प्रथम पूज्य के जन्मदिवस पर मंदिरों में रही धूम,देखे विडियो

 

तहलका न्यूज,बीकानेर। प्रथम पूजनीय गणपति का जन्मोत्सव श्रद्धाभाव और धूमधाम से मनाया गया। नगर के सभी गणेश मंदिरों को रंगबिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया। मंदिरों में इस मौके पर सुबह पंचामृत, दूध, घी, शहद और केसर आदि से अभिषेक किया गया। घर-घर भगवान गणेश का पूजन किया गया। घरों में द्वार गणेश की वंदना की गई। गजानन का विशेष शृंगार हुआ। गुड़ और मोदक का प्रसाद अर्पित किया। अनेक मंदिरों में छप्पनभोग लगाकर केक भी काटे गए। महाआरती का आयोजन हुआ। इस दौरान मंदिरों में गजानन के दर्शनों के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सिद्धि विनायक के जन्मदिन पर कहीं सूखे मेवे तो कहीं फूलों और लड्डुओं से मंदिरों को सजाया गया। इस मौके पर विभिन्न गणेश मंदिरों में गणेश वंदना पाठ और हवन का आयोजन किया गया। जूनागढ़ स्थित गढ़ गणेश को मोदक और छप्पनभोग का प्रसाद अर्पित किया गया। शाम को आरती हुई। मोहता धर्मशाला स्थित गणेश मंदिर में विशेष पूजा के साथ शोभायात्रा निकाली गई। सट्टा बाजार स्थित गणेश मंदिर में विशेष शृंगार कर महाआरती की गई। बड़ा गणेश मंदिर, नत्थूसर गेट स्थित इक्कीसिया गणेश मंदिर, सट्टा बाजार स्थित गणेश मंदिर, लक्ष्मीनाथ जी स्थित गढ़ गणेश, जस्सूसरगेट स्थित सिद्धि विनायक मंदिर, गणेश धोरा, भीनासर, संकटमोचन गणेश मंदिर, रानीबाजार स्थित लक्ष्मी-गणेश मंदिर, पीरूदान किराडू बगेची स्थित गणेश मंदिर,श्रीआदि गणेश मंदिर, गोगागेट स्थित गणेश मंदिर, रिद्धि-सिद्धि गणेश मंदिर, गंगाशहर सहित विभिन्न गणेश मंदिरों में रात तक दर्शन करने वालों का तांता लगा रहा।
10 दिवसीय गणेश महोत्सव शुरू
गणेश चतुर्थी के मौके पर नगर के विभिन्न स्थानों और घरों में भगवान गणपति की स्थापना कर 10 दिवसीय गणेश महोत्सव का आगाज किया गया। बारह गुवाड़ स्थित सदाफते चौक, कचहरी के पीछे गवर्नमेंट प्रेस रोड, जस्सूसर गेट, आचार्यों का चौक, रानीबाजार, गंगाशहर, सुजानदेसर आदि क्षेत्रों में गणेश स्थापना की गई।
यज्ञ की पूर्णाहुति,काटा केक
दाऊजी रोड स्थित श्रीआदि गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर दो दिवसीय पंचकुण्डीय महायज्ञ विधि विधान से सम्पन्न हुआ। विश्व कल्याणार्थ व राज्य में सुख शांति, समृद्धि के लिए किए जा रहे इस पंचकुण्डीय महायज्ञ में पंडित राजेन्द्र किराडू के आचार्यत्व में 21 वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोचारण के साथ आहूतियां दी। आयोजन से जुड़े मदनगोपाल व्यास ने बताया कि लंपी बीमारी से निजात दिलाने के लिये यज्ञ में यजमान रविशंकर आचार्य,राजकुमार खण्डेवाल,नंदन जोशी,पुनीत भारद्वाज व आदित्य श्रीमाली सपत्नीक आहुतियां देकर गौवंश को बचाने की कामना की। व्यास ने बताया कि गणेश चतुर्थी के दिन प्रात: 4 बजे गजानंद के दूध, दही, घी, शहद, चीनी, पंचामृत, केशर से अभिषेक किया गया। अभिषेक पं. विजय श्रीमाली, सुनील व्यास ने मंत्रोचारण के साथ संपन्न करवाया। इसके बाद शृंगार कर आरती की गई। दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव आरती हुई। जिसमें गणपति के 2101 किलो का प्रसाद व 1151 किलो के फलों का भोग लगाया गया तथा केक काटा गया। उन्होंने बताया कि मंदिर को विभिन्न प्रकार की रंग-बिरंगी रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया गया है। भक्त मंडल के खेमचंद सोनी,गोपाल रंगा,दीपक पारीक,श्याम सुंदर सांखी,राजेश स्वामी,नितेश बिन्नाणी,जुगल, नरेश आचार्य आदि सेवा कार्यों में जुटें।

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