आखिर क्यों फूटा बालवाहिनी संचालकों का गुस्सा,जाने वजह

तहलका न्यूज,बीकानेर। जिला प्रशासन की स्कूल बालवाहिनी के खिलाफ अनैतिक तरीके से कार्यवाई के खिलाफ अब बालवाहिनी संचालक लामबद्व होने शुरू हो गये है और जिला प्रशासन के इस कदम के खिलाफ आवाज बुलंद करने लगे है। जिसके चलते आज बालवाहिनी संचालकों ने प्रदर्शन व पुतला दहन कर अपनी भड़ास निकाली। बालवाहिनी यूनियन इंटक ने हेमन्त किराडू के नेतृत्व में जिला कलक्टर कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर विरोध जताया गया। तो शाम को भारतीय जनता वाहन चालक मजदूर महासंघ ने भवानी शंकर व्यास की अगुवाई में कोटगेट के बाहर पुतला फूंककर विरोध दर्ज करवाया। प्रदर्शन करने वाले बालवाहिनी संचालकों ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस वसूली कर रही है। अगर उस फीस से प्रत्येक बच्चों को वाहन के लिए सब्सिडी दी जाए तो बालवाहिनी चालक सीमित सवारी बैठाने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं। उन्होनें संभागीय आयुक्त से स्कूल प्रबंधकों को पाबंद करने की गुहार लगाई है। प्रदर्शन करने वालों में ऑटो यूनियन इंटक के हेमन्त किराडू,अनिल चौधरी,एडवोकेट बजरंग छीपा,अनिल मारु ,ललित सुथार, दीपक तंवर सहित सैकड़ों बालवाहनी चालक मौजूद रहे। बाद में जिला कलक्टर को दिए ज्ञापन में आग्रह किया कि कोरोना काल से ग्रसित वाहन चालकों को कागजात कंप्लीट कराने के लिए एक महीने का समय दिया जाए। पेट्रोल डीजल सीएनजी की कीमत और टैक्स अधिक इससे वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान होने की बात कही। कोटगेट पर  भारतीय जनता वाहन चालक मजदूर महासंघ ने प्रशासन का पूतला फूका प्रदेश अध्यक्ष भवानी शंकर व्यास के नेतृत्व मे सैकडो बाल वाहीनी चालक जमा हुए जंहा उन्होंने प्रशासन का पुतला फूंका इस मौके पर व्यास ने कहा की परिवहन विभाग वाहन चालक का लाईसेंस बनाते समय बैच के लिए 200 रूपए का शुल्क जमा करवाकर लाईसेंस के पीछे आउट आँफ स्टाँक लिखकर वाहन चालको को लाईसेन्स थमा दिया जाता है जो बिना बैच के वृद्धि नियमाविरुद है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.