जिला कलक्टर कलाल से मंत्री के व्यवहार में लोगों ने जताई नाराजगी

तहलका न्यूज,बीकानेर। जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल के साथ पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा के अमर्यादित व्यवहार को लेकर कार्मिकों के साथ अब आमजन व राजनीतिक दलों के सदस्यों ने भी नाराजगी जताई है। केन्द्रीय पुरातत्व सलाहाकार बोर्ड के पूर्व सदस्य साजिद सुलेमानी ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि मंत्री की अमर्यादित भाषा कांग्रेस संस्कर्ति की भाषा नहीं हो सकती।कांग्रेस द्वारा हमेशा से सर्व समाज और ब्यूरोक्रेसी को साथ लेकर देश और राज्य के विकास का सूत्रधार मानती है। देश के विकास में हमेशा से ब्यूरोक्रेसी का योगदान रहा है। बीकानेर जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल द्वारा चलाई जा रही अशोक गहलोत  की योजनाएँ जो ग़रीब लोगो के हक़ में चलाई जा रही योजनाओ के क्रियान्वयन का कोई सानी नहीं है।राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री रमेश मीणा द्वारा जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल के साथ किये गये दुर्व्यवहार की घटना पर शहर भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह ने कड़ी निंदा करते हुए गहरा रोष प्रकट किया है।  जिलाध्यक्ष सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जिले के सबसे उच्च अधिकारी और जिला मजिस्ट्रेट के साथ सत्ता के अहंकार में डूबे मंत्री रमेश मीणा को इस प्रकार के बेरुखे दुर्व्यवहार का कोई हक नहीं है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में कांग्रेस के मंत्रीगण, नेता और कार्यकर्ता अमूमन अधिकारियों पर राजनैतिक दबाव डालकर अनुचित कार्यो को करवाने का प्रयास करते रहे हैं। इस प्रक्रिया में अनेकों बार सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को नेताओं की बदतमीजी का शिकार होना पड़ता है।सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार में जनकार्यो से जुड़े सभी कार्यालयों में अधिकारी दबाव में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब राजस्थान की जनता ने इस सरकार को विदा करने का मानस बना लिया है और सरकार के मंत्रियो की बौखलाहट स्पष्ट रूप से दिखने लगी है।जिला मंत्री और मीडिया प्रभारी मनीष आचार्य ने भी मंत्री मीणा द्वारा जिला कलेक्टर के साथ किए अनपेक्षित व्यवहार की घोर निंदा करते हुए कहा कि इस शर्मनाक कृत्य से बीकानेर के आमजन को ठेस पहुंची है । उन्होंने कहा कि  गहलोत सरकार के मंत्री प्रतिदिन अपने व्यवहार और आचरण से सरकार की किरकिरी करने में लगे हुए हैं और बीकानेर जिला कलेक्टर ने ऐसा कोई कृत्य नहीं किया जिसके लिये मंत्री को उनके साथ सार्वजनिक रूप से इस प्रकार का बर्ताव करना पड़े।आम-आदमी पार्टी के नेता पुनीत ढाल ने कहा कि यह लंबे से देखा जा रहा है कि कांग्रेस की आपसी लड़ाई में मंत्रीगण अफरशाही पर हावी हो रहे है। इसका उदाहरण आज बीकानेर के रविन्द्र मंत्र में आयोजित कार्यक्रम में देखने को मिला। ढाल ने कि कलक्टर के पास पूरे जिले की जिम्मेदारी रहती है, ऐसे में कलक्टर के पास हर प्रकार के फोन या मैसेज्स आते है, जिनको अटेंड भी करना पड़ता है कि कोई इमरजेंसी कॉल या मैसेज तो नहीं है। सोमवार को कार्यक्रम में भी कलक्टर अपने मोबाइल को देख रहे थे कि मंत्री ने दुव्र्यवहार करते हुए कलक्टर को कार्यक्रम से बाहर निकाल दिया। ढाल ने कहा कि यह कृत्य लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूूर्ण है, हम इसका पूरजोर विरोध करते है।

सत्ता के मद चूर मंत्री अपनी मर्यादा भूल गये है-मुगल*
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा द्वारा बीकानेर जिला कलक्टर के साथ किये गये अशोभनीय व्यवहार को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रमजान ने कड़े शब्दो में भत्र्सना करते हुए कहा कि जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल कतृव्यनिष्ठ और जिम्मेदार अधिकारी है। बीकानेर में राज्य सरकार की फ्लेगशीप योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने में जिला कलक्टर सजगता से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है । लोकसेवा के लिये समर्पित बीकानेर जिला कलक्टर के साथ मंत्री रमेश मीणा का यह व्यवहार निदंनीय है। मगुल ने अपने प्रेस बयान में कहा कि राजस्थान सरकार के कई मंत्री सत्ता के मद में चूर होकर अपनी मर्यादा भूल गये है। मंत्रियों का जिम्मेदार अफसरों के साथ ऐसा बर्ताव किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। अगर मंत्री रमेश मीणा ने अपने बर्ताव के लिये बीकानेर जिला कलक्टर से माफी नहीं मांगी तो लोजपा प्रदेशव्यापी स्तर पर मंत्री रमेश मीणा के खिलाफ आंदोलन चलायेगी।
यूआईटी कर्मचारी संघ ने जताया रोष
नगर विकास न्यास कर्मचारी संघ ने भी इस प्रकरण पर रोष जताया। संघ के अध्यक्ष अश्विनी आचार्य व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने कहा कि मंत्री रमेश मीना द्वारा किये गये अशोभनीय व्यवहार एवं शालीनता की सीमा से परे कृत्य की जितनी निंदा की जाएं कम है। इसको लेकर कर्मचार वर्ग में रोष है और कर्मचारी पैन डाउन हड़ताल तक कर सकता है।

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