…नहीं तो कांग्रेस व कल्ला को कहेंगे बॉय-बॉय

तहलका न्यूज,बीकानेर। स्थानान्तरण का सिलसिला शुरू होने के साथ ही विरोध शुरू हो गया है। राजस्थान जाट महासभा शिक्षा मंत्री डॉ बीडी कल्ला के खिलाफ बिगुल बजा दिया है। बुधवार को राजस्थान जाट महासभा की ओर से प्रेस कॉफ्रेंस कर कल्ला व कांग्रेस को चेतावनी दी है कि अगर स्थानान्तरण वापस नहीं किये गये तो जाट महासभा कांग्रेस को बॉय बॉय करने जैसा कदम भी उठा सकती है। जिलाध्यक्ष नोपाराम जाखड़ ने कहा कि विभाग व विभागीय मंत्री पर जाट समाज के शिक्षकों को द्वेषता के चलते दूरस्थ स्थानों पर लगााए है। इसी के साथ निदेशक के निजी अनुभाग अधिकारी के पद पर संघ व भाजपा से जुड़े जिला शिक्षा अधिकारी को पद के विरुद्ध पदस्थापित किये है। जिसे जाट समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। महासभा अपनी बात सीएम तक पहुंचाएंगे और शिक्षा मंत्री डॉ कल्ला को बर्खास्त करनी की मांग करेगा। अगर हमारी मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया तो न केवल जाट महासभा प्रदेश व्यापी आन्दोलन करेगी। ल्कि कांग्रेस को बॉय बॉय कहने से भी नहीं हिचाकिचाएगी। प्रेस वार्ता में मोहन सियाग,पांचू के पूर्व प्रधान प्रतिनिधि भंवरलाल गोरछिया,सुखराम,जयकिशन भारी भी मौजूद रहे।

जाट जाति को किया टारगेट

जाट छात्रावास बीकानेर में राजस्थान जाट महासभा के बैनर तले नोपाराम जाखड़, जिलाध्यक्ष, राजस्थान जाट महासभा, भोमाराज गाट, शहर अध्यक्ष एवं भीखाराम सांगवा, अध्यक्ष जाट छात्रावास की अगुवाई में शिक्षा विभाग में जाट जाति को टारगेट करके किये गए तबादलों पर एक सभा का आयोजन किया गया एवं जिस प्रकार से बीकानेर जिले में जाट जाति के प्रधानाचार्य एवं समकक्ष स्तर के अधिकारियों के साथ द्वेषतापूर्ण व्यवहार कर स्थानान्तरण आदेश जारी किये गए है। उससे यह सीख दी गई है कि राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री के लिए एक राजकीय कार्मिक की जाति महत्वपूर्ण होती और उसे जाति विशेष के चश्मे से देखा और गिना जाता है।शिक्षा मंत्री ने एकमुस्त जाट अधिकारियों को हटाकर यह संदेश दिया है कि कॉग्रेस की सोशल इंजीनीयरिंग में अब जाट जाति कोई मायने नहीं रखती है। इस सोशल इंजीनीयरिंग को अमलीजामा पहनाने का बीडा स्थानीय विधायक एवं शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने शुरू किया है।  जारी स्थानान्तरण आदेशों में शिक्षा निदेशालय से अन्यत्र स्थानान्तरित किये गए 17 प्रधानाचार्य स्तर के अधिकारियों में से कांग्रेस का परम्परागत वोट बैंक समझी जाने वाली जाट जाति के 11 अधिकारियों को निदेशालय से अन्यत्र स्थानान्तरित किया गया है जिसमें से 10 अधिकारियों को शहर अथवा शहर के समीप रिक्त पदस्थापन स्थान उपलब्ध होते हुए द्वेषतापूर्वक अत्यंत दुरस्थ स्थानों पर लगाया गया है। यहां उल्लेखनीय बात यह भी है कि अन्य जातियों के निदेशालय से स्थानान्तरित 06 अधिकारियों को बीकानेर शहर अथवा शहर के समीप सुविधाजनक स्थानों पर लगाया गया है। इसके साथ ही निदेशालय के एक उप निदेशक स्तर के जाट अधिकारी को भी सिरोही भेजा गया है।निदेशालय में लगाए गए 15 अधिकारियों में एक भी अधिकारी जाट जाति से नहीं है और निदेशालय में लगाए गए इन 15 अधिकारियों में से अधिकांश आरएसएस के स्वयंसेवक / कार्यकर्त्ता है तथा भारतीय जनता पार्टी से संबंध रखते हैं. यहां यह भी उल्लेखनीय। है कि डॉ. बी.डी. कल्ला के शिक्षा मंत्री बनते ही माध्यमिक शिक्षा निदेशक के निजी अनुभाग अधिकारी के पद पर भी पद विरुद्ध आरएसएस से संबंध रखने भारतीय जनता पार्टी मे कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने वाले जिला शिक्षा अधिकारीको पदस्थापित किया गया है.इस प्रक्रिया को यही विराम नहीं देते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में भी निदेशक के निजी अनुभाग अधिकारी के पद पर संघ एवं भारतीय जनता पार्टी से जुड़े जिला शिक्षा अधिकारी को पद विरुद्ध पदस्थापित किया गया है।

इसके अलावा बीकानेर शहर के कार्यालय / स्थानीय विद्यालयों में पदस्थापित प्रधानाचार्य स्तर की 04 जाट महिला अधिकारियों को भी द्वेषतापूर्वक दुरस्थ स्थानों पर लगाया। गया है. जहां सार्वजनिक परिवहन के साधन भी उपलब्ध नहीं है। बीकानेर शहर या स्थानीय कार्यालयों से हटाए गए अन्य जाति से संबंध रखने वाले अधिकारियों को बीकानेर शहर में ही अथवा बीकानेर शहर के समीप इच्छित स्थानों पर पदस्थापित किया गया है। शिक्षा मंत्री द्वारा जाट जाति को टारगेट करके किये गए इन स्थानान्तरणों का राजस्थान जाट महासभा द्वारा विरोध जताते हुए उक्त किये गए जाट अधिकारियों के स्थानान्तरणों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग करती है।उक्त जारी तबादला सूची से यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला द्वारा जाट जाति के साथ द्वेषतापूर्ण व्यवहार रखते हुए स्थानान्तरण सूचियां जारी की जा रही है, इससे सम्पूर्ण जाट समाज में व्याप्त आक्रोश को मद्देनजर रखते हुए राजस्थान जाट महासभा इसका पुरजोर विरोध करती है यदि शिक्षा मंत्री द्वारा किये गये उक्त स्थानान्तरण आदेशों को निरस्त नहीं किये जाते हैं, तो राजस्थान जाट महासभा द्वारा सभी जिलों व राजधानी जयपुर में प्रदेश स्तरीय आन्दोलन किया जाएगा ।राजस्थान जाट महासभा शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षा विभाग में किये गए स्थानान्तरण आदेशों के संबंध में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर प्रकरण से अवगत करवाकर समाज हित में आगामी रणनिति तय करने का निर्णय लेती है।

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