अब हर स्टूडेंट का होगा असेसमेंट

असेसमेंट में मिले स्कोर के आधार पर होगी पढ़ाई

तहलका न्यूज़,बीकानेर। कोविड के बढ़ते संक्रमण के कारण स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो चुकी है और शिक्षा विभाग भी एक बार फिर एक्शन मोड में आ गया है। विभाग ने ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर टारगेट बेस्ड कार्ययोजना तैयार की है जिसके मुताबिक शिक्षकों को अब हर स्टूडेंट का असेसमेंट करना होगा और असेसमेंट में मिली ग्रेड के आधार पर ही उसे पढ़ाई करवाई जाएगी। स्कूलों में पहले दो पीरियड रेमिडी एजुकेशन के होंगे जिसमें पुराने सिलेबस का कुछ हिस्सा पढ़ाया जाएगा और स्टूडेंट्स के सीखने के स्तर के मुताबिक उनके गु्रप बनाए जाएंगे। किस स्टूडेंट्स को कितनी पढ़ाई आ रही है उसी के आधार पर बच्चों को ग्रुप में शामिल किया जाएगा और ही ग्रुप के लिए अलग अलग सिलेबस तय होगा।
ग्रेड के आधार पर तैयार होंगे ग्रुप
असेसमेंट में 30 फीसदी से कम स्कोर करने वाले विद्यार्थियों को अलग ग्रुप बनेगा। इसी प्रकार 30 से 59 फीसदी स्कोर करने वाले, 60 फीसदी से अधिक स्कोर करने वाले विद्यार्थियों का अलग अलग ग्रुप बनाया जाएगा। टीचर इन ग्रुप में स्टूडेंट्स के लर्निंग लेवल के मुताबिक उन्हें पढ़ाई करवाएंगे जिससे ऐसे स्टूडेंट्स जिनका स्कोर 60 फीसदी से कम रहा है उनका लङ्क्षर्नंग गेप कम किया जा सके। इसके लिए विभाग ने अलग से वर्कबुक तैयार करवाई हैं। जिन स्टूडेंट्स का स्कोर 60 फीसदी से अधिक रहा है उन्हें एट ग्रेड ग्रुप में रखा जाएगा यानी यह स्टूडेंट्स रेमिडी क्लास के दौरान अपनी वर्कबुक खुद पढ़ सकेंगे।
प्रोग्रेसिव वेब एप से मिलेगा सही आंसर
अब तक व्हाट्सएप के जरिए क्विज सॉल्व कर रहे स्टूडेंट्स के लिए विभाग ने एक नया एप प्रोग्रेसिव वेब एप डवलप किया है। स्टूडेंट्स इस एप पर क्विज सॉल्व करने की प्रेक्टिस करेंगे और जो सवाल उन्हें नहीं आते या जिनका उत्तर गलत है उनकी जानकारी उन्हें इस एप से मिल सकेगी। साथ ही प्रश्न से संबंधित वीडियो लिंक पर क्लिक कर टॉपिक से संबंधित वीडियो भी देख सकेंगे।
बच्चों के लिए तैयार 10 हजार वीडियो
कोविड काल में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हो इसके लिए विभाग ने ई कक्षा कार्यक्रम के माध्यम से तकरीबन 10 हजार से अधिक वीडियो तैयार करवाए हैं। खास बात यह है कि पहली से 12वीं कक्षा के हिंदी के साथ अंग्रेजी माध्यम से स्टूडेंट्स को भी इन वीडियो से पढ़ाई करवाई जाएगी। साथ ही साइन लैंग्वेज के जरिए स्पेशल चाइल्ड भी अपनी पढ़ाई कर सकेंगे। विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि मिशन ज्ञान एप के जरिए ई कक्षा कार्यक्रम के जरिए स्टूडेंट्स को पढ़ाई करवाएं।

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