गहलोत ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को सिखाए राजनीति के पाठ, गांधी जीवन पढ़ने की दी सलाह

तहलका न्यूज,बीकानेर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को बीकानेर में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को राजनीति का पाठ पढ़ाया। उनके भाषण में राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप कम थे और राजनीति की सीख देने की ललक ज्यादा थी। युवा कार्यकर्ताओं से खचाखच भरे रविंद्र रंगमंच पर गहलोत ने युवा पीढ़ी से कहा कि वो इश्यू पर राजनीति करना सीखें। पहले इश्यू को समझें, उस पर काम करें फिर राजनीति में आएं।गहलोत ने कहा कि राजनीति में आने से आपकी पर्सनैलिटी बनती है। ये पर्सनैलिटी नॉलेज से बढ़ती है। ऐसे में आपको हर मुद्दे को समझना चाहिए, उस मुद्दे पर अध्ययन करना चाहिए। वहीं से आपकी इमेज बननी शुरू होगी। गहलोत ने कहा कि सरकार बनाना बहुत बड़ी बात नहीं है, विचारधारा को बनाकर रखना बड़ी बात है। भाजपा की विचारधारा नफरत की है, हमारी विचारधारा सद्भावना, भाईचारे और प्यार मोहब्बत की है। उन्होंने कहा कि एक वक्त था जब राजस्थान से बच्चे बाहर पढ़ने के लिए जाते थे और आज हर जिले में मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं, इंजीनियरिंग कॉलेज खुल रहे हैं।
नारे लगाने वाले मत बनो
गहलोत ने कहा कि आपको सिर्फ नारे लगाने वाला नहीं बनना है, देश को बदलने वाला बनना है। गहलोत ने कहा कि देश की अगली जिम्मेदारी आप पर है। आप सिर्फ नेताओं के पीछे नारे लगाने वाले मत बनो। आप खुद को मजबूत करो, तभी पार्टी और राष्ट्र मजबूत होगा।
गांधी की जीवनी पढ़ो
गहलोत ने कहा कि कार्यकर्ताओं को गांधी की जीवनी पढ़नी चाहिए। गांधी पर सैकड़ों किताबें है लेकिन सिर्फ उनकी जीवनी पढ़ने का आग्रह है। इससे आपकी सोच बनेगी, आपके विचारों में निखार आएगा। आप का नजरिया बनेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वो अपने नॉलेज को मजबूत करें, इसके लिए हर रोज अखबार पढ़ें।
जोधपुर जोन से अच्छे नेता
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द डोटासरा ने कहा कि जोधपुर जोन से ही कांग्रेस को बड़े नेता मिले हैं। अशोक गहलोत भी जोधपुर से आते हैं औरएनएसयूआई अध्यक्ष अभिषेक चौधरी भी जोधपुर से आते हैं। डोटासरा ने भी एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से कहा कि वे देश का भविष्य हैं, इसलिए राजनीति में जुट जाएं। खुद को बड़ा नेता बनाने के लिए मेहतन करें। उन्होंने कहा, अर्से बाद एनएसयूआई में अब जोश नजर आ रहा है।
युवा नेता दिखाए दमखम
इस मौके पर शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि आने वाला वक्त युवाओं का है। उन्हें आगे बढ़कर राजनीति के मुद्दों पर काम करना चाहिए। एनएसयूआई की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसी सोच से की थी कि कांग्रेस की विचारधारा को युवा आगे बढ़ा सकें। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी और कैबिनेट मंत्री गोविन्द मेघवाल और किसान नेता रामेश्वर डूडी ने भी संबोधित किया।


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