भाजपा का धरना दे रहा कई संदेश,अंदरखाने में चर्चा

तहलका न्यूज,बीकानेर। नगर निगम में आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली महापौर द्वारा कलेक्ट्रेट पर दिया जा रहा अनिश्चितकालीन धरने को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में माहौल गर्माया हुआ है और चर्चा ए आम हो रही है कि आखिर यह धरना क्या संदेश दे रहा है। अंदरखाने में इसको लेकर तरह तरह की बातें सामने आने लगी है। विश्वस्त सूत्र बताते है कि बाहरी तौर पर एकता का संदेश देने वाली भाजपा में अन्दरूनी फूट जमकर सामने आई है। जहां इस धरने पर पार्टी का मुख्या नदारद है। वहीं कई पार्टी पदाधिकारी व पार्षद मजबूरी में अपने केन्द्रीय नेता के चक्कर में यहां आ रहे है। पार्टी में लगातार बढ़ रही खींचतान के कारण लेकर विगत दिनों बीकानेर प्रवास पर रहे संगठन के प्रदेश पदाधिकारी चन्द्रशेखर ने नेताओं की क्लास ली है और हिदायत दी है कि संगठन को अपने स्तर पर न चलाएं। इतना ही नहीं पिछले दो तीन दिनों से धरने से नदारद जिलाध्यक्ष व उनके चेहतों को भी संदेश दिया है कि पार्टी की गाइडलाइन से अलग चलना भारी पड़ सकता है। तो चन्द्रशेखर के सामने पार्षदों व पार्टी के पदाधिकारियों ने भी महापौर की शिकातय की है।
न उगलते बन रही न निगलते
हालात यह है कि कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन धरने को लेकर अब महापौर व भाजपा के लिये न उगलते बन रही है और न निकलते। जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी के सामने आयुक्त की शिकायत करने के बाद जयपुर के प्रशासनिक गलियारों तक हलचल तो मची। किन्तु अगले ही दिन धरनार्थियों के तेवर उस समय ठ ंडे पड़ गये जब जिले के प्रशासनिक अधिकारी की ओर से आयुक्त पर कार्यवाही को लेकर संतोषजनक जबाब नहीं मिल पाया। ऐसे में अब अनिश्चितकालीन धरना सम्मान से खत्म करने के जतन की तलाश में भाजपा रणनीतिकार जुट गये है।
उपस्थिति की होड़
हालांकि इस अनिश्चितकालीन धरने को लेकर भाजपा पार्षदों से लेकर पदाधिकारियों का कितना समर्थन है। इस बानगी तो धरना स्थल पर देखने को मिल ही रही है। जहां अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने के लिये न केवल पार्षद प्रतिनिधि पहुंच रहे है,बल्कि पार्टी पदाधिकारी भी हाजरी लगाकर इधर उधर हो जाते है। अंदरखाने की बात यह सामने आई है कि इसके पीछे बड़ा कारण केन्द्रीय मंत्री को खुश रखना भी बताया जा रहा है। कुछ तो पार्षद व पदाधिकारी दबी जुबां भी यह कहते नजर आ रहे है कि हमें तो सांसद साहब से मतलब है। धरना पर आना तो हमारी मजबूरी है।
जिलाध्यक्ष के न आने के कई मायने
उधर जिलाध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह की धरने से दूरी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि जिलाध्यक्ष से पार्टी का एक बड़ा धड़ा नाराज चल रहा है। हाला ंकि जिलाध्यक्ष इसको लेकर खुलकर नहीं बोल रहे है,किन्तु ऐसी बातें सामने आ रही है कि धरने से पहले संगठन से किसी तरह की सलाह नहीं की गई। जिससे जिलाध्यक्ष ने अनेक आयोजनों का बहाना बनाकर धरना स्थल न पहुंचकर हर घर तिर ंगा अभियान की आड़ में अपने विरोधियों को पार्टी के प्रति वफादारी का संदेश दे रहे है। वहीं जिलाध्यक्ष के विरोधी,उन्हें धरना स्थल पर न पाकर। धरने पर पूरा समय दे रहे है।जबकि कई पूर्व पदाधिकारी व पूर्व पार्षद इस धरने पर नहीं पहुंच रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.