खुलेआम चल रहीं साइबर बुलिंग साइट्स:इंस्टाग्राम से चुराते हैं तस्वीरें, करते हैं अश्लीलता, लड़कियां रिपोर्ट करने से लेकर कार्रवाई के लिए होती है सिर्फ परेशान

देश में इस समय हर अखबार, न्यूज चैनल और न्यूज एप में आप एक ही नाम सुन रही होंगी ‘बुली बाई’। यह एक ऐसी साइट है जहां मुस्लिम महिलाओं की फोटो के साथ छेड़खानी कर उनकी बोली लगाई जाती थी। महिलाओं की इजाजत के बिना उनकी फोटो का इस्तेमाल कर यह साइट ऐसी फोटोज को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे कि ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी शेयर करती थी, ताकि लड़कियों को बदनाम किया जा सके। फिलहाल, इस साइट को चलाने वाले मास्टरमाइंड पुलिस की गिरफ्त में हैं। वह भी तब जब यह मामला देशभर में काफी चर्चा में आ गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक आम लड़की के लिए साइबर क्रिमिनल्स से निपटना कितना मुश्किल है। खासकर भारत में साइबर अपराधियों को पकड़ने की बात की जाए तो यहां शिकायत दर्ज कराने से लेकर अपराधी को पकड़ने तक के लिए कोई सिस्टम ही ठीक से तय नहीं किया गया है।

भास्कर वुमन की टीम ने साइबर बुलिंग का शिकार हुई महिला से बातचीत कर जाना कि आखिर वह किस ट्रॉमा से गुजरती हैं और इसके खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें कितने दिन में इंसाफ मिल पाता है। आगे की रिपोर्ट में पढ़िए साइबर बुलिंग को लेकर देश के कानून पर क्या है साइबर एक्सपर्ट की राय।

हैकर्स ने डेटिंग साइट पर डाल दी थी फोटो, भद्दे कमेंट्स पढ़कर कई महीने तक ट्रॉमा में रही;
बतौर एयर हॉस्टिस एक एयरलाइंस में काम करने वाली शिखा (बदला हुआ नाम) बताती हैं कि 2020 की शुरुआत में उनकी दोस्त के बताने पर पता चला कि उनके सोशल मीडिया एकाउंट पर अपलोड सभी फोटोज एक डेटिंग साइट पर इस्तेमाल की जा रही हैं। इस साइट पर एक तरफ लड़की की फोटो लगाई जाती थी और दूसरी तरफ एक लड़के की। फोटो पर लिख दिया जाता था कि क्या आप इनसे दोस्ती करना चाहते हैं तो यहां दिए गए नंबर पर संपर्क करें।
शिखा कहती हैं कि उनके इंस्टाग्राम पेज की हर फोटो को हैकर्स ने इस्तेमाल किया था। हालांकि उन फोटो के साथ कोई छेड़खानी नहीं की गई, लेकिन मेरी मर्जी के बिना फोटो का इस्तेमाल कर मेरी पहचान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था और वह डेटिंग साइट इस तरह से अपने फॉलोवर्स की संख्या बढ़ा रही थी। यह बात मुझे बिलकुल सही नहीं लगी, आखिर कोई मेरी मर्जी के बिना फोटोज कैसे इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन इस घटना के बाद जो हुआ वह मुझे और भी परेशान कर देने वाला था।

मेरे फ्रैंड्स मुझसे पूछते थे कि क्या तुम उस डेटिंग साइट पर हो और हर बार मुझे ऐसे समझाना पड़ता था जैसे मानो यह सब मेरी ही गलती हो। यहां तक कि उस डेटिंग साइट से मुझे ढूंढते हुए कुछ लोग मेरे सोशल मीडिया एकाउंट के मैसेज बॉक्स तक पहुंच गए थे और वहां आकर भद्दे कमेंट्स और मैसेज करते थे। यह देख मैं कई दिन ट्रॉमा में रही, एक समय पर मुझे अपने सभी सोशल मीडिया एकाउंट्स बंद करने पड़े ताकि यह सिलसिला खत्म हो सके।

ऐसी डेटिंग साइट की शिकार सिर्फ शिखा ही नहीं हुई बल्कि उनकी जितनी भी फीमेल फ्रेंड्स थी उन सभी की फोटोज भी डेटिंग साइट पर खुलेआम इस्तेमाल की जा रही थीं। इसलिए सभी लड़कियों ने सबसे पहले इंस्टाग्राम पर इसकी शिकायत दर्ज कराई। साइट पर शादीशुदा महिलाओं की फोटोज तक लगाई गई थी।\

 

 

 

पुलिस में की शिकायत, दो साल से अपराधी के पकड़े जाने का कर रहीं इंतजार
शिखा कहती हैं कि जैसे ही यह घटना हुई तो उन्होंने सबसे पहले घरवालों को इस बारे में बताया। पेरेंट्स की मदद से दिल्ली के साइबर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई, क्योंकि उस समय दोषी का नाम नहीं पता था तो सिर्फ वेबसाइट के नाम पर लिखित शिकायत देकर आई, लेकिन पुलिस ने इस मामले में तुरंत एफआईआर नहीं की थी। कुछ दिन बीत जाने के बाद जब और भी लड़कियां यहां शिकायत करने पहुंची तब जाकर एफआईआर दर्ज हुई। इस बात को भी अब दो साल बीत चुके हैं लेकिन आजतक वह अपराधी नहीं पकड़ा गया।

