शिवा फाउण्डेशन एवं समाजबंधुओ द्वारा आईएएस कुमावत का किया भव्य स्वागत

 

तहलका न्यूज,बीकानेर। भारतीय सिविल सेवा परीक्षा- 2021 मे 551वीं रैक से चयनित कुम्हार समाज की प्रतिभा डाॅ. पवन खटोङ कुमावत का बीकानेर मे विभिन्न जगहों पर शिवा फाउण्डेशन एवं समाज के गणमान्य लोगो द्वारा भव्य स्वागत किया गया। बीकानेर के प्रजापत हॉस्टल मे चम्पालाल जी गेधर के नेतृत्व मे समाज के गणमान्य लोगो के द्वारा फ़ूल मालाओ एवं साफा पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। जहां करीबन 100 लोगों ने कार्यक्रम मे पधारकर नवचयनित आईएएस पवन कुमार का मान सम्मान किया। इस अवसर पर पवन कुमार ने विधार्थियों का मार्गदर्शन किया। अशोक बोबरवाल के नेतृत्व मे विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी बीकानेर मे अलग अलग जगह स्वागत किया गया। स्वागत की इसी कङी मे शाम मे खारी चारनान गाँव मे शिवा फाउण्डेशन राजस्थान इकाई के अध्यक्ष भैराराम जी गेधर के मार्गदर्शन मे समाज बंधुओं एवं समस्त गाँववासियो द्वारा भव्य स्वागत रखा गया। गाँव मे साफा पहनाकर फ़ूल मालाओ से भव्य स्वागत किया गया। पवन कुमार ने समाज के बच्चों को यूपीएससी आईएएस की तैयारी करवाने के लिए मोटिवेट किया। उन्होंने गाँव स्तर पर ऑनलाइन माध्यम सेमिनार से निरंतर बच्चों को मार्गदर्शन देने के लिए आश्वस्त किया। पवन कुमार जी शिवा फाउण्डेशन के द्वारा ऑनलाइन माध्यम से बीकानेर के विधार्थियों के लिए हमेशा जुङे रहेंगे। शिवा फाउण्डेशन के राष्ट्रीय सचिव भवानी शंकर कुमावत ने बताया कि डाॅ पवन कुमार समाज के निम्न मध्यम वर्ग से आते है जहां उनके पिताजी ने ट्रक चलाकर दैनिक मजदूरी से पढा पढाकर पवन कुमार  को इस मुकाम तक पहुंचाया। पवन कुमार ने 2012 से लगातार यूपीएससी की तैयारी करते रहे। 2012 मे उनका आरएएस मे चयन हुआ। तब उन्होंने एक मात्र आईएएस के सपने को साकार करने के लिए आरएएस मे जाॅइनिग नहीं ली और तैयारी मे जुट गये। फिर उनका चयन यूपीएससी एसीएफ परीक्षा मे असिस्टेंट कमांडेट के पद पर चयन हुआ । उसके बाद 2018 मे आरएएस मे 308 रैक से चयन है। उनका सफर यहां भी नही डगमगाया और इसबार यूपीएससी-2021 मे 551वी रैक से उनका चयन हुआ। आखिर उनका सपना हुआ साकार और एक ट्रक चालक का बेटा बना आईएएस। उनका यूपीएससी की पढाई का 10 साल का सफर सभी विधार्थियों के लिए प्रेरणादायी है। डॉ पवन कुमार जी शिवा फाउण्डेशन से जुड़े रहे है और काफी समय से शिवा फाउण्डेशन के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र मे अपना योगदान देते रहे। दिल्ली, बीकानेर, जयपुर जैसे बङे शहरों मे विधार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से सेमिनार इत्यादि से मार्गदर्शन देते रहे है।

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