कांग्रेस को उबारने की चिंता,अभी कार्यकारिणी ही घो​षित नहीं

तहलका न्यूज,बीकानेर। कांग्रेस उदयपुर में तीन दिवसीय चिंतन शिविर में मंथन कर खुद को आगे आने वाले चुनावों के लिए मजबूती से खड़ा करने की जुगत में लगी है,वहीं में अभी कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा ही पूरी तरह खड़ा नहीं हो पाया है। संगठन के नाम पर इन दिनों जिले में केवल कांग्रेस जिलाध्यक्ष हैं। प्रदेश में कांग्रेस सरकार का साढ़े तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और आगामी विधानसभा चुनाव में डेढ़ साल से कम समय बचा है। ऐसे में ज्यादातर राजनीतिक दल खुद को चुनाव के लिए तैयार करने में जुटे हैं। आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस व भाजपा की चिंता संगठनात्मक ढांचे को लेकर है।
छह महीने पहले मिला जिलाध्यक्ष,कार्यकारिणी का अभी इंतजार
कांग्रेस को करीब छह महीने पहले स्थाई जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत को तीसरी बार दायित्व दिया गया। जिलाध्यक्ष की नियुक्ति हुए करीब छह महीने बीत गए,लेकिन अब तक कांग्रेस की न तो जिला कार्यकारिणी घोषित हो पाई है और न ही ब्लाकों को अध्यक्ष व कार्यकारिणी मिल पाई है। जबकि जिला कार्यकारिणी का प्रारूप तैयार कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा जा चुका है तथा स्वयं पीसीसी चीफ गोविंदसिंह डोटासरा पिछले दिनों कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के दौरान जिला कार्यकारिणी की घोषणा की बात कह चुके हैं, इसके बाद भी अब तक कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी की घोषणा नहीं हो पाई है।
अभी ब्लाकों का भी होना है गठन
कांग्रेस संगठनात्मक ढांचे में ब्लॉकों की बड़ी भूमिका है। लेकिन जिले में अब तक न तो ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा हो पाई है और न ही ब्लॉक की कार्यकारिणी का गठन हो पाया है। इसके बाद कांग्रेस को बूथ कमेटियों का भी गठन करना होगा। जो भी ब्लॉक अध्यक्ष है,वे निर्वतान ही है।
कईयों के पास दोहरे दायित्व
मजे की बात यह है कि एक व्यक्ति एक पद की लंबे समय से बात कर रही कांग्रेस में पिछले तीन सालों से कई पदाधिकारियों के पास दोहरे दायित्व है। पार्षद रमजान कच्छावा व आनंद सिंह सोढ़ा पार्षद होने के साथ साथ ब्लॉक अध्यक्ष भी है। तो मनोनीत पार्षद मनोज किराडू व नितिन वत्सस के पास भी क्रमश:सचिव व पार्टी प्रवक्ता का जिम्मा था। हालांकि नितिन वत्सस ने आज इस्तीफा दे दिया है। इसी स्वयं देहात अध्यक्ष को केशकला बोर्ड का अध्यक्ष बना दिया गया है।
भाजपा की पन्ना प्रमुख का कार्य पूरा करने की तैयारी
उधर, प्रदेश में कांग्रेस की मुख्य विरोधी पार्टी भाजपा संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने में कांग्रेस से कहीं आगे दिखाई पड़ रही है। जिले की कार्यकारिणी, मंडल अध्यक्ष व कार्यकारिणी, बूथ कमेटी आदि का गठन काफी पहले हो चुका है। वहीं इन दिनों जिले में पन्ना प्रमुख बनाने का दौर जारी है। यानि भाजपा संगठन की दृष्टि से निचले स्तर तक तैयारी में जुटी है।

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