस में मिलकर अपने सुख दुख में कटे दिनो के बारे बातें कर मन हल्का कर रहे थे। वहीं नाश्ते में अदरक वाली चाय के साथ कचौरी,समोसे का नाश्ता था ।जीमण कार्यक्रम के सूत्रधार हरेन्द्र सिंह  ने बताया कि किस तरह वह अपनी धरोहर इपनी संस्कृति को इस कार्यक्रम के माध्यम से राजस्थानी वर्ग जो अपनी जडों से दूर रह रहें हैं, उन तक पहुँचने का काम कर रहे हैं, उन्हें कहा कि ये हमारा कर्तव्य है कि हमारे बाप दादा ने जो संस्कार हमें दिये हैं वो हम अपने बच्चों तक जरुर पहुँचाये जिससे हमारी संस्कृति हमारी सभ्यता अंनत काल तक प्रगतिशील रहेगी।RAUK की एक और मीडिया प्रभारी पुष्पा चौधरी ने जाकारी दी की प्रोग्राम में चीफ गेस्ट अनिल अग्रवाल, वेदांत ग्रुप के फाउंडर एवंम चैयरमेन, उनकी वाइफ किरण अग्रवाल, संत अभयदास महाराज, एंवम संत मोहन  ने शिरकत दी एंवम अपना आषीर्वाद दिया। चीफ गेस्ट अनिल अग्रवाल ने भरोसा दिलाया की वो UK में राजस्थानी लोगो की हर संभव मदद करेंग। उन्होंने ये भी बताया की कैसे वो इस कार्यक्रम में आ कर राजस्थानी सांस्कृतिक परफॉरमेंस देख के खुश हुए।जीमण में आये हुए मेहमान डॉ ॰ मनीष  और डॉ ॰ अर्चना  ने भी अपनी खुशी को व्यक्त करते हुए बताया कि वो 20 साल से यहाँ रह रहे हैं , पर पहली बार वो इस तरह के ठेठ राजस्थानी कार्यक्रम का हिस्सा बने है। अब तो उन्हें हर साल इस तरह के कार्यक्रम का उन्हें इंतज़ार रहेगा वहीं बेरिस्टर ज्योति स्वामी तथा प्रियंका जी नें भी बताया कि उन्हें अपने फ्रेंड्स से इस कार्यक्रम की जानकारी मिली तो वो भी आने से खुद रोक न सकी। वो भी अपनी संस्कृति अपनी मातृभाषा को सुनकर देखकर बेहद खुश हैं ।मंच पर कार्यक्रम की शुरुआत छोटे बच्चों ने तरह तरह की प्रस्तुतियाँ दी। इस बार कार्यक्रम में मंच का संचालन बच्चों ने किया जो एक अलग अंदाज़ रहा। रंग रंगीलो ग्रुप की जोरदार परफॉरमेंस के बाद जब निशाबा जडेजा ने अपनी तलवारबाजी के गुर दिखाए तो लोग अपने दांतो टेल ऊँगली दबाये बैठे रह गए। निशाबा ने ये बताया की तलवार बाज़ी के एक राजपूतानी और बेटी की नज़र से मायने क्या है। वहीं विवेक शर्मा ने बांसुरी वादन से सबका मन मोह लिया। उनके साथ उनकी बेटी ने भी “तेरी लाडकी मै” गाना गा कर सबको भाव विभोर कर दिया।
इस कार्यक्रम में मोहन  व मारवाड़ की मिट्टी के संत अभय दास का आशीर्वाद तथा भजन सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । साथ ही चीफ गेस्ट के हाथो जीमण की वार्षिक पत्रिका का भी विमोचन हुआ। इस जीमण पत्रिका के लिए RAUK के ऋषि राज सिंह एंवम सृष्टि भाटी ने UK में रहने वाले राजस्थनीयो के द्वारा लिखे गए आर्टिकल, कविता इत्यादि शामिल किये। ज्ञात रहे कि इनमे से ज्यादातर सब आर्टिकल्स और कविता वह पर पल बढ़ बच्चो ने लिखे ह जिन्हे हिंदी या राजस्थानी स्कूल में नहीं सिखाई जाती पर फिर इस पत्रिका कि लिए उन्होंने ये भाषाएँ सीखने का प्रयास किया।कार्यक्रम का सबसे स्पेशल वोलेंटियरिगं टीम द्वारा किया गया राजस्थानी नृत्य था, जिसके लिये वंस मोर वंस मोर की हूटिंग होने लगी थी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनिल अग्रवाल तथा किरण अग्रवाल थे जिनके लिये ये कार्यक्रम पक्का यादगार रहा होगा।राजस्थान के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और कई मंत्री  ने भी अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित की। राजस्थान के बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया किसी कारण वश नहीं आ पाये तो उन्होंने भी अपनी शुभकामनाएँ भेजी।भोजन में भाँति भाँति के पकवानों के साथ लोगों ने जा बातों के कलेवे किये वो साल भर बूस्टर का काम करने वाले होंगे ।इस जीमण में पूरे यूके से लगभग 1000 लोगो ने हिस्सा लिया। जिसमे से लोग UK की विभिन्न शहरो से जैसे कि ग्लासगो, एडिनबरा, लीवरपुल, लीड्स, मिल्टन कीज, बरमिंगम, कॉलचेस्टर आदि कई दूरी वाली जगह से भी लोग इपनों से मिलने कार्यक्रम का हिस्सा बनने आये थे।
ये भी एक संयोग रहा कि इसी कार्यक्रम में MBM इंजीनियरिंग कॉलेज जोधपुर के पूर्व 25 छात्रों का समूह भी यहाँ उपस्थित रहा और अपने कॉलेज की यादे ताज़ा की।कार्यक्रम के अंत में हर वर्ष की तरह महा घूमर हुई जिसमें औरतों के साथ बच्चों नें जमकर घूमर डाली। अगले वर्ष फिर से आने का वादा कर भरे मन से सबने विदाई ली। ये एक बिना बींद बींदणी का ब्याह जैसा वातावरण में था जहां हर क्षण आन्नद और उल्लास से भरा हुआ था।

लंदन के ही रहने वाले विवेक  दाधीच ने कल के कार्यक्रम को अपनी कविता के माध्यम से प्रदर्शित किया है—-
काल जीमन में सब कुछ हो सा …आनंद आयग्यो

साफ़ा, तिलक, बोरला, टीका , और पचरंगी रंग
मान , मनुहार , लाड , आभार , टिंगरा रा हुड़दंग

काल जीमन में सब कुछ हो सा …आनंद आयग्यो

मनमोहक सब नृत्य संग में , थी तबला री थाप
बाईसा री खड़ग ज़बर , बेटयाँ रा मधुर आलाप

काल जीमन में सब कुछ हो सा …आनंद आयग्यो

चूरमों, बाटी , पुरियाँ ताती और गट्टा रो साग
भोजन रो भी स्वाद बढ़े , जद मिले लाइन में लाग 😜

काल जीमन में सब कुछ हो सा …आनंद आयग्यो

आलोक सा रो आलोक , हरेन जी री मुस्कान
सब भाई बहना री मेहनत और बाबाजी रो ज्ञान

काल जीमन में सब कुछ हो सा …आनंद आयग्यो

 

 

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