कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक

झोटवाड़ा में 14 मई को निजी परीक्षा केन्द्र से प्रश्न पत्र के स्क्रीन शॉट हुए वायरल

जयपुर। रीट परीक्षा में पेपर वायरल होने का मामला अभी तक शांत भी नही हुआ था कि राजस्थान कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पेपर के स्क्रीन शॉट वायरल का मामला सामने आया है। झोटवाड़ा के एक निजी स्कूल में स्क्रीन शॉट वायरल होने के बाद एसओजी एक्शन में आई और एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ खुद मौके पर पहुंचे और पड़ताल शुरु की। एसओजी ने मामला सही पाए जाने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। राठौड़ ने बताया कि इस मामले में 9 लोगों को चिन्हित किया गया है। एसओजी आठ लोगों से पूछताछ कर रही है कि आखिर किस तरह से पेपर बाहर आया। राठौड़ ने बताया कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जो भी इस मामले में दोषी पाया जाता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
14 मई की द्वितीय पारी को जयपुर के दिवाकर पब्लिक स्कूल के केंद्र अधीक्षक द्वारा पेपर को समय से पूर्व को खोले जाने के कारण इस पेपर को आउट हुआ माना गया है। 14 मई को द्वितीय पारी में करीब पौने तीन लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। अब 14 मई को द्वितीय पारी की परीक्षा का पुनः आयोजन किया जाएगा। दिवाकर पब्लिक स्कूल के केंद्र अधीक्षक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उधर, सोडाला थाना पुलिस ने कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करने के मामले में एक अभ्यार्थी को गिरफ्तार किया है। थानाप्रभारी सतपाल सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी संदीप यादव (25) नारनौल हरियाणा का रहने वाला है। वह हसनपुरा स्थित कुमावत सीनियर सैकण्ड्री स्कूल में परीक्षा देने आया था। पुलिस ने बताया कि तलाशी में चैकिंग करते समय उसके पास से नकल की साम्रगी मिली। संदीप 142 प्रश्नों के उत्तर लिखकर लाया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
भरतपुर में भी हुई गिरफ्तारी
उधर कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर परीक्षा से पहले उपलब्ध कराने का झांसा देने के आरोप में जिला स्पेशल टीम की सूचना पर सोमवार को मथुरा गेट थाना पुलिस ने एक एसेंट गाड़ी में सवार पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जिनसे थाना पुलिस द्वारा गहनता से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। भरतपुर एसपी श्याम सिंह ने बताया कि सोमवार को डीएसटी टीम की सूचना पर मथुरा गेट थाना पुलिस ने एक एसेंट कार में सवार थाना उच्चैन निवासी पांच युवकों शुभम पुत्र सुरेंद्र सिंह, गोविंद पुत्र धर्म सिंह, रवि पुत्र सुरेंद्र, देवेंद्र सिंह पुत्र सियाराम तथा राजा सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह को कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देने के आरोप में हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में शकील गैंग का नाम सामने आया। जिसमे शकील गद्दी निवासी कुंदेर, देवेंद्र, लाल सिंह व हेमंत सिंह नाम के व्यक्ति शामिल है। शकील अपनी गैंग में शामिल अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर परीक्षार्थियों को झूठे प्रलोभन देकर परीक्षा से पूर्व पेपर उपलब्ध कराने कि कह उनसे मोटी रकम ऐंठ कर हड़प जाता है। उच्चैन निवासी शुभम को भी परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर 2 लाख रुपए लिए थे। शुभम की 13 मई को पहली पारी में कांस्टेबल का पेपर था। परीक्षा से पहले पेपर पाने के लिए उसने शकील को एडवांस में 2 लाख रुपए दिए थे।शकील ने वादे के अनुसार उसे परीक्षा से पहले पेपर मुहैया नहीं कराया। पेपर की दिनांक निकल जाने पर शुभम ने शकील से संपर्क किया तो उसने फर्जी पेपर भेज कर उस पेपर को दूसरे लोगों को बेचकर अपनी रकम जुटाने के लिए कहा। शुभम ने कुछ युवकों को 14-15 मई की परीक्षा के लिए वह पेपर दिया पर फर्जी पेपर होने की वजह से उसे पैसे नहीं मिले। हिरासत में लिए गए पांचो आरोपियों के पास मिले मोबाइल में कांस्टेबल भर्ती संबंधित पेपर के नमूने व चैट मिलने पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया हैं।

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