पैदल पद यात्रा में श्रद्धा का उमड़ा सैलाब

तहलका न्यूज,बीकानेर। आचार्य श्री महाश्रमण जी अपनी धवल सेना के साथ ज्यों ज्यों  आचार्य तुलसी की निर्वाण भूमि गंगाशहर  की तरफ बढ़ रहें हैं।  श्रद्धालुओं में अद्भुत उल्लास जागृत हो रहा है। गंगाशहर  तेरापंथी सभा ,युवक परिषद्  व  किशोर मंडल के कार्यकर्ता पैदल  यात्रा में शामिल हो रहें है।  आज भी सलूंडिया से नोखा तक की पैदल यात्रा में गंगाशहरवासी छाये हुए थे। उल्लेखनीय है कि  गंगाशहर  तेरापंथी सभा  ने सरदारशहर से ही अपने दायित्व के प्रति सजग होकर सम्पूर्ण व्यवस्थाओं को अंजाम दे रही है।  सरदारशहर से ही प्रतिदिन पैदल यात्रा में युवक , किशोर व प्रौढ़ शामिल हो रहें हैं।  मार्ग सेवा व्यवस्था में चौके की व्यवस्था प्रथम बार  पूर्ण जोश  व सेवा भावना से जारी है।  इस सेवा में प्रतिदिन श्रावक – श्राविकाएं शामिल हो इसके लिए शानदार  व्यवस्था की गयी है।युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के मोरखाणा प्रवास पर  ज्यादा से ज्यादा दर्शनार्थी पहुंचे थे जिसके लिए  तेरापंथी सभा , गंगाशहर के संयोजन में गंगाशहर से 8  बसों को मोरखाणा के लिए सभा अध्यक्ष  ने तेरापंथ भवन पहुँच कर रवाना किया।   बसों की व्यवस्था में , रास्ते की सेवा व्यवस्था में तथा मार्ग सेवा में  गोचरी की व्यवस्था में लगें सभी कार्यकर्ताओं का  उत्साह देखने लायक है, सभा अध्यक्ष अमर चन्द सोनी ने अपील करते हुए कहा है कि सेवा के विभिन्न आयामों से अवश्य जुड़ें। आयोजन प्रभारी जैन लूणकरण छाजेड़ ने कहा कि श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा गंगाशहर को तन-मन-धन से सहयोग देकर इस अवसर का लाभ अवश्य उठायें।  आचार्य प्रवर के प्रवास के संदर्भ में सभी  सेवाकार्यों में सहयोगी बनें । सभी आयोजनों में  व प्रवेश जुलुस में शामिल होकर अपनी सक्रियता का परिचय देवें।तेरापंथी सभा, गंगाशहर द्वारा आयोजित हुयी  आम सभा में लोगों का उत्साह भी बोल रहा था। मंत्री रतनलाल छलाणी ने कहा कि बड़े सौभाग्य से क्षेत्र को आचार्यों का प्रवास प्राप्त होता है। हम सौभाग्यशाली है.तेरापंथ सभा के मार्ग सेवा प्रभारी  प्रकाश भंसाली के नेतृत्व में चल रही इस सेवा में महिलाएं व पुरुष बढ़ चढ़ कर भाग ले रहें है।  प्रतिदिन सुबह 5 बजे गंगाशहर से सेवादल प्रस्थान करके गंतव्य स्थल तक पहुंचते हैं।  पुरे दिन अपनीसेवा देकर सायं सूर्यास्त के बाद गंगाशहर की तरफ लौट आतें हैं।  पद यात्रा संयोजक रोहित बैद ने बताया कि प्रतिदिन पैदल विहार में भाग लेने हेतु कार्यकर्ताओं  की टोली बस द्वारा तड़के गुरु  सेवा में पहूंच जाती है। अब तक 245  किमी. पूज्यप्रवर तथा 110  किमी. से अधिक अन्य साधु साध्वियों की पदयात्रा सेवा की जा चुकी है। बस व्यवस्था संयोजक मनोहरलाल नाहटा व नवरतन बोथरा  ने बताया कि श्रद्धालुओं को गुरू दर्शन  व प्रवचन के लाभ हेतु सरदारशहर से ही बस सेवा प्रारम्भ की गई है। अभी तक 21  बसों के माध्यम से श्रद्धालुओं को दर्शनार्थ  भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि 5 जून रविवार को नोखा हेतु बसे प्रातः 7.30 बजे तेरापंथ भवन गंगाशहर से बसें रवाना होगी। आवास व्यवस्था संयोजक जतन संचेती ने आगंतुकों के आवास व्यवस्था संबंधी जानकारी दी कि गुरूदेव की दर्शन -सेवा हेतु आने वाले अतिथियों को एक अच्छी आवास व्यवस्था देने हेतु हम संकल्पित है। इसके लिए गंगा शहर में स्थित अतिथि भवनों को आवास व्यवस्था हेतु रिजर्व किया गया है। जुलुस व्यवस्था प्रभारी पीयूष लूणिया ने 14 जून को स्वागत जुलुस के संबंध में जानकारी देते हुए बताया की सुबह लालकोठी से आचार्य प्रवर 6 . 46  बजे विहार करेंगे तथा जुलुस जेलरोड से प्रारम्भ होकर तेरापंथ भवन पहुंचेगा तथा कहा कि अनुशासित जुलुस ही हमारी पहचान बनेगी। सभी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं, सदस्यों को जुलुस के लिए तय की गयी ड्रेस व संस्था गणवेश  में पहूंचने का आह्वान किया। भोजनालय प्रभारी डालचन्द भूरा ने बताया कि रामपुरिया भवन में भोजनालय संचालित किया जाएगा। तेरापंथीसभा के अध्यक्ष अमरचन्द सोनी ने कहा कि युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के प्रवास को लेकर सभी लोगों में गजब का उत्साह है। तेरापंथी सभा, महिला मंडल, युवक परिषद्, किशोर  मंडल, कन्या मंडल, अणुव्रत समिति, प्रोफेशनल फोरम, ज्ञानशाला सहित सभी संस्थाओं के कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं । उन्होंने सभी से तन-मन-धन से सहयोग देने के लिए आह्वान किया। उपस्थित लोगों ने सक्रिय सहयोग देने की घोषणा की। सभा में जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के संरक्षक जैन लूणकरण छाजेड़, तेरापंथ सभा गंगाशहर के  परामर्शक विमल चोपड़ा , पदम् दफ्तरी , विजय डागा , पूर्व महापौर नारायण चोपड़ा, उपाध्यक्ष नवरतन बोथरा, संगठन मंत्री जतन छाजेड़ , महिला मंडल पूर्व अध्यक्ष मंजू आंचलिया, उपाध्यक्ष संजू लालाणी, मंत्री कविता चोपड़ा , युवक परिषद् अध्यक्ष विजेन्द्र छाजेड़, मंत्री देवेन्द्र डागा सहित अनेक गणमान्य लोगों ने इस प्रवास को ऐतिहासिक बनाने के लिए हर संभव कोशिश करने के प्रयास में जुट गए हैं।तथा  सभी ने तन – मन – धन से सहयोग दे रहें हैं।

 

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