हिरासत में बीजेपी सांसद डॉ किरोड़ीलाल मीणा

बीजेपी सांसद डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने गुरूवार को लालसोट के मृतक किसान के परिजनों और प्रदेश के किसानों के साथ जयपुर में सिविल लाइंस पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास की ओर दण्डवत कूच कर दिया। अचानक हुई इस घटना से पुलिस-प्रशासन में हड़कम्प मच गया। डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात करवाने की बात कहकर हिरासत में ले लिया। पुलिस की बस डॉ किरोड़ीलाल और उनके समर्थकों को लेकर स्टेच्यु सर्किल चली गई। पुलिस ने डॉ किरोड़ीलाल को सीएमओ में मुख्यमंत्री से मिलवाने का आश्वासन दिया।

किसान कर्जमाफी का वादा तोड़ा, किसानों की जमीनें नीलाम

डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों की कर्जमाफी के वादे करने के बावजूद वादाखिलाफी की है। बैंक और रेवेन्यू अधिकारी मिलकर प्रदेशभर में किसानों की जमीनों को औने पौने दामों पर नीलाम कर रहे हैं। जिससे किसान परिवारों पर आर्थिक संकट आ गया है। कई किसान आत्महत्या पर उतारू हो गए हैं। आरोप है कि दौसा में 800 से 1000 किसान, सवाईमाधोपुर में 600 से 700 किसान, करौली में करीब 800 किसान, अलवर जिले में करीब 3000 किसान और धौलपुर-भरतपुर में भी सैकड़ों किसानों की जमीन कुर्क करने के नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। थानागाजी में कल करीब 11 किसानों की जमीन नीलाम कर दी गई। अलवर के रैणी में आज करीब 11 किसानों की जमीन नीलाम की जा रही है। ये सब वो लोन हैं जो सरकारी बैंक और भूमि विकास बैंकों से लिए गए थे। मोटे अनुमान के मुताबिक करीब 15 लाख किसानों का 10 हजार करोड़ रुपए के सहकारी बैंकों के कर्जे की तलवार किसानों पर लटकी हुई है। डॉ किरोड़ी ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2018 में जारी कांग्रेस पार्टी ने जन घोषणा पत्र में 10 दिन में किसानों का कृषि लोन माफ करने का वादा किया था

दौसा के किसान कजोड़ मीना की आत्महत्या, जमीन नीलामी ट्वीट के बाद निरस्त

डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने मुख्यमंत्री को लिखे ज्ञापन में कहा कि दौसा में एक किसान कजोड़ मीना ने अपने खेत में ट्यूबवेल कराने के लिए साल 2017-18 में 3 लाख 87 हजार रुपए का लोन लिया। ब्याज समेत वह लोन अब करीब 7 लाख रुपए का हो गया है। बैंक के अधिकारी-कर्मचारियों के बार-बार तकाजा करने से तंग आकर रामगढ़ पचवारा के किसान कजोड़ मीना ने 26 अक्टूबर 2021 को आत्महत्या कर ली। इसके बावजूद 18 जनवरी को बैंक कर्मियों और राजस्व अधिकारियों ने मिलकर पूरी 15 बीघा जमीन,जिसकी डीएलसी रेट करीब 75 लाख रुपए और मार्केट रेट 1 करोड़ है, उसे 46 लाख में ही नीलाम कर दिया। 7 लाख के लोन के लिए पूरी जमीन नीलाम कर दी गई। अखबार में विज्ञप्ति नहीं दी। किसानों को भी नहीं बुलाया। कानून ताक पर रखकर ऐसा किया गया।

डॉ मीणा ने कहा कि उनके ट्वीट के बाद आनन फानन में 19 जनवरी को जमीन नीलामी को रद्द कर दिया। जिससे स्पष्ट है कि नीलामी अवैध थी। उन्होंने ऐसे कई उदाहरण देते हुए जन घोषणा पत्र के मुताबिक किसानों के लोन माफ करने, प्रदेशभर में किसानों की जमीनों की नीलामी निरस्त करने, जमीन नीलामी पर तुरंत रोक लगाने, किसान कजोड़ मीना को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले बैंककर्मियों और राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही करने, करोड़ मीना का पूरा कर्जा माफ करने, उसके परिवार को 25 लाख रुपए का आर्थिक पैकेज देने की मांग रखी है। किसानों की 5 एकड़ से कम जमीन को नीलाम नहीं करने की भी मांग उठाई है।

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