संभागीय आयुक्त साहब! हार्ट अस्पताल के इस हालात पर भी करे गौर,देखे विडियो

तहलका न्यूज,बीकानेर। संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में लाख जतन करने के बाद भी हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे है। मंजर यह है कि दानदाताओं के सहयोग से बने अस्पतालों में तो मानों पीबीएम प्रशासन व सरकार की कोई जिम्मेदारी ही नहीं है। जिसके चलते इन अस्पतालों में अव्यवस्थाएं इतनी है कि उसका दंड भी आम रोगी व उनके परिजनों को भोगना पड़ रहा है। अस्पताल के महत्वपूर्ण अनुभाग हल्दीराम मूलचंद हार्ट अस्पताल के हालात यह है कि यहां गंदे पानी की निकासी के लिये बने चैम्बर ब्लॉक होने से अस्पताल में संडाध की स्थिति पैदा हो जाती है। बारिश के दिनों में परिस्थितियों नारकीय होती है। इसके लिये ट्रस्ट की ओर से प्रति सप्ताह निजी खर्च पर चैम्बर में जमा गंदला पानी टैक्टरों की मदद से निकलवाना पड़ता है। इसके लिये ठोस प्रबंधन नहीं है। ट्रस्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि पीबीएम का सिवरेज सिस्टम दुरूस्त नहीं होने के कारण ऐसे हालात बनते है। ट्रोमा सेन्टर व हार्ट अस्पताल की मुख्य सड़क पर बना चैम्बर आएं दिन ब्लॉक होता है। इसकी साफ सफाई नियमित रूप से नहीं होने के कारण इससे जुड़े हार्ट अस्पताल व पीजी हॉस्टल के शौचालय व इनके निकासी का पानी चैम्बरों में उफान ले लेता है। जिसकी वजह से अस्पताल व छात्रावास में गंदगी का आलम हो जाता है।
करोड़ों रूपये का ठेका हो रखा है पारित
जानकारी मिली है कि पीबीएम की साफ सफाई व सीवरेज सिस्टम की सफाई के लिये दो करोड़ रूपये से ज्यादा का ठेका हो रखा है। लेकिन ठेकेदार के द्वारा सीवरेज की नियमित रूप से साफ सफाई नहीं होने के चलते गंदगी जमा हो जाती है और बाहर खुले चैम्बरों में जमा कचरे की सफाई नहीं होने से सड़कों व अस्पताल परिसर में गंदगी पसर जाती है। इस वजह से आएं दिन राहगीरों को गंदले पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
ट्रस्ट की ओर से चैम्बरों की करवाई जाती है सफाई
बताया जा रहा है कि हार्ट अस्पताल में बने चैम्बरों के चौक होने के कारण जमा गंदले पानी की वजह से परेशानी होती है। जिसकी साफ सफाई के लिये ट्रस्ट को अतिरिक्त भुगतान उठाना पड़ता है। स्थिति ये है कि पिछले एक सप्ताह में ट्रस्ट ने दो बार चैम्बरों की साफ सफाई करवाई है।
संभागीय आयुक्त से आस
उधर यहां आने वाले मरीजों व उनके परिजनों ने संभागीय आयुक्त नीरज के पवन से आस जताई है। लोगों का कहना है कि पीबीएम की सूरत सुधारने का दावा करने वाले प्रशासन के आलाधिकारी अस्पताल के सिस्टम को सुधारे तो यहां आने वाले रोगियों व उनके परिजनों को राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि यहां राजकीय अवकाश के दिनों में चिकित्सक व स्टाफ न तो मिलते है और न ही साफ सफाई व्यवस्था की समूचित प्रबंधन है। अगर संभागीय आयुक्त इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान दे तो आमजन को राहत मिल सके।

 

 

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