जन्मदिन-शादी की सालगिरह,दिन विशेष को ऐसे यादगार बनाते है लोग

तहलका न्यूज,बीकानेर। हालांकि पीबीएम हॉस्पिटल भवन और परिसर में जगह-जगह दानदाताओं ने वाटर कूलर, टंकी सहित पक्के प्याऊ बनवाए लेकिन देखरेख के अभाव में लगभग सभी बंद हो गए। ऐसे लगभग एक दर्जन प्याऊ बंद होने से पानी के लिए दर-दर भटकते मरीजों और उनके रिश्तेदारों को देख एक समाजसेवी ने जल-व्यवस्था की ठानी। काम शुरू भी किया लेकिन कुछ ही दिन में पता चला कि इक्का-दुक्का लोगों के बूते की बात नहीं। ऐसे में लोगों को जोड़ा। शादी की सालगिरह, जन्मदिन, किसी प्रियजन की पुण्यतिथि जैसे विशिष्ट दिन पर एक दिन के पानी के खर्च सहित अपने हाथ से जलसेवा करने को प्रेरित किया। लोग भी जुटते गए। अब स्थिति यह है कि गर्मी के लगभग चार महीने यानी 120 दिनों के लिए चलने वाली इस सेवा में से लगभग आधे दिन तो खास दिन पानी पिलाकर मनाने वाले जुट गए। नतीजतन, परिसर में नौ जगह ठंडे-फिल्टर पानी की कैंपर प्याऊ खुल गई। हर दिन 1200 से 1500 कैंपर यानी 30 हजार लीटर पानी पिलाया जाने लगा। इसके लिए 10 कर्मचारी नियुक्त हो गए और परमानेंट प्याऊ टैंट भी खरीद लिए गए। एक रजिस्टर मेंटेन हो रहा है जिसमें हर दिन के लिए पानी का इंतजाम करने वाले व्यक्ति का नाम और उसके लिए दिन की खासियत लिखी गई है। पानी पिलाकर जन्मदिन-मैरिज एनिवर्सरी मनाने वालों को यहां मौके पर सम्मान भी हो रहा है। श्यामसुंदर सोनी नाम के एक शख्स ने कृष्ण सेवा संस्थान के नाम से काम शुरू किया। अब स्थिति यह है कि हॉस्पिटल प्रशासन जहां आगे बढ़कर इन्हें सेवा का विस्तार करने को कह रहा है वहीं वार्ड, डाक्टर चैंबर तक सब जगह सेवादारों के जल-कैंपर पहुंच रहे हैं। यह सेवादार हर साल अप्रेल में पीबीएम में शीतल जल सेवा शुरू करते है। इस बार इसकी शुरुआत सोमवार को जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने स्वयं आमजन को पानी पिलाकर की। अस्पताल में प्रति दिन करीब 10 हजार मरीज तीमारदारों की आवाजाही होती है। दूर दराज से करीब 6 हजार से अधिक रोगी तो आउट डोर में चिकित्सक परामर्श लेने आते हैं। वहीं करीब 4 हजार से अधिक मरीज व तीमारदार वार्डों में रहते हैं।


Leave a Reply

Your email address will not be published.