आखिर शिक्षा मंत्री डॉ कल्ला को क्यों कहा चोर……..

तहलका न्यूज,बीकानेर। महापौर-नगर निगम आयुक्त विवाद को लेकर सावन के मौसम में मामला ओर गर्म होता जा रहा है। एक ओर महापौर समर्थक रैली निकाल कर डॉ कल्ला को अपशब्द बोल रहे है। वहीं कांग्रेसी पार्षद महापौर को भ्रष्ट बताते हुए इस्तीफा मांग रहे है। ऐसे में सावन में बारिश के झड़ी के बीच आरोप प्रत्यारोप की बाढ़ सी आ गई है। महापौर-नगर निगम आयुक्त विवाद को लेकर चल रहा धरने के पांचवें दिन महापौर ने कुछ पार्षदों व उनके समर्थकों के साथ तिरंगा रैली निकाली। कलेक्ट्रेट के चारों तरफ निकाली गई इस रैली के दौरान निगम आयुक्त के साथ शिक्षा मंत्री डॉ बीडी कल्ला के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। रैली में ‘गली गली में शोर है, बीडी कल्ला चोर है व बीकानेर का एक ही दल्ला, बीडी कल्ला बीडी कल्ला, जैसे नारों का प्रयोग किया गया। वहीं कलेक्ट्रेट पहुंची रैली ने बेरिकेट्स तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों तरफ से जोर आजमाईश भी हुई। पुलिस बल प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जोर लगाते रहे तो वहीं प्रदर्शनकारी अंदर घुसने का प्रयास करते रहे। यहां तक कि लाठी भी दिखानी पड़ी। बाद में दो तीन जनों द्वारा अंदर जाकर कलेक्टर को ज्ञापन देने पर सहमति बनी। बताया जा रहा है कि ज्ञापन में नगर निगम आयुक्त गोपालराम से माफी मंगवाने की मांग की गई है। वहीं आयुक्त को बदलने की मांग अब भी बरकरार है।बता दें कि निगम आयुक्त पर बीकानेर की जनता को बैकवर्ड कहने का आरोप है। महापौर ने चैट के स्क्रीनशॉट दिखाए थे। जबकि निगम आयुक्त ने स्क्रीनशॉट फर्जी बताए।
महापौर से मांगा इस्तीफा,
तहलका न्यूज,बीकानेर। महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित द्वारा शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला के खिलाफ अपशब्द बोलने के विरोध में पार्षद अंजना खत्री सहित अनेक पार्षदों ने पवनपुरी में पुतला फूंककर विरोध जताया। खत्री ने कहा कि सुशीला कंवर शिक्षा मंत्री कल्ला को चैलेंज करने की बात कर रही है। मैं सुशीला कंवर को खुला चैलेंज करती हूं कि यदि आपने करप्शन नहीं किया है तो आप अधिकारियों को क्यों बार-बार बदलाती हो। अगर वो दस फाइलों की बात करती है तो उन्हें तुरंत प्रभाव से खोलकर सच जनता के सामने लाएं। तब मानेंगें कि आप चैलेंज करती है। महापौर ने गौशाला संचालकों का भुगतान क्यों रोक रखा है। पट्टों को नियमों के बाहर जाकर बनाने का दबाव क्यों बनाया जा रहा है। अगर महापौर द्वारा किये गये भ्रष्टाचारों की जांच करवावें फिर जनता को प्रमाण पत्र दिखाएं। खत्री ने कहा कि महापौर बौखला गई है इसलिये ऐसे अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रही है। उन्हें तो नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए,क्योंकि उनसे जनता के काम नहीं हो रहे है।
नुकसान भोग रही जनता
राजनीतिक द्वंद्वता का खामियाजा आखिर जनता को ही भोगना पड़ रहा है। हालात यह है कि बारिश ने पूरे शहर की सूरत को बिगाड़ दिया है। जिसको सुधारने के लिये जनता ने जिन प्रतिनिधियों को शहर के सरकार की बागडोर संभलवाई। वे खुद अपनी प्रतिष्ठा को बचाने के लिये जनता की भावनाओं से खेल रहे है। शहर के अनेक इलाकों में जलभराव के हालात है। लेकिन सुध लेने वालों कोई नहीं है। ऐसे में अब जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है।

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