राजस्थान में कई दिनों तक चलेगा शीतलहर का दौर:22 जिलों में गिरा तापमान, सर्दी बढ़ी; जहां बारिश ज्यादा, वहां उतना कोहरा

राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते हुई बारिश के बाद अब 24 घंटे में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। प्रदेश के 22 शहरों के न्यूनतम तापमान में भारी कमी आई है। खासकर पूर्वी राजस्थान के जिलों में तापमान में गिरावट महसूस की गई है। राज्य में पिछली चार जनवरी से शुरू हुआ बारिश का दौर थम गया, लेकिन अब शीतलहर का दौर कई दिनों तक चल सकता है। ऐसे में न सिर्फ फसलों पर पाला पड़ सकता है। रात के तापमान में जबर्दस्त गिरावट का दौर शुरू हो गया है। इस बीच जयपुर के पावटा में 88 एमएम बारिश ने जनवरी महीने में रिकाॅर्ड बना लिया है। मंगलवार को बीकानेर में महज पांच डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान के अलवर, भरतपुर, झुंझुनूं, सीकर में आज से घना कोहरा व शीतलहर रहेगी। यहां येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं,पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरू, हनुमानगढ़, नागौर में घने कोहरे के साथ शीतलहर की आशंका है। चूरू से सटे सीकर के कुछ हिस्सों में भी शीतलहर रहेगी, जबकि नागौर से सटे जोधपुर व अजमेर के कुछ हिस्सों में भी घना कोहरा व शीतलहर रह सकती है। मौसम विभाग ने 13 जनवरी तक किसानों को शीतलहर से फसलों को बचाने की अपील की है। इसके अलावा राज्य के अधिकांश हिस्सों में ड्राई रहेगा यानी धूप की तल्खी देखने को मिल सकती है।

मौसम विभाग के कार्यकारी निदेशक हिमांशु शर्मा का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस आता है। तापमान में बढ़ोतरी होती है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस की बारिश के बाद आसमान साफ हो जाता है। आसमान में प्रदूषण के जो कण होते हैं। वो बारिश में नीचे गिर जाते हैं। ऐसे में तापमान गिरने के साथ ही मौसम में धुंध व कोहरा अपना प्रभाव दिखाता है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण जितनी ज्यादा बारिश होगी, उतना ही घना कोहरा होगा। पिछले दिनों जयपुर में बारिश ज्यादा हुई तो कोहरा भी ज्यादा था।

 

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