शिक्षा मंत्री के सामने षार्षदों की बैठक में बज गई गुटबंदी की मुरली

तहलका न्यूज,बीकानेर। नगर निगम आयुक्त को हटाने के लिये अपने नाक का सवाल बना चुके कांग्रेसी पार्षदों ने आज शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला के सामने जमकर भड़ास निकाली। लेकिन इस दौरान गुटबाजी से शिकार कांग्रेस की खुद की ही आपस में विरोध की मुरली बज गई। बताया जा रहा है कि आयुक्त गोपालराम को हटाने के लिये शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला से शिकायत करने पहुंचे कांग्रेसी पार्षद व कांग्रेस का चुनाव लड़ चुके पार्षद प्रतिनिधि में जमकर नोकझोक हो गई। मामला गाली गालौच तक पहुंच गया और अभद्रता की सीमा लंघती देख मंत्री को बीच बचाव करने के लिये मजबूर होना पड़ा। जानकारी मिली है कि शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला ने निवास पर आज सुबह बैठक हुई। इस दौरान वार्ड नं तीन से चुनाव लड़े कांग्रेसी पार्षद के प्रतिनिधि मुरली की पार्षद अंजना खत्री से तू तू मैं मैं हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो मुरली ने अंजना खत्री से गाली गालौच कर भला बुरा कहा। जिस पर अंजना खत्री भी भड़क गई और उसने इस बात पर आपति जता दी कि जो पार्षद नहीं है उनका इस बैठक में क्या काम है। ऐसे लोग आयुक्त की पैरवी करना गलत है। मुरली के इस रवैये का वहां उपस्थित अनेक पार्षदों ने विरोध किया और कल्ला से इसकी शिकायत की। घटनाक्रम से आक्रोशित अंजना इस्तीफे की धमकी दे डाली। जिसके बाद कल्ला ने मुरली को बुलाकर अंजना खत्री से इस प्रकार बर्ताव करने की माफी मांगने को कहा।
स्वाभिमान पर बिगड़ी बात
बताया जा रहा है कि मुरली व अंजना खत्री के बातचीत के दौरान स्वाभिमान की बात अखर गई और इस पर विवाद हो गया। हालात इतने बिगड़ गये जिस मामले के निस्तारण के लिये पार्षद कल्ला के पास पहुंचे। उसका समाधान तो हुआ नहीं बल्कि कांग्रेस में खुद में कल्ला के खिला बगावत के हालात पैदा हो गये। अंदरखाने की बात यह भी है कि बात ही बात में मंत्रीजी ने शिकायत करने आएं पार्षदों को भाजपा के इशारे पर काम करने की बात भी कह देने से कांग्रेसी व निर्दलीय समर्थित पार्षदों में रोष भी हो गया है।
गुटबाजी के चलते नहीं पहुंची नेता प्रतिपक्ष
जानकारी यह भी मिली है कि गुटबाजी के कारण नेता प्रतिपक्ष चेतना चौधरी इस बैठक में नहीं पहुंची। राजनीतिक जानकार ये भी मान रहे है कि महापौर व आयुक्त के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष ने पूर्व जब मोर्चा खोला था। तो उनको कुछ पार्षदों का सहयोग नहीं मिला था। जिसको लेकर उनकी नाराजगी है और इसी कारण वे बैठकों में नहीं जा रही है। सूत्र तो यह भी बता रहे है कि मुरली मंत्री भतीजे के खास सिपहसलाहकार है। कुल मिलाकर आयुक्त को लेकर कांग्रेस में चल रही उठापठक ने कांग्रेस कुनबे में कलह के हालात पैदा कर दिये है। जिसका परिणाम आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है।

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