जोधपुर उपद्रव पर बीकानेर में भी रोष,दिए गये ज्ञापन

तहलका न्यूज, बीकानेर।करौली के बाद जोधपुर में हुए उपद्रव के विरोध गुरुवार को बीकानेर में भाजपा,विश्व हिन्दू परिषद,बजरंग दल व भारतीय मजदूर संघ की ओर से प्रदर्शन कर कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया। दुर्भाग्यपूर्ण कृत्य को लेकर विश्व हिंदू परिषद बजरंगदल ने कलेक्टर ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुवे राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया। विहिप के महानगर मीडिया प्रभारी कन्हैया लाल आचार्य में बताया कि ईद की पूर्व रात्रि को जोधपुर के जालोरी गेट पर स्वतंत्रता सैनानी बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा के मुंह पर पट्टी बाधकर प्रतिमा को एक कपड़े में लपेटने की घटना के बाद भगवा झंडा हटाकर इस्लामिल झंडा लगाकर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाकर साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का काम किया गया जिसका स्थानीय युवकों द्वारा विरोध किया गया तो उन युवकों के साथ मारपीट की गई जो हिन्दू समाज के लिये चुनौती पूर्ण हैमहानगर मंत्री विनोद सैन ने बताया राज्य में इस प्रकार आंतक फैलाने व राज्य सरकार द्वारा की घटनाओं पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्यवाही नही किये जाने की घोर निंदा करता है।बजरंग दल विभाग संयोजक दुर्गासिंह शेखावत ने बताया कि करौली में भारतीय नववर्ष शोभायात्रा के दौरान गाड़ियों और दुकानों में आग लगा दी गई। अलवर में 300 वर्ष पुराने शिव मंदिर को गिराया गया। लगातार हो रही हिन्दू विरोधी हिंसक घटनाओं से हिन्दू समाज जबरदस्त आक्रोशित है और कहा अगर उनके विरुद्ध कार्यवाही नही हुई तो हिन्दू समाज क्रिया की प्रतिक्रिया देने ले लिए तैयार है ज्ञापन देते समय विहिप के प्रांत मीडिया प्रमुख चेतन सिंह पंवार, बजरंग दल विभाग संयोजक दुर्गासिंह शेखावत,महानगर मंत्री विनोद सेन,महानगर मीडिया प्रभारी कन्हैया लाल आचार्य सहमंत्री लक्ष्मण उपाधयाय,सह संयोजक विक्रम सिंह रावत,लक्ष्मीनाथ प्रखण्ड के किशोर बांठिया,अभिषेक सुराणा,योगेश सोनी, राष्ट्रीय संवयसेवक संघ के ब्रम्हदत आचार्य,महेश खत्री,अमित सोनी,ठाकुर दास स्वामी,सेवाभारती के सोमनाथ,सांवर लाल मोदी,शशिकला गुप्ता भारतीय मजदूर संघ के शिव कुमार व्यास,हनुमान प्रसाद व्यास आदि भारी संख्या में कार्यकर्ता बंधु उपस्थित रहे।
भाजपा ने भी जताया रोष
भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि दो मई को जोधपुर के जालौरी में उपद्रव हुआ, अराजकता व साम्प्रदायिक हिंसा का वातारण बना। यहां तक कि रातभर वहां दंगे चलते रहे,लेकिन प्रशासन व सरकार द्वारा कफ्र्यू जैसी व्यवस्था नहीं की गई। प्रशासन की सह पर दंगाईयों को खुली छूट दी गई। जिसके फलस्वरुप पुलिसकर्मियों तक कुटाई हुई। आमजन जो सड़क से गुजर रहा था उसके पीठ पर चाकू घोंपा गया। बच्ची-महिलाएं के साथ छेड़छाड़ की गई। अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि यह एक सुनियोजित षड्यंत्र था जिसको लेकर भाजपा द्वारा प्रदेशभर में विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन से आग्रह किया गया कि साम्प्रदायिक स्थिति ठीक बने। उन्होंने इस प्रकार पिछले दिनों करौली में हिंसा हुई, लेकिन सरकार ने सबक नहीं लिया। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार भले ही यह कह दे कि दंगे जैसी कोई स्थिति नहीं बनी, मैंने कंट्रोल कर लिया लेकिन हकीकत यह है कि इस दंगे में पुलिस के नौ जवान घायल हुए। आमजन को गली में निकला मुश्किल हो गया। लाखों-करोड़ों की संपत्ति को नुकसान हुआ। घरों में आग लगा दी गई। ज्ञापन देने वालों में डॉ सत्यप्रकाश आचार्य,अरूण जैन,अनिल शुक्ला,अविनाश जोशी,राजाराम सींगड,अशोक प्रजापत°मनीष आचार्य सहित अनेक जने शामिल रहे।

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