धुंध और कोहरे के साये में आधा राजस्थान, जानिए कब मिलेगी राहत

जयपुर. पूरे राजस्थान में सर्दी का सितम जारी है. कड़कड़ाती ठंड की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. कई जिलों में धुंध-कोहरे (Fog) की वजह से 50 मीटर से ज्यादा दूरी पर कुछ नजर नहीं आ रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि पांच साल बाद राजस्थान में विजिबिलिटी  50 मीटर से कम आंकी गई है. इससे पहले 14 जनवरी 2016 को विजिबिलिटी 50 मीटर रिकॉर्ड की गई थी. दरअसल, प्रदेश में एक कम तीव्रता का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से यह परिस्थितियां बन गई है. इसके चलते राजस्थान का आधा हिस्सा घने कोहरे की चपेट में है.प्रदेश में सर्द हवाओं की वजह से गलन व ठिठुरन बनी हुई है. राजधानी जयपुर सहित 18 जिलों में सोमवार को भी घना कोहरा छाया रहा. इसके चलते कई जिलों में लोग सुबह 9 से 10 बजे तक सूरज के दर्शन को ही लोग तरस गए. वहीं, फतेहपुर शेखावाटी में बीती रात को पारा गिरकर 2 डिग्री से नीचे चला गया. माउंट आबू में भी पारा लगातार 9वें दिन माइनस में रहा.

पश्चिमी विक्षोभ से बने हालात 22 जनवरी से बदलेंगे
जयपुर में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री रहा. यहां भी सुबह कोहरे की चादर बिछी रही. मौसम विभाग जयपुर केंद्र के डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा के मुताबिक रविवार को इस सीजन का सबसे घना कोहरा रहा. जनवरी के पहले सप्ताह में दो पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हुई अच्छी बारिश से यह स्थिति बन रही है. शर्मा के मुताबिक  22 जनवरी से मौसम में बदलाव की संभावना है. अभी चार दिन और ऐसे हालात बने रहेंगे. इससे बाद तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है.

येलो अलर्ट के चलते कहीं घना कोहरा और कहीं शीतलहर
मौसम विभाग केंद्र ने 17 जनवरी को राजस्थान के कई जिलों में कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया था. इसमें पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर, चुरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, नागौर जिले में कहीं कहीं शीतलहर और घना कोहरा रहा. पूर्वी राजस्थान में अलवर, भीलवाड़ा, झुंझुनूं, सीकर, टोंक जिले में शीत लहर के साथ घना कोहरा रहा. इसी तरह, अजमेर, भरतपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, जयपुर, करौली, कोटा, सवाईमाधोपुर जिलों में कहीं कहीं घना कोहरा बना रहा.

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