अब इतना सब होने के बाद शिखा कहती हैं कि वह वापस अपनी लाइफ में व्यस्त हो गई हैं, हालांकि यह अभी भी नहीं जानती कि कितनी डेटिंग साइंट्स पर आज भी उनकी फोटोज इस्तेमाल हो रही होंगी, क्योंकि इसे चेक करने का न उनके पास कोई तरीका है और न ही शिकायत करने पर आजतक उन्हें कोई इंसाफ मिल सका।

साइबर बुलिंग होने पर महिलाएं इस तरह कर सकती हैं शिकायत
ऑनलाइन बुलिंग के विषय पर बात करते हुए सेंटर फॉर रिसर्च ऑन साइबर क्राइम एंड साइबर लॉ के चेयरमैन अनुज अग्रवाल ने बताया कि अगर किसी महिला का ऑनलाइन शोषण हो रहा है तो उनके पास शिकायत करने के लिए यह तरीके मौजूद हैं।
1 – जिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तीजनक फोटो अपलोड की गई है, उसी प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट कर सकती हैं।
2 – नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकती हैं। ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने के बाद उसे महिला के पते के अनुसार स्थानीय पुलिस थाने पर आगे कार्रवाई के लिए भेज दिया जाता है।
3 – महिला खुद अपने नजदीकी थाने पहुंचकर महिला सेल में शिकायत दर्ज करा सकती हैं, या फिर जिले के महिला थाने में भी शिकायत लिखवा सकती हैं।

 

सरकार के सिस्टम में ही दिक्कत तो कैसे कसेगी नकेल
फिलहाल जो सिस्टम बना हुआ है उसमें महिलाओं के खिलाफ हो रहे साइबर अपराध को रोकने पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। यही कारण है कि बुली बाई और सुल्ली डील्स जैसी साइट्स खुलेआम चल रही हैं। साइबर एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल का कहना है कि ऑनलाइन बुलिंग रोकने के लिए दो से तीन स्तर पर काम होना बेहद जरूरी है।

1 – शिकायत दर्ज कराना हो और भी आसान – जिन महिलाओं को हैकर्स परेशान कर रहे हैं, वह उसके लिए महिला हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकें। सभी राज्यों की महिला हेल्पलाइन पर जो ऑपरेटर तैनात है वह महिलाओं की साइबर बुलिंग और साइबर शोषण से संबंधित शिकायत को रिपोर्ट करें। इससे महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया आसान होगी।

2 – साइबर शिकायतों पर पुलिस गंभीरता से करे काम – अगर महिला एक बार को हिम्मत कर शिकायत दर्ज करा भी ले लेकिन उसकी समस्या वहीं खत्म नहीं होती, क्योंकि पुलिस उनकी शिकायत पर तुरंत एक्शन नहीं लेती। महिला लिखित शिकायत पुलिस थाने में देती है तो पुलिस पहले उसकी जांच करती है कि क्या शिकायत सही है या नहीं। वहीं एफआईआर दर्ज करते समय महिला से पूछते हैं कि दोषी का क्या नाम है, जबकि ज्यादातर महिलाओं को इसके बारे में जानकारी नहीं होती। ऐसी स्थिति में पुलिस अज्ञात के नाम भी एफआईआर दर्ज कर सकती है लेकिन अगर शिकायतकर्ता को यह बात नहीं पता तो पुलिस कई बार इसका फायदा उठाती है और महिला को वापस भेज देती है।

साइबर सेल की बात की जाए तो वह ज्यादातर समय फाइनेंशियल फ्रॉड के केस को सुलझाने में ध्यान लगाते हैं। महिलाओं के खिलाफ हो रहे साइबर अपराध उनकी प्रायरिटी लिस्ट में शामिल नहीं होते। यही कारण है कि महिला शिकायत करके चली जाती है और पुलिस सालों तक क्रिमिनल का आईपी एड्रेस तक नहीं निकाल पाती।

3 – साइबर बुलिंग पर सख्त हो कानून – अगर आज के समय में साइबर लॉ की बात की जाए तो महिलाओं की सुरक्षा के लिए सिर्फ एक या दो ही सेक्शन है, इन सभी में आसानी से बेल मिल जाती है इसलिए अपराधियों को इसका डर नहीं रहता। बहुत कम मामलों में दोषी पकड़े जाते हैं और सजा काटते हैं।

फिलहाल सेक्शन 354डी के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी भी ऑनलाइन माध्यम से महिला की स्टॉकिंग करता है तो उसके खिलाफ इस धारा में केस दर्ज किया जाएगा। चाहे वह व्यक्ति ई-मेल, इंटरनेट या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में कम्यूनिकेशन कर रहा हो उसे अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। इसके तहत पांच साल तक की जेल हो सकती है। दूसरा आईपीसी की धारा 509 के तहत अगर कोई व्यक्ति अपने शब्दों, इशारों या हरकतों से महिला को अपमान महसूस करा रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाही की जाएगी। अगर कोई अश्लील कंटेंट को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पब्लिश कर रहा है तो महिलाएं आईटी एक्ट के सेक्शन 67 के तहत भी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इसमें आरोपी को तीन साल की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगता है।

सरकार इन कानूनों को सख्ती से पालन करा सकती है, साथ ही साइबर बुलिंग करने वालों के खिलाफ अलग कानून ला सकती है, इससे महिलाओं को काफी राहत मिल सकती है। साथ ही साइबर क्राइम पर भी लगाम लग सकता है।

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