इस समय करें घट स्थापना,ये है शुभ मूहुर्त

तहलका न्यूज,बीकानेर।चैत्र नवरात्रि इस बार 2 अप्रैल से 10 अप्रैल तक रहेंगी। इसके पहले दिन विधि विधान कलश स्थापना की जाती है। घटस्थापना शुभ मुहूर्त में पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाता है। कहते हैं शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करने से मां अंबे की कृपा प्राप्त होती है। घट स्थापना में कई सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है। साथ ही इसकी एक विधि होती है। यहां आप जानेंगे घटस्थापना की संपूर्ण पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और मंत्र। पंडित मनोज व्यास के अनुसार चैत्र नवरात्रि आरंभ 02 अप्रैल शनिवार चैत्र नवरात्रि 2022 समाप्ति – 11 अप्रैल सोमवार कलश स्थापना शुभ मुहूर्त 02 अप्रैल, प्रात: 06:01 से 08:29 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:01 से 12:50 तक रहेगा।
चैत्र नवरात्रि 2022 किस दिन किस देवी की पूजा
चैत्र नवरात्रि पहला दिन: मां शैलपुत्री पूजा, 02 अप्रैलचैत्र नवरात्रि दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी पूजा, 03 अप्रैलचैत्र नवरात्रि तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा पूजा, 04 अप्रैलचैत्र नवरात्रि चौथा दिन: मां कुष्मांडा पूजा, 05 अप्रैलचैत्र नवरात्रि पांचवा दिन: देवी स्कंदमाता पूजा, 06 अप्रैलचैत्र नवरात्रि छठां दिन: मां कात्यायनी पूजा, 07 अप्रैलचैत्र नवरात्रि सातवां दिन: मां कालरात्रि पूजा, 08 अप्रैलचैत्र नवरात्रि आठवां दिन: मां महागौरी पूजा, दुर्गाष्टमी, 09 अप्रैलचैत्र नवरात्रि नौवां दिन: मां सिद्धिदात्री पूजा, 10 अप्रैलचैत्र नवरात्रि पारण एवं हवन, 11 अप्रैल
माँ का आगमन घोड़े की सवारी का मतलब है कि इस वर्ष शासन सत्ता को विरोध का सामना करना पड़ सकता है। वहीं कुछ जगहों पर सत्ता परिवर्तन भी देखने को मिल सकता है। इसके अलावा माता के ये वाहन से देश में विवाद, तनाव, दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं की ओर संकेत क र रहे हैं। वहीं भैंसे पर सवार होकर प्रस्थान सवारी का अर्थ है रोग, दोष और कष्ट का बढऩा।पंचांग की गणना के अनुसार इस नव संवत्सर 2079 का नाम नल होगा जिसके स्वामी शुक्रदेव होते हैं। इस नवसंवत्सर के राजा शनि और मंत्री गुरु होंगे।हिन्दु नववर्ष पर बीकानेर में निकलने वाली धर्मयात्रा को लेकर आज सदर थाना सभागार में सभी समाज के मौजिज लोगों को बुलाया गया। इस दौरान पुलिस के आलाधिकारियों ने मौजिज लोगों से अपील की कि वे हर्षोल्लास से त्यौहार मनाएं। किसी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखे कि पर्व मनाते समय सामाजिक सौहार्द कायम रहे। किसी प्रकार की अनहोनी कभी कभी शांति व सदभाव को बिगाड़ देती है। ऐसे में बीकानेर की गंगा-जमुनी संस्कृति को बरकरार रखते हुए धर्मयात्रा निकाले और सभी कि भावनाओं का ध्यान रखे। इस मौके पर सभी लोगों ने पुलिस को आश्वस्त किया कि बीकानेर के सदभाव को बरकरार रखा जाएगा। उधर हिन्दु धर्मयात्रा को लेकर शहर में खासी सजावट की गई है। चौक चौराहे सजाएं गये है। वहीं अनेक जगहों पर हार्डिग्स भी लगाएं गये है। आपको बता दे कि कल एम एम खेल मैदान से यह धर्मयात्रा निकलेगी जो विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई जूनागढ़ सम्पन्न होगी जहां साधू संधों की ओर से महाआराती की जाएगी।
घटस्थापना के लिए जरूरी सामग्री
1. चौड़े मुँह वाला मिट्टी का एक बर्तन (जौ बोने के लिए)
2. साफ मिट्टी
3. सप्तधान्य (7 प्रकार के अनाज)
4. कलश मिट्टी का और कलश को ढकने के लिए ढक्कन
5. साफ जल और थोड़ा सा गंगाजल
6. कलश के मुंह में बांधने के लिए कलावा/मौली
7. सुपारी
8. आम या अशोक के पत्ते (पल्लव)
9. अक्षत (कच्चा साबुत चावल)
10. छिलके/जटा वाला नारियल
11. लाल कपड़ा
12. पुष्प और पुष्पमाला
13. दूर्वा
14. सिंदूर
15. पान
16. लौंग
17. इलायची
18. बताशा
19. मिठाई
20. मां दुर्गा की प्रतिमा

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