एसीबी के एडीजी ने खुलकर जनता के सवालों के दिए जबाब,विभाग की कमियों को भी स्वीकारा

तहलका न्यूज,बीकानेर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सरकारी दफ्तर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों को आवाज उठाने और जागरूक करने के लिए नवाचार के रूप में जनसंवाद कार्यक्रम शुरू किया है। इसके जरिए प्रमुख लोगों से चर्चा कर भ्रष्टाचार की लड़ाई में आगे आने की अपील की गई। साथ ही जमीनी हकीकत जानने की भी कोशिश की गई। रविन्द रंगमंच में एसीबी के महानिदेशक बीएल सोनी जिले के प्रबुद्वजनों व आमजन से संवाद किया गया। जनसंवाद के दौरान लोगों ने सरकारी विभागों में प्रमुख रूप से रजिस्ट्रार विभाग, खनिज विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस, रसद विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग, पंचायतीराज,नगर निगम में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार होने की बात कही। मीटिंग में लोगों ने शहर में अतिक्रमण की शिकायत के बाद भी नहीं हटाने, रजिस्ट्री में दलालों के मार्फत वसूली, अवैध खनन, बजरी परिवहन वसूली, सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के क ारण पेंडेंसी, नामांतरण व नकल लेने में और सरकारी अधिकारियों के भ्रष्टाचार के बारे में बताया। इस दौरान एसीबी के एडीजी बी एल सोनी ने कहा कि कहीं भ्रष्टाचार हो तो खुलकर बेहिचक बताएं। सोनी ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन नंबर 1064 के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ये हेल्पलाइन नंबर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं। भ्रष्टाचार के विरुद्ध ग्रामीण स्तर पर लोगों को ज्यादा जागरूक करने की जरूरत है।जनसंवाद में प्रबुद्धजनों, वरिष्ठ नागरिकों के अलावा एनजीओ, वन्य जीव सुरक्षा समिति, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। मीटिंग में लोगों ने सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार के अनुभव बताए और सुझाव भी दिए। इससे पहले एसीबी के एसपी देवेन्द्र विश्नोई ने संवाद के महता पर प्रकाश डाला।
भ्रष्टाचार नहीं बढ़ा, लोगों में बढ़ी है जागरूकता
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण वाजिब हकदार को उसका हक नहीं मिलता और कोई ओर ले जाता है. आमजन कि ओर से दिये गये टैक्स से हमें वेतन मिलता है और हम सुविधाएं भोगते हैं, जिससे आमजन के लिए हमारी जिम्मेदारी बन जाती है कि जनता का कोई भी काम बिना रिश्वत दिए हो. उन्होंने आमजन से अपील भी की कि वे बिना हिचक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और भ्रष्टाचार के विरूद्ध हमारे पास आएं। डॉ. सोनी ने आदिवासी क्षेत्रों में भ्रष्टाचार के विरूद्ध जागरूकता में लोगों में कमी को स्वीकारते हुए कहा कि हमने उन क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाएं है और अब ब्यूरो गांवों को गोद लेकर इस अभियान को और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएगा। डिजिटल भ्रष्टाचार को भी उन्होंने गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने भ्रष्ट अधिकारियों को सजा में देरी के सवाल को स्वीकार भी किया। साथ ही बताया कि इन मुकदमों की पैरवी के लिए पहले न्यायालय में हमारा एक हेड कांस्टेबल होता था लेकिन अब हमने प्रत्येक न्यायालय में उप निरीक्षक स्तर के अधिकारी को लगाया है. उनका दावा था कि मेरे कार्यकाल में जहां सजा का रेसो 70 प्रतिशत है। वहीं हमने 2021 में 784 लम्बित मामलों को भी निस्तारित किया है।
ट्रैप के बाद भी सहयोग
सोनी ने बताया कि आमतौर पर ट्रैप की कार्रवाई में पीडि़त पक्ष के रुपए फंस जाते हैं। अदालत से निर्णय होने के बाद ही उसे रुपए वापस दिए जाते हैं। निर्णय होने में सालों लग जाते हैं। ऐसे में गरीब आदमी दस हजार रुपए देकर परेशान नहीं होना चाहता। उसके लिए ये बड़ी राशि है। अब एसीबी ने गरीब आदमी को तुरंत रुपए लौटा रहा है। कानूनी प्रक्रिया के बाद रुपए कोर्ट से मिलने पर वो सरकार को वापस दे देता है।
आला अधिकारी रहे मौजूद
संवाद कार्यक्रम में बीकानेर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक देवेंद्र बिश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनिया सहित कई आला अधिकारी मौजूद थे। नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष महावीर रांका, वरिष्ठ अधिवक्ता ओ.पी. हर्ष, एमजीएसयू के उप कुल सचिव बिट्‌ठल बिस्सा आदि ने भी सवाल किए।

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