राजस्थान में नई ट्रांसफर पॉलिसी ने बढ़ाई टीचर्स की परेशानी

जयपुर।राजस्थान के करीब 85 हजार ग्रेड थर्ड टीचर्स की परेशानी फिर से बढ़ गई है। पिछले 3 साल से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे टीचर्स को अब एक बार फिर नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत आवेदन करना पड़ेगा। मंगलवार को शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने बताया की टीचर्स के ट्रांसफर के लिए शिक्षा विभाग ने नई पॉलिसी तैयार कर मुख्य सचिव को भेज दी है। ऐसे में नई पॉलिसी अप्रूव होने के बाद फिर से ट्रांसफर के लिए आवेदन मांगे जाएगे। जिसके बाद ही टीचर्स के ट्रांसफर होंगे।शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत ही जो टीचर्स उसके अंतर्गत आएगा। उनको ही ट्रांसफर में राहत दी जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल ट्रांसफर बंद होने की वजह से शिक्षकों के तबादले नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में जब स्थांतरण से रोक हटेगी तब टीचर्स के ट्रांसफर नहीं होंगे।दरअसल, राजस्थान में पिछले साल अगस्त महीने में शाला दर्पण पर टीचर्स से ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। जिसमें प्रदेश के 85 हजार से ज्यादा टीचर्स ने अपने गृह जिले में आने के लिए आवेदन किया था। इसके साथ ही टीएसपी क्षेत्र से नॉन टीएसपी क्षेत्र के टीचर्स से विकल्प पत्र भी भरवाए गए। 9 महीने का वक्त बीत जाने के बाद भी टीचर्स के ट्रांसफर नहीं हुए थे। जिसको लेकर प्रदेशभर के टीचर्स लंबे समय से विरोध कर रहे है। वहीं अब शिक्षा विभाग ने नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार कर मुख्य सचिव उषा शर्मा के पास भेज दी है। मुख्य सचिव ट्रांसफर पॉलिसी को जांच कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास भेजेंगी। ऐसे में थर्ड ग्रेड टीचर्स को ट्रांसफर के लिए अब कुछ महीने और इंतजार करना पड़ेगा।
बता दें कि राजस्थान में लगभग एक लाख 88 हजार टीचर्स (थर्ड ग्रेड) है। इनमें से 85 से ज्यादा टीचर्स ने ट्रांसफर के लिए आवेदन कर रखा है। लेकिन पिछले 9 महीने से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद ट्रांसफर पॉलिसी नहीं बन पाई थी। जिसकी वजह से प्रदेश के हजारों टीचर का ट्रांसफर नहीं हो पाया है। अब शिक्षा विभाग ने नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार कर ली है। ऐसे में नई पॉलिसी लागू होने ही टीचर्स का अपने गृह जिले में जाने का सपना पूरा हो पाएगा।

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