लोकतंत्र का गला घोटने वाला समय था आपातकाल:जोशी,देखे विडियो

तहलका न्यूज,बीकानेर । वर्ष 1975 में तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार द्वारा देश में लोकतंत्र की हत्या करते हुए 25 जून 1975 को आम जनता पर जबरन थोपे गए आपातकाल की 47 वीं बरसी पर बीकानेर शहर भाजपा द्वारा काला दिवस मनाते हुए जिलाध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को गांधी पार्क में विरोधस्वरूप दो घंटे का धरना दिया गया । धरना कार्यक्रम संयोजक जिला उपाध्यक्ष गोकुल जोशी ने बताया कि भाजपा द्वारा आपातकाल की तानाशाही पूर्ण और अलोकतांत्रिक घटना के विरोध में प्रतिवर्ष 25 जून को आपातकाल “काला दिवस” मनाया जाता है। इसी क्रम में शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा हाथों पर काली पट्टियां बांधकर विरोधस्वरूप धरना दिया गया जिसमें जिला,मंडल,मोर्चा, प्रकोष्ठ पदाधिकारी एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया । मीडिया प्रभारी मनीष आचार्य ने बताया कि धरना कार्यक्रम में आपातकाल के समय देश के लोकतंत्र की रक्षा करते हुए जेल जाने वाले और अमानवीय यातनाएं सहने वाले राष्ट्रवादी लोकतंत्र सेनानियों मूलचंद सोलंकी,एस.एस. सोढा औरश्रीधर दवे का सम्मान किया गया । इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल के दौरान बीकानेर और अन्य शहरों में उनके साथ हुए अमानवीय व्यवहार, मीसा और डीआईआर बंदियों के संस्मरणों और अन्य घटनाओं की जानकारी साझा की । लोकतंत्र सेनानियों ने बताया कि लोकतंत्र बहाल करने के आंदोलन के कारण उस समय जयप्रकाश नारायण,अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, भैरोंसिंह शेखावत, श्री जोर्ज फर्नांडीस समेत कई विपक्षी नेताओं को यातनाएं सहनी पड़ी। धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि आपातकाल सत्तालोलुप कांग्रेस के क्रूर और अलोकतांत्रिक चेहरे का सबसे बड़ा उदाहरण है। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 को हमेशा काली तारीख के तौर पर याद किया जाएगा। पूरा भारत उन सभी महानुभावों को नमन करता है, जिन्होंने भीषण यातनाएं सहने के बाद भी आपातकाल का जमकर विरोध किया।
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य ने कहा कि आपातकाल कांग्रेस के दामन पर लगा एक ऐसा बदनुमा दाग है जो उसके लाख माफी मांगने के बावजूद भी धुलने वाला नहीं है। जिस पार्टी ने देश पर आपातकाल थोपा उसी कांग्रेस द्वारा वर्तमान मोदी सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का झूठा आरोप शोभा नहीं देता । इस मौके पर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मुमताज अली भाटी,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और चूरू जिला संगठन प्रभारी रामगोपाल सुथार,महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित,पूर्व जिलाध्यक्ष विजय आचार्य,पूर्व न्यास अध्यक्ष महावीर रांका, अविनाश जोशी,जिला उपाध्यक्ष अशोक प्रजापत,जिला महामंत्री अनिल शुक्ला,जिला उपाध्यक्ष भगवान सिंह मेड़तिया,युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष वेद व्यास,ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष राजाराम विश्नोई,युवा मोर्चा राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य देवकिशन मारू,जूनागढ़ मंडल अध्यक्ष अजय खत्री, गंगाशहर मंडल अध्यक्ष जेठमल नाहटा, जस्सूसर मंडल अध्यक्ष मुकेश ओझा,रानी बाजार मंडल अध्यक्ष नरसिंह सेवग,गोपेश्वर मंडल अध्यक्ष चंद्रप्रकाश गहलोत ने विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष और कार्यक्रम सहसंयोजक श्यामसुंदर चौधरी ने किया ।
शनिवार को आयोजित धरना कार्यक्रम में जिला महामंत्री अनिल शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष अशोक प्रजापत, गोकुल जोशी, मधुरिमा सिंह ,भगवान सिंह मेड़तिया, जिला मंत्री अरुण जैन, मनीष आचार्य, कौशल शर्मा, प्रोमिला गौतम, कार्यक्रम सहसंयोजक इन्द्रा व्यास, मंडल अध्यक्ष अजय खत्री, जेठमल नोहटा, नरसिंह सेवग, मुकेश ओझा, कमल आचार्य, चंद्र प्रकाश गहलोत, अभय पारीक, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष श्यामसुंदर चौधरी, ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष राजाराम बिश्नोई, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष वेद व्यास, एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष सोहनलाल चांवरिया , अविनाश जोशी, मो. रमजान अब्बासी, संपत पारीक, विक्रम सिंह राजपुरोहित, रामकुमार व्यास, लक्ष्मण मोदी, अनिल पाहुजा, विजय कुमार शर्मा, राजकुमार पारीक, शिखरचंद डागा, कमल गहलोत, भारती अरोड़ा, नरेंद्र पारीक, अनिल हर्ष, मोहम्मद हुसैन डार, रामपाल सेन, चोरुलाल सुथार, पुखराज स्वामी, ऋषि पारीक, हेमंत कच्छावा, राजेश पंडित, भगवानाराम भाटी अन्नू सुथार, शिव मेघवाल, चंद्रशेखर शर्मा, प्रकाश मेघवाल उमाशंकर सोलंकी इत्यादि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जोशी का किया गया स्वागत
आपातकात के काला दिवस पर जिला उपाध्यक्ष गोकुल जोशी की ओर से गेवर चंद जोशी का उनके निवास पर जाकर सम्मान किया। इस मौके पर जोशी ने कहा कि आज एकजुट होने का समय है। सभी विपक्षी पार्टियां देश को खतरे में डालने की कोशिश में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के नेतृत्व में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के इशारे पर सरकारी एजेंसियों ने तमाम विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया । आम लोगों के अधिकारों पर कैंची चलाई गई और विरोध करने वालों को हाशिये पर डाल दिया गया। इस मौके पर रासबिहारी जोशी भी मौजूद रहे।

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