पुलिस ने सौ लोगों के चेहरों पर लौटाई खुशियां,जाने कैसे

तहलका न्यूज,बीकानेर। किसी का मोबाइल रेल में छूट गया तो किसी का बस में। जिस किसी को मिला उसने पुलिस को सूचना देने के बजाय मोबाइल अपने पास रख लिया। छह महीने बाद उसे ऑन किया तो पहली घंटी पुलिस थाने से आई। तुरंत मोबाइल नजदीकी थाने में जमा करा दो, अन्यथा कानूनी कार्रवाई होगी। इस तरह बीकानेर पुलिस ने दो-चार नहीं बल्कि सौ से ज्यादा मोबाइल जब्त किए हैं, जिनकी कीमत करीब पैंतीस लाख रुपए हैं।बीकानेर पुलिस की साइबर टीम ने पिछले एक महीने में सौ से ज्यादा गुम हुए मोबाइल जब्त किए हैं। इनमें एक भी मोबाइल चोरी का नहीं है। पुलिस अधीक्षक योगेश यादव ने बताया कि सभी मोबाइल कहीं न कहीं गुम हुए थे। इनकी रिपोर्ट पुलिस को दर्ज कराई गई थी, ऐसे में इनको लगातार ट्रेस किया गया। अगर किसी जगह अज्ञात व्यक्ति का मोबाइल मिलता है तो उसे पुलिस थाने में जमा कराना होता है। आमतौर पर लोग ऐसे मोबाइल को अपने पास रख लेते हैं। कुछ महीने बाद उसे चालू करते हैं। पुलिस ने कई महीनों तक इन मोबाइल को अपने सर्विलांस पर रखा। छह महीने बाद भी मोबाइल खुले और उसमें किसी भी नंबर की सिम लगी तो पुलिस को पता चल गया। साइबर टीम ने ऐसे व्यक्ति को फोन करके बोला कि आप जो मोबाइल उपयोग में ले रहे हैं ये किसी अन्य का है। तुरंत इसे थाने में जमा करा दें, अन्यथा पुलिस कार्रवाई होगी। बीकानेर के लगभग सभी थाना क्षेत्रों से पुलिस को खोये हुए, ये मोबाइल मिले हैं।

पैंतीस लाख की कीमत

जो मोबाइल पुलिस के पास पहुंचे हैं उनमें छह आईफोन भी है, जिनकी कीमत पचास हजार से एक लाख रुपए तक है। इसके अलावा अधिकांश मोबाइल बीस हजार से चालीस हजार रुपए कीमत के हैं। सभी फोन की कीमत करीब पैंतीस लाख रुपए बताई जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि ये फोन चालू स्थिति में है और असली मालिक तक पहुंचाए जा रहे हैं। अधिकांश मोबाइल के मालिक को सूचना कर दी गई है।

कानूनी कार्रवाई नहीं

रास्ते में मिले मोबाइल को अपनी संपत्ति मानकर रखने वालों के खिलाफ पुलिस ने फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि इन मोबाइल से किसी तरह का कोई आपराधिक कृत्य नहीं किया गया, ऐसे में कार्रवाई नहीं की जा रही। यादव ने कहा कि वैसे किसी अन्य के मोबाइल का उपयोग कानूनी रूप से गलत है।

आसानी से टूटते हैं पासवर्ड

दरअसल, बीकानेर में ही कई लोग मोबाइल के पासवर्ड भी तोड़ देते हैं। महज पचास रुपए में पासवर्ड तोड़ने व गोपनीय नंबर तक बदलने की शिकायत पर यादव ने कहा कि ऐसे लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। जल्द ही इस तरह के लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

ये है पुलिस टीम

पुलिस ने फिर से खुशी अभियान शुरू किया है। इस अभियान के लिए गठित टीम ने मोबाइल ढूंढ निकाले हैं। इस टीम में हेड कांस्टेबल दीपक यादव, दिलीप सिंह, कांस्टेबल देवेंद्र सिंह, सूर्य प्रकाश, सरजीत, श्रीराम, राजुराम, बाबूलाल, महेंद्र, गोविन्द शामिल रहे।

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